राजस्थान में आगामी 9 और 11 सितंबर को प्रदेश की 309 निकायों के लिए मतदान होगा. निकाय चुनाव जीतने के लिए सभी प्रमुख पार्टियां अपनी तैयारियों में जुटी हैं. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर नगर परिषद क्षेत्र की मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के आयुक्त व मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव को पत्र लिखकर तथा दूरभाष पर वार्ता करके तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है.
सांसद बेनीवाल ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि नागौर नगर परिषद के वार्ड संख्या 60, 26, 29, 30 एवं 37 सहित कई अन्य वार्डों में 21 अगस्त 2026 के बाद सैकड़ों नामों को नियम विरुद्ध तरीके से जोड़ा गया तथा कई पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए. सांसद बेनीवाल ने आरोप लगाया कि संबंधित आरओ, अधिकारियों एवं कार्मिकों पर धनबल तथा एक दल विशेष के प्रभाव में काम करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं.
सांसद बेनीवाल ने कहा कि मतदाता सूची में हेरफेर लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है. यदि किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पात्र मतदाताओं के नाम हटाकर अपात्र लोगों के नाम जोड़े गए हैं तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
सांसद ने आयोग के समक्ष यह भी शिकायत रखी कि कुछ मामलों में बिजली के फर्जी बिल एवं अन्य संदिग्ध दस्तावेज तैयार कर अथवा उनमें डिजिटल/AI माध्यम से हेरफेर करके उन्हें मतदाता सूची में नाम जोड़ने के आधार के रूप में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है. उन्होंने इन दस्तावेजों की मूल स्रोत से सत्यता की जांच तथा आवश्यक होने पर तकनीकी जांच करवाने की मांग की है.
सांसद बेनीवाल ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की कि 21 अगस्त के बाद मतदाता सूची में किए गए सभी संशोधनों का वार्डवार एवं नामवार ऑडिट करवाया जाए तथा संदिग्ध रूप से जोड़े और हटाए गए नामों का भौतिक सत्यापन करवाया जाए. इसके साथ ही पूरे मामले की जांच ऐसे वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी अथवा जांच दल से करवाने की मांग की, जो वर्तमान निर्वाचन प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ न हो. यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, आरओ अथवा अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
सांसद बेनीवाल ने कहा कि निकाय चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से होना चाहिए. मतदाता सूची में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप, धनबल अथवा प्रशासनिक मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निर्वाचन आयोग को तत्काल कार्रवाई कर मतदाता सूची की शुचिता एवं आम मतदाता के लोकतांत्रिक अधिकार को सुनिश्चित करना चाहिए. बेनीवाल ने इस संदर्भ में जिला निर्वाचन अधिकारी, नागौर को भी पत्र भेजा.














