‘मुकेश सहनी दो करोड़ में मुझे बेच रहे थे टिकट’ बीजेपी के पूर्व विधायक ने लगाया आरोप

बनियापुर के पूर्व विधायक ने जड़े वीआईपी के अध्यक्ष पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप, थामा लोजपा का हाथ, वीआईपी नेताओं ने किया आरोपों का खंडन, कहा- टिकट न मिलने पर फ्रस्टेट हो गए हैं

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Tarkeshwar Singh Vs Mukesh Sahani
Tarkeshwar Singh Vs Mukesh Sahani

Politalks.News/Bihar. चुनाव के समय पैसे लेकर टिकट बांटने के आरोप कोई नए नहीं हैं लेकिन अगर एक ही गठबंधन के नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हों तो सोचने की बात तो है. ऐसा ही कुछ हुआ बुधवार को जब एनडीए गठबंधन में शामिल हुई विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के मुखिया मुकेश साहनी पर सहयोगी पार्टी बीजेपी के पूर्व विधायक ने दो करोड़ रुपये में टिकट बेचने का आरोप लगाया. बनियापुर से भाजपा के पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह के अनुसार, भाजपा ने उनका टिकट काट वीआईपी को सीट दे दी और मुकेश सहनी से मिलने को कहा. मिलने गए तो घूम-फिर कर दो करोड़ रुपए मांगे गए.

हालांकि वीआईपी के नेताओं ने आरोपों का खंडन करते हुए पूर्व विधायक से कभी न मिलने की बात कही. बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने कोटे से वीआईपी को 11 सीटें दी हैं. भाजपा से नाराजगी और वीआईपी पर इस आरोप के बाद तारकेश्वर सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का दामन थाम लिया है.

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मामले का खुलासा करते हुए पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह ने बताया कि बीजेपी के बड़े नेताओं की सहमति लेकर वें बनियापुर विधानसभा से चुनाव की तैयारी में जुट गए. ऐन वक्त पर बनियापुर विधानसभा सीट वीआईपी को दे दी गई. फिर यह तय किया गया कि तारकेश्वर सिंह को वीआईपी से चुनाव लड़ाया जाए. इसके बाद तारकेश्वर सिंह वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी से मिलने को बोला.

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तारकेश्वर सिंह कहते हैं, जब मैं मुकेश सहनी से मिलने गया तो सहनी ने मुझसे टिकट के बदले दो करोड़ रुपयों की डिमांड कर दी. आगे पूर्व विधायक ने कहा कि मैं इस तरह का काम नहीं कर सकता था इसलिए लौट आया. लोजपा में शामिल होने के बाद उन्हें बनियापुर से टिकट थमाने का आश्वासन दिया गया है. गौरतलब है कि 2015 चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी रहे तारकेश्वर सिंह 56 हजार वोट लाकर हार गए थे.

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वीआईपी चीफ मुकेश सहनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए तारकेश्वर सिंह ने कहा कि यह लोग जात पात के नाम पर रीजनल पार्टी बना लेते हैं, उसके बाद शोषण करना शुरु कर देते हैं. ये तो नैतिकता की हद है. पूर्व विधायक ने कहा, ‘मान लीजिए हम एक करोड़, दो करोड़, 3 करोड़, 4 करोड़ रुपया देकर टिकट देते हैं और उसके बाद एमएलए बनते हैं तो क्या करेंगे.. चोर ही बनेंगे ना. ब्लॉक लूटेंगे, मिड डे मील लूटेंगे, जो सिस्टम है उसपर अटैक करेंगे.. लेकिन हम लोग उस कल्चर के नहीं है. हम उनको प्रणाम बोल कर चले आए.’ पूर्व बीजेपी नेता ने कहा कि हमने उन्हें कहा दिया था कि ये हमसे संभव नहीं हो सकता है. वे जिसको चाहें टिकट दे दें.

लोजपा के लिए तारकेश्वर सिंह ने कहा कि हम लोजपा के लिए काम करेंगे. लोजपा से चुनाव लड़ेंगे और फिर मजदूरी करेंगे. जो होना होगा वह होगा. हम लोग मजदूर आदमी है तो जिस पार्टी में रहेंगे, उसके लिए मजदूरी करेंगे, परिश्रम करेंगे फिर चाहें परिणाम जो भी हो.

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दूसरी ओर, वीआईपी के नेताओं ने इन आरोपों का पूर्ण रूप से खंडन किया है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने इस बारे में कहा कि आरोप मनगढंत हैं. इस तरह की कोई बात नहीं हुई है. किसी भी तरह से तारकेश्वर सिंह से कोई संपर्क नहीं हुआ है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी से तारकेश्वर सिंह की कभी मुलाकात नहीं हुई है. मिश्रा ने कहा कि टिकट नहीं मिलने के कारण तारकेश्वर सिंह फ्रस्ट्रेशन में हैं इसलिए वह उल-जुलूल आरोप लगा रहे हैं. गौर करने वाली बात ये है कि पूरे मामले में बीजेपी के नेता अभी तक चुप्पी साधे बैठे हैं.

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