Rajasthan: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आज जयपुर में कई मुद्दों को लेकर की प्रेस वार्ता. इस दौरान सांसद हनुमान बेनीवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा मीडिया के सामने उनका सामाजिक बहिष्कार करने को लेकर दिए गए बयान पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. सांसद बेनीवाल ने इस बयान की तीखी निंदा करते हुए कहा कि यह देश संविधान और कानून से चलता है, जहाँ आज के दौर में खाप पंचायतें भी किसी का सामाजिक बहिष्कार नहीं कर सकतीं. ऐसे में सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा इस तरह की बात कहना पूरी तरह से कानूनी मर्यादाओं को लांघना है. सांसद बेनीवाल ने साफ किया कि वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों के संपर्क में हैं और मदन राठौड़ को कानून के दायरे में इसका जल्द ही करारा जवाब देना पड़ेगा. उन्होंने कुचामन में बुनियादी मुद्दों पर जवाब मांगने गए आरएलपी कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई को भी निंदनीय बताया और कहा कि उनके कार्यकर्ता सत्ता की लाठी से डरने वाले नहीं हैं.
'ढाई साल में एक भी पेपर लीक का मगरमच्छ नहीं पकड़ा, 500 गायों की मौत पर भाजपा चुप'
भाजपा की कथनी और करनी पर सीधा हमला बोलते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के समय हुए पेपर लीक, माफियाओं की मनमर्जी और बढ़ते अपराध से परेशान होकर प्रदेश की जनता ने भाजपा को वोट दिया था, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा पूरी तरह बदल गई है. उन्होंने याद दिलाया कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब एक गाय का कंकाल मिलने पर भी पूरे प्रदेश में आसमान सिर पर उठा लेती थी, लेकिन आज जैसलमेर में 500 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है और पूरी भाजपा चुप्पी साधे बैठी है. बेनीवाल ने मीडिया के माध्यम से मदन राठौड़ और भाजपा नेतृत्व से सवाल पूछा कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक माफियाओं को पाताल से भी निकालकर सजा देने का वादा किया था, लेकिन ढाई वर्षों का समय बीत जाने के बाद भी इस सरकार ने एक भी बड़े मगरमच्छ को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा है.
मुख्यमंत्री भजनलाल की तुलना 'कालिदास' से की, लगाया कांग्रेस से साठगांठ का आरोप
वही प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने हनुमान बेनीवाल से मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों को लेकर दिए गए उनके बयानों पर सवाल किया, तो सांसद ने बेहद तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि इतिहास में महाकवि कालिदास का एक किस्सा मशहूर है कि वो जिस डाल पर बैठे थे, उसी को काट रहे थे; आज राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी ठीक उसी भूमिका में हैं, वे जिस पेड़ पर बैठे हैं उसी को काटने में लगे हैं. बेनीवाल ने मुख्यमंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम भजनलाल अंदरखाने कांग्रेस के उन नेताओं से मिले हुए हैं जो विधानसभा में उनके खिलाफ बोलते हैं. उन्होंने कहा कि सूबे में आज अपराध और बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन मुख्यमंत्री को जनता की इन बुनियादी समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है. गायों और साधु-संतों के नाम पर वोट बटोरने वाली भाजपा आज उन्हें पूरी तरह भुला चुकी है.
'राजस्थान में खड़ी हो चुकी है तीसरी ताकत, संतों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे'
वही भैराणा धाम के आंदोलन का जिक्र करते हुए आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कहा कि महापंचायत के बाद जब कार्यकर्ताओं ने जयपुर कूच किया था, तब सरकार अगले दिन ईद के त्यौहार को देखते हुए प्रदेश में सांप्रदायिक विवाद पैदा करने की फिराक में थी, लेकिन हमने सूझबूझ से सरकार के इस मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया. बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि आरएलपी हमेशा भैराणा धाम के आंदोलन में साधु-संतों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. राजनीतिक वजूद पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले चुनाव में आरएलपी के तीन विधायक थे और इस बार भले ही एक भी विधायक न जीता हो, लेकिन हनुमान बेनीवाल ने नई पार्टी बनाकर प्रदेश को यह साफ संदेश दे दिया है कि राजस्थान में 'तीसरी ताकत' खड़ी हो चुकी है और आरएलपी हर मोर्चे पर आम जनता के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी.
मदन राठौड़ के ज्वेलरी बॉक्स पर हनुमान बेनीवाल का हमला, भाजपा से मांगा जवाब, दिया ये बड़ा बयान
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