गहलोत ने की सरकार पर आरोपों की बौछार, कहा- पंचायत-स्थानीय निकाय चुनाव में कामयाब होगी कांग्रेस, बजट से जनता को हुई निराशा

समय पर चुनाव कराना जरूरी, प्रदेश के बजट में पूरे मारवाड़ की हुई उपेक्षा, विकास के जो काम पूरे हो चुके उनको को भी उद्घाटन नहीं कर रही है सरकार, रिफाइनरी का उद्घाटन नहीं होने पर भी उठाये सवाल, बिहार चुनाव में हुई लोकतंत्र की हत्या, AI में राजस्थानियों को बढ़ना चाहिए आगे

जोधपुर दौरे पर आये पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्थानीय निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराने और बजट में जोधपुर-मारवाड़ उपेक्षा करने पर भजनलाल सरकार को निशाना साधा. जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस कामयाब होगी. गहलोत ने कहा कि समय पर चुनाव होना जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट भी कई बार कह चुके हैं कि चुनाव समय पर कराये जाएं. गहलोत ने कहा कि संविधान संशोधन के बाद समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है लेकिन इन्हें बेवजह लंबा खींचा जा रहा है. गहलोत ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद मुझे उम्मीद है कि अब चुनाव कराना ही पड़ेगा.

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प्रदेश के बजट पर गहलोत ने प्रदेश सरकार पर जोधपुर और पूरे मारवाड़ की उपेक्षा करने का आरोप लगाया. गहलोत ने कहा कि मारवाड़ की स्थिति अलग है-जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी, जालौर, सिरोही और पाली-इन क्षेत्रों में अकाल और सूखे की स्थिति रही है. कई ऐसी योजनाएं थीं जिन्हें हाथ में लिया जाना चाहिए था. हमने राजीव गांधी लिफ्ट योजना के थर्ड फेज पर करीब 1400 करोड़ रुपए खर्च किये थे. काम शुरू हुआ, लेकिन धीमा पड़ गया. हम भी केन्द्र सरकार की फंडिंग के भरोसे रहते तो ये काम आज तक शुरू नहीं हो पाता. पूरे जोधपुर जिले के गांवों और आसपास के इलाकों में पीने का पानी पहुंचाना है, लेकिन उपेक्षा की जा रही है. 80 करोड़ रुपये का स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट बना हुआ है, पर बंद पड़ा है और खिलाड़ियों को उसका लाभ नहीं मिल रहा. सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी शानदार भवन बनने के बावजूद बंद पड़ी है. दिगाड़ी, प्रतापनगर, चैनपुरा और मगरा पूंजला में अच्छी इमारतें बन गई हैं, लेकिन अस्पतालों में न डॉक्टर लगाए गए हैं, न उपकरण पहुंचे हैं. सरकार को इतना उपेक्षापूर्ण रवैया नहीं रखना चाहिए था. फिनटेक यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग का काम भी बहुत धीमी गति से चल रहा है. इतना बड़ा संस्थान होने के बावजूद जोधपुर की उपेक्षा क्यों की जा रही है, यह समझ से परे है.

क्यों नहीं हुआ रिफाइनरी का उद्घाटन ?
गहलोत ने रिफाइनरी का उद्घाटन नहीं होने पर भी सवाल उठाये. गहलोत ने कहा कि रिफाइनरी को लेकर बार-बार झांसा दिया जा रहा है. अगस्त में उद्घाटन की बात कही गई थी, फिर क्यों नहीं हुआ ? गृह मंत्री कई बार जोधपुर आ चुके हैं. यहां स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है, सुमेर लाइब्रेरी है-जो काम अधूरे पड़े हैं, उनका ही उद्घाटन करवा देते. रिफाइनरी का उद्घाटन प्रधानमंत्री से क्यों नहीं करवा रहे ? बार-बार तारीख बदल रहे हैं. आखिर राज क्या है ? गहलोत ने कहा कि इस बजट ने प्रदेशावासियों को पूरी तरह निराश किया है. ऐसा निराशाजनक बजट पहले कभी नहीं आया. पूरे प्रदेश में भारी आक्रोश है, हर क्षेत्र में असंतोष है.

गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि बुजुर्ग पेंशन, बच्चों की स्कॉलरशिप, स्कूटी वितरण योजना समेत तमाम विभागों के बजट लंबित पड़े हैं. पीएचईडी हो, इरिगेशन हो, पीडब्ल्यूडी हो-कहीं काम नहीं हो रहे हैं. कहा जा रहा है कि रेवेन्यू बहुत बढ़ गया है. रेवेन्यू तो हर साल बढ़ता है, लेकिन वह बढ़कर जा कहां रहा है ? भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा ? ठेके के सारे काम बंद पड़े हैं. ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर दिए हैं. समझ में नहीं आता कि ये लोग क्या कर रहे हैं. मीडियाकर्मियों के सांप्रदायिक हिंसा के सवालों के जवाब में गहलोत ने कहा कि सरकार का एजेंडा यही है. केंद्र सरकार और यूपी सरकार का भी यही एजेंडा है, तो फिर हिंसा तो होगी ही.

बिहार में पोलिंग से पहले पैसे बंटते रहे, सब देखते रहे- गहलोत
सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि कोर्ट की मंशा कुछ और थी उन्होंने कहा कि चुनाव के समय आप पैसा बांटते हैं, जैसे बिहार में हुआ. पोलिंग से पहले दस-दस हजार रुपये बांटे गये. हर फेज में पैसा बंटता रहा और इलेक्शन कमीशन ने रोक नहीं लगाई. गहलोत ने तमिलनाडु का जिक्र करते हुए कहा कि वहां एक बार वोटरों को कुछ कपड़े दिए गए थे. उस समय टी.एन. शेषन चुनाव आयुक्त थे. उन्होंने चुनाव से 3 दिन पहले मतदान स्थगित कर दिया था. लेकिन बिहार में पैसा बंटता रहा और सब चुप रहे. ऐसे में लोकतंत्र कैसे कायम रहेगा ? यह लोकतंत्र की हत्या है.

AI महत्वपूर्ण, ये पूरी दुनिया में क्रांति- गहलोत
अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में AI के महत्व पर जोर दिया. गहलोत ने कहा कि राजस्थानवासियों को इसमे रुचि लेनी चाहिए. यह पूरी दुनिया में एक क्रांति है. हम पीछे न रहें, यह हम सबका प्रयास होना चाहिए. गहलोत ने कहा कि किसान हो, मजदूर हो, उद्योग हो, मेडिकल और स्वास्थ्य क्षेत्र हो या शिक्षा-हर क्षेत्र में AIचमत्कार साबित हो सकता है. गहलोत ने कहा कि मैं खुद भी AI का बहुत उपयोग करता हूं. अपने हर काम में इसे शामिल करता हूं.