राजस्थान में आगामी निकाय-पंचायत चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस में चल रही कवायद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी नेताओं को दी दो टूक नसीहत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वॉर रूम में निकाय चुनावों को लेकर आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत शामिल हुए, बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए गहलोत ने कहा- चुनावों में टिकट सिफारिश के आधार पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत और प्रत्याशी की मेरिट देखकर दिया जाना चाहिए, मैं भी किसी की सिफारिश करूं तो मत देना टिकट, क्योंकि मुझे क्या पता कि वहां पर क्या है जमीनी हकीकत, बिना जमीनी हकीकत जाने टिकट दिया तो वो कैसे जीतेगा चुनाव, इसलिए प्रत्याशियों का चयन होना चाहिए, इस दौरान गहलोत ने टिकट वितरण में युवाओं और अनुभवी नेताओं को साथ लेकर चलने की भी बात कही और युवाओं को करीब 50 प्रतिशत टिकट देने की वकालत की, गहलोत ने कहा- राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में है अच्छा माहौल और लोगों में सरकार के प्रति है गुस्सा, ऐसे में अगर सही तरीके से टिकट वितरण किया गया तो कांग्रेस जीत सकती है चुनाव, वहीं वंदे मातरम को लेकर गहलोत ने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- कांग्रेस का वंदे मातरम से है 90 साल पुराना संबंध और अब भाजपा इस मुद्दे पर खड़ा कर रही है अनावश्यक विवाद, जो लोग पहले इस मुद्दे पर नहीं बोले, वे अब कांग्रेस को पढ़ा रहे हैं पाठ, गहलोत ने अपनी सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की तारीफ की और भाजपा सरकार पर विकास कार्यों को रोकने का आरोप लगाया, गहलोत ने कहा- उनकी सरकार ने 12 लाख पट्टे बांटे थे और शहरों में मनरेगा की तर्ज पर शुरू की थी रोजगार गारंटी योजना, जिसे मौजूदा सरकार ने कर दिया बंद
'मैं भी किसी की सिफारिश करूं तो मत देना टिकट'- निकाय-पंचायत चुनाव पर बोले गहलोत

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