दानिश अबरार ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर पिछले 5 साल में हुए निर्माण कार्यों की जांच की मांग की

मेरे विधानसभा क्षेत्र के कुण्डेरा रेंज में पिछले दिनों दिवार के निर्माण में मेरी ओर से एक निरीक्षण में ही काफी गड़बड़ी पाई गई है, इस परियोजना में पांच वर्ष में किए गए कार्य संदेह के घेरे में हैं, इसलिए इनकी जांच जरूरी है- अबरार

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Danish Abrar And Cm Gehlot
Danish Abrar And Cm Gehlot

पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. सवाई माधोपुर से कांग्रेस से विधायक दानिश अबरार की भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार जंग जारी है. विधायक अबरार ने रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सवाई माधोपुर क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों में हुए 80 करोड रूपये के निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच करने की मांग की है. बीते दिनों 5 जून को विधायक अबरार ने अपने विधानसभा क्षेत्र के रणथंभौर नेशनल पार्क में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए बनाई गई दिवार के निर्माण में गडबडी का खुलासा किया गया था. इस मामले में सीएम गहलोत ने जांच समिति का गठन किया था जिसमें जांच समिति ने भी निर्माण में अनियमितताएं पाई थी. इसके बाद दोषी अधिकारियों को निलंबित किया गया था.

विधायक दानिश अबरार ने सीएम गहलोत को लिखे पत्र में कहा है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र के कुण्डेरा रेंज में पिछले दिनों दिवार के निर्माण में मेरी ओर से एक निरीक्षण में ही काफी गड़बड़ी पाई गई है. इसमें काफी भ्रष्टाचार पाया गया है. इस परियोजना में पांच वर्ष में किए गए कार्य संदेह के घेरे में आए है. इसलिए इनकी जांच जरूरी है.

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विधायक अबरार ने सीएम गहलोत को लिखे पत्र में आगे कहा कि चार दीवारी के काम में बिना गिटृटी के फाउंडेशन के ही चार दीवारी बनाई गई. इसके अलावा 60 सेंटीमीटर में नींव का निर्माण किया जाना था लेकिन वो 40 सेंटीमीटर में ही बनाई गई. सुरक्षा दीवार में भी गड़बड़ी की गई. सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुसार न होकर निम्न स्तर का किया गया जिसके कारण दीवारें अभी से जगह जगह क्षतिग्रस्त हो गई है.

विधायक अबरार ने आगे लिखा कि मेरे अनुरोध पर वन मंत्री सुखराम विश्नोई ने वन विभाग के प्रधान मुख्य संरक्षक की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी. इस कमेटी द्वारा चार दिवारी के निर्माण कार्य की जांच की गई जिसमें काफी भ्रष्टाचार पाया गया. इसके बाद सम्बन्धित रेंज अधिकारी रामबहादुर मीना और वन पाल मोहनलाल सैनी को निलम्बित कर दिया गया. विधायक अबरार ने इस पूरे मामले का हवाला देते हुए सीएम गहलोत से पिछले 5 साल की अवधि में किए गए सभी निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच करवाने की मांग की.

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गौरतलब है कि पिछले दिनों विधायक अबरार द्वारा रणथंबोर नेशनल पार्क के दीवार निर्माण में गडबडी का खुलासा करने के बाद सवाई माधोपुर की पूर्व विधायक व मौजूदा राजसमंद सांसद दीया कुमारी में कई दिनों तक आरोप प्रत्यारोप का दौर चला था. दीया कुमारी ने विधायक अबरार के लॉकडाउन के दौरान रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में घुसने, सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं करने और सार्वजनिक स्थान पर मास्क ना पहनने की निंदा की थी. इसके साथ ही दीया कुमारी ने कहा था विधायक अबरार का व्यवहार बेहद अशोभनीय और गैर जिम्मेदाराना है. गहलोत सरकार को चाहिए कि वो अपने विधायक पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करें.

सांसद दीया कुमारी के बयान पर पलटवार करते हुए विधायक दानिश अबरार ने कहा था कि मैं सांसद दीया कुमारी जी से आशा करता हूं कि भ्रष्टाचार की लडाई में साथ दें और ऐसी अर्नगल बयानबाजी करके भ्रष्टाचारियों का साथ न दें. अगर उनके कार्यकाल में ही वे स्वयं ऐसे निरीक्षण कर लेती तो, आज यह नौबत नहीं आती. आप आज एनटीसीए सदस्य है, रणथंभौर के बाघों की सुरक्षा के लिए बन रही सुरक्षा दीवार के निर्माण में कोई भ्रष्टाचार न हो, इसकी जिम्मेदारी मेरे से ज्यादा आपकी बनती है. आईए साथ मिलकर लडाई लडें. मुझे खुशी है इस बात की कि इसी बहाने सही, लेकिन आपको कोविड -19 में सवाई माधोपुरवासियों की याद तो आई. इसके बाद से सांसद दीया कुमारी और विधायक दानिश अबरार के बीच तकरार जारी है.

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