‘मेरा चला गया, मैं अपना नहीं बचा सकी..’ बयान पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने लगाई झाड़, बोलीं- ऐसे लोग कभी सफल नहीं होते
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने अपने दो दिन पहले दिए बयान पर यू-टर्न लेते हुए सफाई दी. उन्होंने कहा कि मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया. 2 दिन पहले बारां दौरे के दौरान कामखेड़ा बालाजी के दर्शन के लिए पहुंची वसुंधरा राजे ने जनता के नेशनल हाईवे के बाइपास के एलाइनमेंट को बदलने की मांग पर कहा, ‘मैं अपने आपके लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं. मेरा चला गया, मैं अपना नहीं बचा सकी.’ राजे ने कहा कि इस बयान को राजनीतिक एवं पद से जोड़कर पेश किया गया, जबकि ऐसा कुछ नहीं है.
राजे ने कहा, ‘आज भी कुछ षड्यंत्रकारी लोग मौजूद हैं, जो बात को गलत अर्थ देने का प्रयास करते हैं. राजे ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे लोग कभी सफल नहीं होंगे.’ पूर्व सीएम ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक संवाद था और पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी. उन्होंने दोहराया कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और उन्होंने कभी पद की कोई बात नहीं की.
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क्या है पूरा मामला
बारां जिले में सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा में बातचीत के दौरान कुछ लोगों से राजे से नेशनल हाईवे के बाइपास के एलाइनमेंट को बदलने की मांग की. इस पर राजे ने कहा कि धौलपुर में मेरे घर के सामने से नेशनल हाईवे निकलने पर मुझे भी अपनी दीवार पीछे करनी पड़ी थी. मेरी जमीन भी गई थी. मेरा चला गया, मैं नहीं बचा सकी, मैं अपने आपके लिए कुछ नहीं कर सकी तो तुम्हारे लिए क्या करूं.
इस बात को सियासी तरीके से पेश किया गया, जिसके बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का ‘हर बार कोई मुख्यमंत्री थोड़े ही है..’ बयान ने सुर्खियां बटौरी. इसके बाद पार्टी में राजे के कद को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई. अब राजनीतिक गलियारों में इसका भावार्थ अलग- अलग मायनों में निकाला जा रहा है. हालांकि राजे के स्पष्टीकरण के बाद मामला शांत होते दिख रहा है.










