



बीजेपी पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी पड़ी खटाई में: पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी में अब आया नियमों का बड़ा पेच, मुख्य सचेतक महेश जोशी ने किया नियमों का खुलासा, नियमानुसार मतगणना के दौरान पार्षद प्रत्याशियों की मौजूदगी होती है अनिवार्य, जीते हुए प्रत्याशी को हाथों-हाथ मौके पर ही लेनी पड़ती है शपथ, अगर हाथों हाथ नहीं लेते हैं शपथ तो मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के लिए छिन जाता है वोटिंग राइट, यही नहीं अगर शपथ नहीं लेने पर मेयर और डिप्टी मेयर के प्रस्तावक भी नहीं बन सकते पार्षद, ऐसे में बीजेपी की बाड़ाबंदी पड़ जायेगी खटाई में, अब नियमों के पेच से बचने के लिए पार्षद प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी से निकालना पड़ेगा बीजेपी को!









