सुब्रत पाठक की जीवनी (Subrat Pathak Biography in Hindi)
Subrat Pathak Latest News - सुब्रत पाठक उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय नेताओं में शामिल हैं. कन्नौज की राजनीति से अपनी पहचान बनाने वाले पाठक ने पार्टी संगठन में काम करते हुए प्रदेश स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सांसद डिंपल यादव को हराकर पहली बार संसद में प्रवेश किया और कन्नौज जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में भाजपा का परचम लहराया. इससे पहले वर्ष 2014 में भी वे इसी सीट से भाजपा के उम्मीदवार रहे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी. 17वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में पांच वर्ष तक संसद में सक्रिय रहने के बाद वर्ष 2024 में उन्हें फिर कन्नौज से चुनाव मैदान में उतारा गया, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इस लेख में हम आपको सुब्रत पाठक के जीवन परिचय (Subrat Pathak Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
सुब्रत पाठक जन्म और परिवार (Subrat Pathak Birth & Family)
सुब्रत पाठक (Subrat Pathak) का जन्म 30 जून 1979 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ था. उनके पिता का नाम श्री ओमप्रकाश पाठक (Shri Omprakash Pathak) और माता का नाम श्रीमती सरोज पाठक (Smt. Saroj Pathak) हैं.
उनका विवाह 22 नवंबर 2004 को श्रीमती नेहा पाठक (Smt. Neha Pathak) से हुआ था. उन्हें दो बेटे हैं. वे धर्म से हिन्दू हैं, और जाति से ब्राह्मण हैं.
उनपर 1 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता : मुहल्ला-पठकाना, पो0 छिपट्टी नगर, तह. और जिला. कन्नौज, उत्तर प्रदेश -209725
मोबाइल : 09013997445
वर्तमान पता : बी-704, गोमती अपार्टमेंट, बी के एस एम मार्ग, नई दिल्ली - 110001
दूरभाष: (011) 2331 5348, (011) 23012223,
मोबाइल : 09013997445, 09454610986 (पीए)
सुब्रत पाठक की शिक्षा (Subrat Pathak Education)
सुब्रत पाठक ने पीएसएम डिग्री कॉलेज, कन्नौज, उत्तर प्रदेश से बीए किया.
सुब्रत पाठक राजनीतिक करियर (Subrat Pathak Political Career)
पेशे से व्यवसायी रहे सुब्रत पाठक की राजनीतिक यात्रा लगभग तीन दशक पहले शुरू हुई. राजनीति की शुरुआत मुख्य रूप से उन्होंने भाजपा के साथ जुड़कर की. इसी क्रम में उन्होंने क्षेत्र की राजनीति में एक भाजपा नेता के तौर पर अपनी राजनीतिक पहचान बनाई. वे भारतीय जनता युवा मोर्चा से जुड़े और बाद में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाये गए. इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता लगातार बढ़ती गई और वे उत्तर प्रदेश भाजपा के महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर भी रहे.
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सुब्रत पाठक को कन्नौज लोकसभा सीट से टिकट दिया. यह वह समय था, जब यूपीए 2 की सरकार केंद्र में आयी थी. भाजपा की स्थिति उस समय उतनी मजबूत नहीं थी और उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का बोलवाला था. परिणाम यह हुआ कि सुब्रत पाठक को हार मिली. वे तीसरे स्थान पर रहे, जबकि यहाँ से सपा के अखिलेश यादव की जीत हुई. इसके बाद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन्हें कन्नौज से चुनाव मैदान में उतारा. इस चुनाव में उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव से हुआ. डिंपल यादव को 4,89,164 वोट मिले, जबकि सुब्रत पाठक को 4,69,257 वोट हासिल हुए और वे 19,907 मतों के अंतर से चुनाव हार गए.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर से सुब्रत पाठक पर भरोसा जताते हुए उन्हें कन्नौज से उम्मीदवार बनाया. इस बार उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी की मौजूदा सांसद डिंपल यादव से हुआ. चुनाव में सुब्रत पाठक को 5,63,087 वोट मिले, जबकि डिंपल यादव को 5,50,734 वोट हासिल हुए. इस तरह पाठक ने 12,353 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया. 17वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में सुब्रत पाठक ने संसद की कार्यवाही में हिस्सा लिया और विभिन्न संसदीय गतिविधियों में सक्रिय रहे. इसी दौरान उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में भी उनकी भूमिका बनी रही और वे पार्टी के प्रदेश महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहे. उनके इस कार्यकाल में कन्नौज की राजनीति में उनकी प्रमुख भूमिका रही.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सुब्रत पाठक को लगातार चौथी बार कन्नौज से चुनाव मैदान में उतारा. इस बार उनका मुकाबला एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव से हुआ. चुनाव में अखिलेश यादव को 6,42,292 वोट मिले, जबकि सुब्रत पाठक को 4,71,370 वोट हासिल हुए. इस तरह सुब्रत पाठक अखिलेश यादव से 1,70,922 मतों के अंतर से हार गए. इस हार के साथ सुब्रत पाठक का लगातार दूसरी बार कन्नौज से लोकसभा पहुंचने का प्रयास सफल नहीं हो सका.
सुब्रत पाठक की संपत्ति (Subrat Pathak Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार सुब्रत पाठक की कुल संपत्ति 10.37 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर 3.82 करोड़ रूपये का कर्ज भी है.
इस लेख में हमने आपको सुब्रत पाठक जीवनी (Subrat Pathak Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












