राजस्थान के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बयान, पिछले कई दिनों से अशोक गहलोत के सामने कई जगह लग रहे है चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के नारे, वही चौथी बार गहलोत सरकार के नारे और भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने दी बड़ी प्रतिक्रिया, कहा- राजस्थान में ‘चौथी बार गहलोत सरकार’ का नारा अपने आप में काफी लोकप्रिय हो चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री बनाने का फैसला पार्टी हाईकमान करता है, जब उनके समर्थन में नारे लगाए जाते हैं तो उन्हें संकोच होता है और वे कई बार समर्थकों को ऐसा करने से रोकते भी हैं, क्योंकि इससे पार्टी के भीतर अलग तरह का बन सकता है माहौल, गहलोत ने कहा- तीन बार मुख्यमंत्री बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात है और अब उनके लिए किसी पद से ज्यादा पार्टी का हित प्राथमिकता है, पार्टी ने, गांधी परिवार ने मुझ पर विश्वास किया, पार्टी हाईकमान ने विश्वास किया, मैंने आपको बताया कि मैं किन-किन पदों पर रहा हूं, अब मेरे लिए पद प्रायोरिटी नहीं होनी चाहिए, अब प्रायोरिटी होनी चाहिए कि देश के इंटरेस्ट में और पार्टी के इंटरेस्ट में जो पार्टी हुक्म दे, देश में जम्हूरियत बचाने के लिए, उसमें पार्टी संघर्ष कर रही है और पार्टी मजबूत हो, आगे बढ़े और कामयाब हो, इसमें मेरा क्या उपयोग हो सकता है - पद या बिना पद के? बिना पद भी, और कोई जिम्मेदारी या आदेश देंगे, तो वो हिपोक्रेसी नहीं है, मना भी नहीं करेंगे, चाहे कहीं लगाएं, कुछ भी करें, किसी पद के लिए मना करना मेरा अधिकार भी नहीं है, जिस पार्टी ने मुझ पर इतना विश्वास किया और सब कुछ दिया, उसे मैं मना कैसे कर सकता हूं? मेरा धर्म और फर्ज कहता है कि मैं उस धर्म को निभाऊं बस
‘गहलोत से कोई निजी दुश्मनी नहीं’- 2020 के विवाद पर सचिन पायलट ने दिया बड़ा बयान, देखें क्या कहा?









