सुप्रीम कोर्ट में आज आसाराम की याचिका पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने आसाराम की सजा को निलंबित करने से किया इनकार, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मांगा जवाब, सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को आसाराम को उचित चिकित्सा सुविधाएं देने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि जमानत पर विचार जब किया जा सकता है, जब उसकी सेहत हो बहुत ज्यादा खराब, बेंच ने मौखिक रूप से कहा कि हम अभी नहीं दे रहे हैं जमानत, राज्य का पक्ष सुनने के बाद हम इस बात पर करेंगे विचार कि क्या जमानत देने की है कोई गंभीर जरूरत, कोर्ट ने कहा- ऐसी स्थिति में ही मिल सकती है जमानत जब, उसकी जान को हो खतरा, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने कोर्ट में कहा- आसाराम हैं 80 साल से ज्यादा उम्र के और कई बीमारियों से हैं पीड़ित, बता दें राजस्थान हाई कोर्ट ने 27 मई को इस मामले में आसाराम की दोषसिद्धि को रखा था बरकरार, लेकिन उन्हें IPC और POCSO एक्ट के तहत गैंगरेप और बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों से कर दिया था बरी, हालांकि हाई कोर्ट की बेंच ने नाबालिग के साथ रेप से संबंधित IPC की धारा 376(2)(F) के तहत उनकी दोषसिद्धि को रखा था बरकरार, जिससे ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा रही कायम, आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को अपने आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न का ठहराया गया था दोषी और IPC, POCSO एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की कई धाराओं के तहत सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा
खुद को भगवान बताने वाले आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बडा झटका, पढें पूरी खबर

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