सवाल उठ रहा है आखिर अलीबाबा सहित सभी चाइना एप पर क्यों नहीं हुई डिजिटल स्ट्राइक?

सरकार ने किए हैं 59 चाइनीज एप बैन, कांग्रेस ने पूछा है - बाकी चाइनीज एप का क्या, क्या यह कार्रवाई केवल सांकेतिक

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अलीबाबा
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पाॅलिटाॅक्स न्यूज. गलवान घाटी में 20 सैनिकों की मौत बाद मोदी सरकार ने चीन के 59 एप को भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए बैन कर दिया है. अब दूसरे चाइनीज एप को बैन नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए है. खास तौर से अलीबाबा और पेटीएम को बैन नहीं करने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. चीन को लेकर विपक्ष खासतौर कांग्रेस गलवान घाटी में खूनी सैनिक संघर्ष के बाद से ही मोदी सरकार पर हमलावर बनी हुई है. कांग्रेस नेता अलग-अलग मंचों से सरकार से पूछ रहे हैं कि भारतीय सैनिकों की मौत भारत की सरजमीं पर हुई या नहीं. क्या चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुसकर बैठे हैं? सरकार की ओर से इन दोनों सवाल के बदले कांग्रेस से जुड़े दूसरे कई सवाल उठाए गए हैं, लेकिन कांग्रेस के सवालों का जवाब नहीं दिया गया.

अब डिजिटल स्ट्राइक के कदम के तौर पर देखे जा रहे चाइना के 59 एप के बैन के मामले मेें कांग्रेस ने फिर से सवाल उठाए है. विपक्ष का कहना है कि सिर्फ 59 एप ही क्यूं, मोदी सरकार की ओर से सारे चाइनीज एप को बैन क्यों नहीं किया गया? अलीबाबा और पेटीएम जैसे बड़े एप जो भारतीय बाजार में पसरे हुए हैं, उन्हें बैन क्यों नहीं किया गया?

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कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) ने मंत्री रविशंकर प्रसाद से सवाल पूछा. तिवारी ने पूछा, ‘रविशंकर प्रसाद, क्या आपने चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के बारे में पूरी तरह से सोचा? दो सवाल हैं, पहला – उन लोगों का क्या, जो वीपीएन (वर्चुअल पोर्टेबल नेटवर्क) के जरिए इनको इस्तेमाल कर रहे हैं? दूसरा – उन ऐप का क्या जो लाखों भारतीय मोबाइल फोन में पहले से ही इंस्टॉल हैं? क्या उनसे कोई खतरा नहीं?’

इन सवालों के साथ ही पूर्व सूचना-प्रसारण मंत्री तिवारी ने रविशंकर प्रसाद से एक और सवाल पूछा और इसमें उन्होंने ई-मार्केटिंग के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक अलीबाबा और भारतीय कंपनी से उसके कनेक्शन को लेकर है. तिवारी ने सवाल पूछा, ‘अलीबाबा प्रतिबंधित सूची में क्यों नहीं है? क्या ये पेटीएम से संबंध के कारण है?’

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वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस फैसले पर कुछ सवाल उठाए हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि चाइनीज ऐप का असर और प्रभाव भारत में गलत था और सरकार ने इन पर बैन लगाने में देरी कर दी. सोरेन ने कहा कि चीनी ऐप को जितना संक्रमण फैलाना था, वो फैला चुके हैं.

क्या है अलीबाबा

यह ऐमेजाॅन की तरह का व्यापारिक प्लेटफार्म है. इसके माध्यम से लोग घर बैठे सामान की खरीददारी कर सकते हैं. भारत चीन तनाव के बाद भारत की सबसे बड़ी व्यापारिक संस्था कैट ने 3000 चाइनीज सामानों का बहिष्कार करते हुए उन्हें नहीं खरीदने का निर्णय किया है.

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विशेषज्ञों का कहना है कि अलीबाबा से लोग भले ही चाइनीज सामान नहीं खरीदें, लेकिन चाइना के सामान सिंगापुर जाकर वहां की टेग के साथ अलीबाबा के माध्यम से भारत में आसानी से बिक सकते हैं. यानि भारतीयों द्वारा चाइनीज माल के बहिष्कार के बावजूद चाइनीज माल अलीबाबा और दूसरे ऐसे ही व्यापारिक एप के जरिए भारतीयों के घरों में पहुंचेगा.

गूगल प्ले स्टोर ने हटाए बैन किए हुए एप

केंद्र सरकार के आदेशों के बाद सोमवार देर रात को गूगल प्ले स्टोर ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर सहित 59 चीनी ऐप को हटा दिया गया है. इन एप को डाउनलाॅड नहीं किया जा सकेगा. हालांकि जिन के पास यह एप डाउनलाॅड है, वह इनका फिलहाल कुछ समय तक इस्तेमाल जारी रख सकेंगे.

टिकटाॅक को करोड़ों का घाटा शुरू

भारत में टिकटाॅक खासा लोकप्रिय एप है. केंद्र सरकार द्वारा इसे बैन किए जाने के बाद टिकटाॅक को हर दिन 3 करोड़ रूप्ए से अधिक का घाटा होगा. ऐसे ही दूसरे एपों को भी हर दिन का करोड़ों रूपए का घाटा शुरू हो गया है.

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