



शाहीन बाग में 17 दिसम्बर से महिलाओं सहित वहां के दुकानदार और व्यवसाईयों ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन का मोर्चा संभाला हुआ है. ऐसे में दिल्ली के विधानसभा चुनाव में शाहीन बाग का प्रदर्शन एक बड़ा मुद्दा बन गया है. शाहीन बाग पर सत्ता पक्ष देशद्रोही गतिविधियां संचालित होने के आरोप कई दफा लगा चुका है. शरजील इमाम का नाम भी वहीं से निकला जिसे देशद्रोह के आरोप में 5 दिन की न्यायिक हिरासत में लिया गया है. वहीं शाहीन बाग में सैंकड़ों की तादात में खड़े प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को वापस नहीं लेती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. शाहीब बाग की तर्ज पर देश के कई राज्यों में भी इस तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं. मुंबई के नागपाड़ा इलाके में कल आधी रात से प्रदर्शन हो रहा है. यहां भी बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर डटीं हुई हैं.Government is ready to talk to protestors of Shaheen Bagh but then it should be in a structured form and the @narendramodi govt is ready to communicate with them and clear all their doubts they have against CAA. pic.twitter.com/UjGikFN8tY
— Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) February 1, 2020


