



बता दें, आज हड़ताली समर्थकों ने 16 मांगों को लेकर रैलियां निकालीं जिसमें आंदोलन में बैंकिंग, कोयला, तेल, डिफेंस, पब्लिक सेक्टर और ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हुए. बंद का असर बंगाल में ज्यादा देखने को मिला. यहां उत्तर 24 परगना जिले में सड़कों और रेलवे पटरियों को रोक दिया. हालांकि, पुलिस ने तत्काल वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उन्हें हटा दिया. बंगाल के कांचरापाड़ा में प्रदर्शनकारियों के ट्रैक बंद कर रेल रोकने की सूचना मिली है. वहीं सिलीगुड़ी में सुरक्षा के चलते ड्राइवरों ने हेलमेट पहनकर बस चलाई. मुंबई में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों ने भारत पेट्रोलियम में विनिवेश के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया. वहीं, चेन्नई में माउंट रोड पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. हरियाणा, पंजाब और केरल में भी हड़ताल का असर देखने को मिला. यह भी पढ़ें: दीपिका के JNU जाने पर शुरु हुई राजनीति, बीजेपी ने किया ‘छपाक’ का बॉयकाट, बॉलीवुड उतरा समर्थन में लेकिन पायल रोहतगी ने बोला ‘इडियट’ भारत बंद को भारतीय व्यापार संघ, ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), स्व-रोजगार महिला संघ, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन शामिल हैं। इसके अलावा (एलपीएफ), यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीयूसी) और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर ने समर्थन दिया है. 6 बैंक यूनियंस ने भी हड़ताल का समर्थन किया है, जिसके कारण बैंकिंग कामकाज पर असर हुआ. महाराष्ट्र में शिवसेना ने भी ट्रेड यूनियन के भारत बंद को समर्थन दिया. उप्र में जेईई मेन 2020, यूपी टीईटी 2019 और आईसीएआर नेट 2020 प्रवेश परीक्षाएं भी प्रभावित हुईं. देशभर में 249 किसान संगठन और 80 विद्यार्थी संगठनों ने इस बंद को समर्थन दिया. कर्मचारियों की ये हैं मांगेंThe Modi-Shah Govt’s anti people, anti labour policies have created catastrophic unemployment & are weakening our PSUs to justify their sale to Modi’s crony capitalist friends.
Today, over 25 crore 🇮🇳workers have called for #BharatBandh2020 in protest. I salute them. — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 8, 2020


