



संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हनुमान बेनीवाल का बयान, सरकार के विजन का आईना होता है राष्ट्रपति का अभिभाषण, अभिभाषण में गांव, गरीब, किसान और बेरोजगार को राहत देने के लिए नहीं है स्पष्ट विजन, राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का प्रचार ज्यादा, वास्तविक समस्याओं पर चर्चा नहीं, संविधान के अनुसार सरकार की नीतियों का रोडमैप होना चाहिए राष्ट्रपति का अभिभाषण, अभिभाषण में नजर नहीं आया महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की आय, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान, सरकार की नीतियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत


