Neelam Gorhe Latest News - नीलम गोरहे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा चेहरा हैं और वर्तमान में, वह महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष हैं. गोरहे इस पद के लिए 2002 से लगातार चार बार चुनी जा चुकी हैं. डॉ. गोरहे कभी चिकित्सा क्षेत्र से जुडी हुई थीं. उन्होंने आयुर्वेद की पढ़ाई की थीं. चिकित्सा क्षेत्र से निकलकर महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष बनने तक का उनका यह सफर काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. इस लेख में हम आपको नीलम गोरहे की जीवनी (Neelam Gorhe Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
नीलम गोरहे की जीवनी (Neelam Gorhe Biography in Hindi)
| पूरा नाम |
नीलम गोरहे |
| उम्र |
71 साल |
| जन्म तारीख |
12 सितंबर 1954 |
| जन्म स्थान |
पंढरपुर, महाराष्ट्र |
| शिक्षा |
बीएसएएम |
| कॉलेज |
आरए पोदार आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज |
| वर्तमान पद |
महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष |
| व्यवसाय |
राजनीतिज्ञ |
| राजनीतिक दल |
शिवसेना |
| वैवाहिक स्थिति |
विवाहित |
| पिता का नाम |
डॉ. दिवाकर शंकर गोरे |
| माता का नाम |
लतिका गोरहे |
| पति का नाम |
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| बेटें का नाम |
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| बेटी का नाम |
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| स्थाई पता |
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| वर्तमान पता |
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| फोन नंबर |
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| ईमेल |
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नीलम गोरहे का जन्म और परिवार (Neelam Gorhe Birth & Family)
नीलम गोरहे का जन्म 12 सितंबर 1954 को महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ था. उनके पिता का नाम डॉ. दिवाकर शंकर गोरे था. उनके पिता क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक थे. उन्होंने पशुओ के स्वास्थ्य के लिए अनेक प्रकार से काम किया था. नीलम गोरहे की माता का नाम लतिका गोरहे था. नीलम गोरहे धर्म से हिन्दू है.
नीलम गोरहे की शिक्षा (Neelam Gorhe Education)
नीलम गोरहे की आरंभिक पढ़ाई मुंबई से हुई थीं. बाद में, गोरहे ने वर्ष 1978 में मुंबई विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले, आरए पोदार आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, वर्ली, मुंबई से बैचलर ऑफ शुद्ध आयुर्वेदिक मेडिसिन (बीएसएएम) किया.
नीलम गोरहे का शुरुआती जीवन (Neelam Gorhe Early Life)
नीलम गोरहे का शुरूआती जीवन चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा रहा. उनके पिता भी डॉक्टर थे. इसलिए उनके पदचिन्ह पर चलते हुए नीलम ने भी इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाया. बताया जाता हैं कि मेडिकल की डिग्री लेने के बाद उन्होंने 1977 से 1987 तक चिकित्सा क्षेत्र में काम किया. इन 10 वर्षों में उन्होंने महाराष्ट्र के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगो को चिकित्सा सुविधा प्रदान हेतु कई प्रकार से काम किया. बाद में, उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपना कदम बढ़ा दिया और फिर इसी के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई.
नीलम गोरहे का राजनीतिक करियर (Neelam Gorhe Political Career)
नीलम गोरहे महाराष्ट्र की राजनीति में एक वरिष्ठ चेहरा हैं. राष्ट्रीय राजनीति में उनकी पहचान भले ही कम हो, पर राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में उनका कद बड़ा हैं. पेशे से चिकित्सक रही डॉ. नीलम गोरहे का राजनीतिक करियर करीब चार दशक से भी पहले शुरू हुआ था. शुरुआत के दिनों में उन्होंने कई सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया, जिससे जनता के बीच उनकी पहचान बनती चली गई. इसी के बाद, उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी पार्टी में शामिल होना अधिक उचित समझा. उन्होंने प्रकाश अंबेडकर के साथ भी मिलकर काम किया. प्रकाश अंबेडकर को 'दलितों और मुसलमानों सहित सभी वंचित वर्गों को आकर्षित करने वाली राजनीति करने के लिए' जाना जाता हैं. प्रकाश अंबेडकर के दादा डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे. बाद में नीलम गोरहे ने चुनाव भी लड़ा पर सफल नहीं रही.
अपने राजनैतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए गोरहे शरद पवार के साथ जुड़ गई. लेकिन उनका यह साथ अधिक समय तक नहीं रहा और फिर वह शिवसेना में शामिल हो गई. उन्ही दिनों गोरहे बालासाहेब ठाकरे के संपर्क में आयी. अपने विनम्र व्यवहार के कारण जल्द ही वह बालासाहेब ठाकरे की प्रिय पात्र बन गई और फिर उनके साथ मिलकर काम करने लगी. बाद में, उद्धव ठाकरे से भी उनकी निकटता हो गई. गोरहे उन वर्षो में शिवसेना के लिए एक संपर्पित कार्यकर्त्ता की तरह कार्य करने लगी. इसी कारण वह पहली बार शिवसेना के टिकट पर 2002 में महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुई. फिर तो वह लगातार चुनाव में जीतती रही हैं और इस तरह वह अब तक 2002, 2008, 2014 और 2020 में कुल चार बार एमएलसी (Maharashtra Legislative Council) की मेबर रह चुकी हैं. वर्तमान में, उनका कार्यकाल 2000 से 2026 तक हैं.
जब 2022 में शिवसेना में बगावत के बाद शिंदे गुट एक अलग राजनीतिक पार्टी के तौर पर अस्तित्व में आया तब उन्होंने ठाकरे परिवार से साथ के तीन दशक से पुराने रिश्ते को तोड़ते हुए शिंदे गुट से जा मिली. फिर उन्हें विधान परिषद का उप-सभापति नियुक्त किया गाय. उन्होंने 8 सितंबर 2020 को पदभार ग्रहण किया.
इससे पहले गोरहे कई अन्य पदों पर भी रह चुकी हैं. 1989 से 1991 तक फिल्म सेंसर बोर्ड महाराष्ट्र, 1993 से 1994 महाराष्ट्र थिएटर सेंसर बोर्ड, 1993 से 1995 तक महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य थीं. गोरहे राज्य सरकार द्वारा समय समय पर गठित कई समितियों की भी सदस्य रह चुकी हैं. नीलम गोरहे लेखन क्षेत्र से भी जुडी हैं. वह सामाजिक और महिला मुद्दों पर लिखा करती हैं. उनके जीवन पर आधारित कई पुस्तके भी आयी हैं, जिनमें एक पुस्तक का नाम अपराजित हैं.
नीलम गोरहे की संपत्ति (Neelam Gorhe Property)
महाराष्ट्र विधान परिषद 2020 के चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार नीलम गोरहे की कुल संपत्ति 7 करोड़, 70 लाख रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं है.
इस लेख में हमने आपको नीलम गोरहे की जीवनी (Neelam Gorhe Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.