कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर नरेंद्र मोदी फिर से जीतते हैं और प्रधानमंत्री बनते हैं तो यह देश का आखिरी चुनाव होगा. उन्होंने कहा कि अगर मोदी फिर से पीएम बनते हैं तो देश में तानाशाही होगी. खरगे ने बीजेपी-आरएसएस को जहर बताते हुए दोनों से लोगों को दूर रहने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव लोगों के लिए लोकतंत्र को बचाने का आखिरी मौका है. कांग्रेस अध्यक्ष ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित एक रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे.
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'मानो या न मानो, अभी भी देख रहे हम, परसों ही हमारे पास के एक नेता को उधर लेकर गए...देखो, एक-एक को नोटिस देना, डराना, धमकाना- उसकी दोस्ती अगर नहीं छोड़ेंगे, फिर हम देख लेंगे.''. 'आपको और एक बात कहता हूं, ये आखिरी चुनाव है. अगर मोदी जी फिर से आ गए तो चुनाव नहीं होने देंगे. देश में तानाशाही आ जाएगी.' कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों से बीजेपी और आरएसएस से दूर रहने का आग्रह करते हुए आरोप लगाया कि वे जहर के समान हैं.
रूस में इलेक्शन जैसा होगा हाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'डरकर कोई दोस्ती छोड़ रहा है, कोई पार्टी छोड़ रहा है, कोई गठबंधन छोड़ रहा है, अरे, इतने डरपोक लोग अगर रहे तो क्या ये मुल्क बचेगा, क्या ये संविधान बचेगा, क्या ये डेमोक्रेसी बचेगी, इसलिए ये आखिरी चांस है आपको वोट देने का. इसके बाद कोई वोट नहीं देगा क्योंकि रूस में पुतिन का जो प्रेसिडेंट इलेक्शन होता है, वैसा ही होता चला जाएगा.' खरगे ने आगे कहा, 'ध्यान में आ रहा है आपको, इसके बाद नो चुनाव, वो अपनी ताकत के ऊपर चलाएंगे, चुनकर आएंगे... तो संविधान की रक्षा करना, डेमोक्रेसी की रक्षा करना इलेक्शन बार-बार होना, इसकी जिम्मेदारी आपके ऊपर है. आप अगर चाहते हो तो डेमोक्रेसी बच सकती है. अगर आप नहीं चाहते हो, गुलाम रहना चाहते हो तो फिर आपकी मर्जी.'
हम कमजोर नहीं, बीजेपी को हराएंगे
महागठबंधन छोड़कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए में लौटने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा. खरगे ने कहा कि एक व्यक्ति के महागठबंधन छोड़ने से हम कमजोर नहीं होंगे. हम बीजेपी को हराएंगे.
गौरतलब है कि रविवार दोपहर नीतीश कुमार ने राजद से महागठबंधन तोड़कर बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और शाम को बीजेपी के साथ मिलकर फिर से सरकार बना ली. उन्होंने 9वीं बार सीएम पद की शपथ ग्रहण की. एनडीए में वापसी के साथ ही उन्होंने बिहार में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है. नीतीश के एनडीए में शामिल होने के बाद विपक्षी गठबंधन का भी 'दी एंड' होते नजर आ रहा है.