मोदी सरकार देश में खींच रही धार्मिक लकीरें, 24 करोड़ मुस्लिमों को क्या समंदर में फेंकोगे?- फारूख अब्दुल्ला

farooq abdullah chief of national conference
13 Mar 2023
Farooq Abdullah on Modi Government: नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने एक दर्जन से ज्यादा पार्टियों के साथ अपने घर पर आयोजित एक बैठक में केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. फारूख अब्दुल्ला ने केंद्र पर देश में धार्मिक लकीरें खींचने का आरोप लगाया. वहीं सवाल पूछते हुए कहा कि देश के 22-24 करोड़ मुस्लिमों के साथ क्या करेंगे? जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने देश में गांधी आदर्श का समर्थन करते हुए कहा कि समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं किया जाना चाहिए. https://www.youtube.com/watch?v=pj7Uxh2yRy0 विपक्षी एकता का नारा देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूख अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार देश को धार्मिक लकीरें खींचकर बांट रही है, जिस पर रोक लगनी चाहिए. देश में डर और नफरत की राजनीति नई नहीं है. ये लोग 22-24 करोड़ मुस्लिमों के साथ क्या करेंगे? क्या उन्हें समंदर में फेंक देंगे या उन्हें चीन भेज देंगे? यह भी पढ़ें: ED की रेड में 600 करोड़ की अवैध सम्पत्ति का खुलासा, तेजस्वी बोले- पहले के 8000 करोड़ का हिसाब तो दे देते पार्टी प्रमुख अब्दुल्ला ने कहा, 'गांधीजी राम राज्य की बात करते थे. इसका मतलब था- एक ऐसा कल्याणकारी राज्य, जहां सभी लोगों को बराबर मौके मिलेंगे और किसी के खिलाफ कोई भेदभाव नहीं होगा. हम सभी को गांधीजी के आदर्शों पर चलना चाहिए. समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा नहीं किया जाना चाहिए.' यह पहली बार नहीं है फारूख अब्दुल्ला ने राम राज्य या प्रभु राम के समर्थन में बयान दिया है. इससे पहले भी कई बार फारूख अब्दुल्ला इस बारे में बयान दे चुके हैं. कुछ दिनों पहले उन्होंने भगवान राम को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा था कि भगवान राम सबके हैं, केवल हिंदू धर्म के लोगों के लिए नहीं हैं. कोई भी मजहब बुरा नहीं होता. इंसान भ्रष्ट होता है. इलेक्शन कमीशन से चुनाव कराने की मांग मीडिया के समक्ष फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदेश में युवाओं पर लाठीचार्ज हो रहा है. ये दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर में हालात अच्छे नहीं हैं. जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा हटाकर उन्हें दो केंद्र-शासित प्रदेश बनाना पूरे देश के लिए त्रासदी है. जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है. हम एंटी-नेशनल नहीं हैं. जब हम इस देश के हैं, तो हमारे साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है? फारूख ने कहा कि हम इलेक्शन कमीशन से मिलने के लिए दिल्ली जाएंगे. हम उनसे मांग करेंगे कि यहां चुनाव तय समय से पहले कराए जाएं और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलवाने में उनकी मदद मांगेंगे. उन्होंने कहा कि इस मसले पर हम राष्ट्रीय विपक्षी पार्टियों के नेताओं से भी मिलेंगे.