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हिंदुत्व की बात करते हो और ध्रुवीकरण करके जितवाते हो चुनाव- भागवत के बयान पर गहलोत का पलटवार

15 अप्रैल 2022
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हिंदुत्व की बात करते हो और ध्रुवीकरण करके जितवाते हो चुनाव- भागवत के बयान पर गहलोत का पलटवार

Politalks.News/Rajasthan. साबरमती आश्रम, गुजरात से राजघाट, दिल्ली तक 60 दिन तक चलने वाली आज़ादी गौरव यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डूंगरपुर पहुंचे. यहां सीएम गहलोत ने रतनपुर बॉर्डर पर पहुंची आजादी गौरव यात्रा का स्वागत किया. इस दौरान सीएम गहलोत के साथ राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, गुजरात प्रभारी रघु शर्मा सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. डूंगरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे सीएम गहलोत ने इससे पहले उदयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा. RSS प्रमुख मोहन भगवत के अखंड भारत के बयान … Read more

Politalks.News/Rajasthan. साबरमती आश्रम, गुजरात से राजघाट, दिल्ली तक 60 दिन तक चलने वाली आज़ादी गौरव यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डूंगरपुर पहुंचे. यहां सीएम गहलोत ने रतनपुर बॉर्डर पर पहुंची आजादी गौरव यात्रा का स्वागत किया. इस दौरान सीएम गहलोत के साथ राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, गुजरात प्रभारी रघु शर्मा सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. डूंगरपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे सीएम गहलोत ने इससे पहले उदयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा. RSS प्रमुख मोहन भगवत के अखंड भारत के बयान पर सीएम गहलोत ने कहा कि, ‘अखंड भारत तब बनेगा, जब इस देश में रहने वाला हर जाति, हर वर्ग, हर धर्म का व्यक्ति हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन जो भी है, वो सब इस देश के नागरिक हैं और उन सबको मजबूती होनी चाहिए.’

आज़ादी गौरव यात्रा में भाग लेने के लिए आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुर के रास्ते डूंगरपुर गए. इस दौरान उदयपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि, ‘इस तरह की यात्रा पहले भी हुई हैं और यह कांग्रेस की परंपरा रही है, गांधी जी के वक्त से दांडी मार्च हुआ था तबसे ही और साबरमती आश्रम से प्रारंभ हुई यात्रा, एआईसीसी का प्रोग्राम है तो आप समझ सकते हैं कि इसका क्या मकसद है. जो अभी बताया गया आपको और आप लोग समझ रहे हैं कि देश के अंदर जो हालात हैं वो बहुत चिंताजनक हैं. आज संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, हम बार-बार कहते है, लोकतंत्र खतरे में है. आज आम नागरिक डरा हुआ है कि पता नहीं कल क्या होगा? बुलडोजर की राजनीति हो रही है, यूपी में चुनाव क्या जीत गए और घमंड आ गया इनको कि बुलडोजर का एक मैसेज देंगे और लोग समझ जाएंगे.

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सीएम गहलोत ने बीजेपी शाषित राज्यों में की जा रही बुलडोजर वाली कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘बुलडोजर चल रहे हैं मध्यप्रदेश के अंदर, वो शिवराज सिंह जी भी कंम्पीटिशन में आ गए योगी जी के, अरे भाई यह कब तक चलेगा? आप निर्दोष लोगों के घरों में जाकर बुलडोजर चला रहे हो, जब कोई दंगा होता है जो कि बहुत अनफार्च्यूनेट होता है, उसकी निंदा करनी चाहिए. बुलडोजर इसी काम के लिए है क्या? कोर्ट के आदेश होते हैं, कभी कोई तोड़ने की नौबत भी आती है तो कोर्ट के आदेश से तोड़ सकते हैं.’

सीएम गहलोत ने आगे कहा कि, ‘देश में कानून का राज होना चाहिए. आज कानून का राज समाप्त हो रहा है, इसीलिए यह यात्रा निकल रही है. यह संदेश देगी घर-घर के अंदर, पूरे प्रदेश के अंदर, पूरे देश के अंदर कि कानून का राज स्थापित हो, संविधान की रक्षा हो, लोकतंत्र मजबूत हो, इसका संदेश देने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है. इनका स्वागत करने का मायने हैं कि देश के आम लोगों का स्वागत है कि भई सबमें शांति, भाईचारा, प्रेम कैसे पैदा हो, जो बिगाड़ने का षड़यंत्र कर रहे हैं, यह स्थिति है. इसलिए बहुत जरूरी था यह यात्रा निकालना और मैं सोनिया जी को, राहुल जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि जो मार्ग चुना इसका यात्रा का, वो मार्ग राजस्थान से होकर चुना है और अधिकांश भाग राजस्थान से अभी अध्यक्ष जी बता रहे थे आपको, निकलेगा.

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वहीं सीएम गहलोत से जब सवाल पूछा गया तो कहा कि, एक तरफ सद्भावना यात्रा है, दूसरी तरफ मोहन भागवत कह रहे हैं कि 15 साल में अखंड भारत बन जाएगा, किस तरह से इस वातावरण को देखते हैं, किस तरफ देश जा रहा है? सीएम गहलोत ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, ‘देखिए मेरे हिसाब से आरएसएस का काम मुख्य रूप से यह काम होना चाहिए कि घर-घर जाकर प्रेम का, सद्भावना, अहिंसा का मैसेज दें सभी धर्मों में सभी जातियों में. अखंड भारत तब बनेगा, जब इस देश में रहने वाला हर जाति, हर वर्ग, हर धर्म का व्यक्ति हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन जो भी है, यहूदी वो सब इस देश के नागरिक हैं और हमें उन सबको मजबूती देनी है, प्रेम और भाईचारा सिखाना है, यह होना चाहिए काम. इनको छुआछूत के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए, इनको ऊंच-नीच के भेदभाव के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए.

सीएम गहलोत ने कहा कि, ‘भागवत जी ये बीजेपी के पीछे रहकर के जिताने का काम करते हैं या तो फिर इनको चाहिए कि बीजेपी को मर्ज कर दें अपने अंदर और दबंग होकर आगे आएं, राजनीतिक पार्टी बने आरएसएस, कांग्रेस में दमखम है विचारधारा के आधार पर, आज भी कांग्रेस सत्ता में नहीं है कोई बात नहीं, पर कांग्रेस की जो विचारधारा गांधी की दी हुई है, पंडित नेहरू की है, सरदार पटेल की है, मौलाना आजाद की है, इतना दमखम है जिसके आधार पर संविधान बना. डॉ. अंबेडकर का, लोकतंत्र-समाजवाद-धर्मनिरपेक्षता की, दमखम है, आप मुकाबला करो उससे अपनी विचारधारा से, आरएसएस-बीजेपी एक हो जाए, राजनीतिक पार्टी बन जाए. उसमें क्यों नहीं आगे आते हैं. आप पीछे रहकर राजनीति कर रहे हो, उनको जिताते हो और फिर हिंदुत्व की बात करते हो और ध्रुवीकरण करके चुनाव जितवाते हो.

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सीएम गहलोत ने कहा कि, ‘ध्रुवीकरण से अगर चुनाव जीतने लगेंगी पार्टियां, तो देश कमजोर होगा या मजबूत होगा, ये देशवासियों को सोचने की बात है और युवा पीढ़ी को विशेष रूप से, कल का भविष्य देश का युवा पीढ़ी के ऊपर है, आज जो कुछ हो रहा है उससे कुछ लोग खुश हो सकते हैं, आने वाला वक्त उनके लिए भी अच्छा नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि वो राष्ट्र के नाम संदेश जारी करें, खुद बोलें, दंगा कर रहे हैं, जो हिंसा कर रहे हैं, वो कंडेम करें उन लोगों को चाहे वो कोई जाति-धर्म के लोग क्यों नहीं हों, कोई पार्टी के लोग क्यों नहीं हों, एक प्रधानमंत्री निंदा क्यों नहीं कर रहे हैं?

प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने एक बार कंडेम किया था, जिसने लिंचिंग की थी, तब कहा कि ये एंटी-सोशल एलीमेंट है, एक बार बोलने के बाद में उनके मुंह पर ताले क्यों लग गए हैं प्रधानमंत्री के, 5 साल से क्यों नहीं बोल रहे हैं? वो बोलेंगे तो हिंसा रुकेगी, उनका एक मायना होता है प्रधानमंत्री के बोलने का, हिंसा रुकेगी, माहौल बदलेगा, एक बार आप बोल गए, फिर पता नहीं कि दबाव कहां से पड़ा, आपने बोलना बंद कर दिया. तो मैं आज भी ये मांग करना चाहूंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से कि वो राष्ट्र के लोगों को आह्वान करें कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, कानून का राज रहेगा, जहां हिंसा होगी हम कंडेम करेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे.

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