कांग्रेस मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘वंदे मातरम्’के गायन से शुरू हुआ विवाद अब और तेज हो गया है. कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में पार्टी ने 1937 में पारित प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया है. इसके तहत कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’के शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे. ऐसा करके कांग्रेस ने बैठे बिठाए भारतीय जनता पार्टी को एक अवसर दे दिया. अब बीजेपी ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया है. जहां एक ओर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले को 'देश विरोधी' करार दिया. वहीं अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया है.
अमित शाह ने बताया ‘देशविरोधी’ फैसला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले को 'देशविरोधी' करार दिया. शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर फिर से वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टीकरण का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के बजाय केवल दो अंतरे गाने का फैसला संसद द्वारा बनाए गए कानून की खुली अवहेलना है. अमित शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटा और उनके मुताबिक, इसी से दो-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली और देश का विभाजन हुआ.
उन्होंने दावा किया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के मौके पर मोदी सरकार ने इस ऐतिहासिक गलती को सुधारते हुए पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस से सवाल किया कि देश की एकता और राष्ट्रीय सम्मान बड़ा है या वोट बैंक की राजनीति?
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान
सम्राट चौधरी ने कांग्रेस के फैसले को लेकर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने का निर्णय उसकी तुष्टीकरण की राजनीति को फिर सामने लाता है. उन्होंने कहा कि 1937 के पुराने फैसले को दोहराकर कांग्रेस न सिर्फ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना का अपमान कर रही है, बल्कि उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का भी अपमान कर रही है, जिन्होंने ‘वंदे मातरम्’ को अपना प्रेरणामंत्र बनाया था.
वोट बैंक के दबाव में काम करती है कांग्रेस
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक बार फिर 'तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति' का रास्ता अपनाया है. उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के राष्ट्रगौरव का प्रतीक है और इसके पूर्ण गान से पीछे हटने का फैसला कांग्रेस की पुरानी राजनीति है. प्रधान ने कहा कि जिस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की भावना जगाई, उसके पूर्ण गान से पीछे हटना सिर्फ राजनीतिक फैसला नहीं है.












