मासिक धर्म से जुड़ी कुरीतियों पर जागरूक करती फ़िल्म, लेकिन सैनेटरी पैड पर भगवान की तस्वीर क्यों?

सैनिटरी पैड पर भगवान कृष्ण की तस्वीर, 'मासूम सवाल' फिल्म के डायरेक्टर और पूरी टीम पर FIR, संतोष उपाध्याय बोले- 'माफी नहीं मांगूंगा चाहे चढ़ा दो फांसी पर, यहां पर पैड के ऊपर कृष्णा जी दिख रहे हैं लेकिन फिल्म में तो हमने मासिक धर्म के दौरान मूर्ति स्पर्श को अनुमति दी है,' पोस्टर में हिंदू धर्म की आस्था के अपमान की जरूरत ही क्यों पड़ी?

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'नहीं मांगूंगा माफी, चाहे चढ़ा दो फांसी'
'नहीं मांगूंगा माफी, चाहे चढ़ा दो फांसी'
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Politalks.News/Bollywood/MasoomSawal. हाल ही में आई एक शॉर्ट फिल्म काली को लेकर उठा बवाल शांत भी नहीं हुआ था कि अब बीती अगस्त को रिलीज हुई हिंदी फिल्म मासूम सवाल पर विवादों में आ गई है. अब इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है. यही नहीं फिल्म के डायरेक्टर और फिल्म की पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. दरअसल, इस फिल्म के पोस्टर में सैनिटरी पैड पर फ़िल्म के कलाकारों के साथ ही भगवान कृष्ण की तस्वीर बनी हुई है जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि सियासी हलकों में अभी दूसरे बड़े राजनीतिक मुद्दे हावी हैं शायद इसीलिए अभी इस पर कोई बड़ा राजनेता नहीं जागा है.

‘मासूम सवाल’ फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज
आपको बता दें कि बीती 17 जुलाई को एक फ्रिंज फिल्म ‘मासूम सवाल’ के मेकर्स ने फ़िल्म के कुछ पोस्टर्स शेयर किए थे. जिसमें से फिल्म के एक पोस्टर में सैनिटरी पैड पर भगवान कृष्ण की फोटो बनी हुई है. इस मामले में जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद सर्कल के ऑफिसर स्वतंत्र सिंह ने कहा कि मासूम सवाल के डायरेक्टर संतोष उपाध्याय और उनकी टीम के ऊपर हिंदू राष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रेसिडेंट अमित राठौर ने शिकायत दर्ज करवाई है. पूरी टीम पर IPC की धारा 295 के तहत FIR दर्ज हुई है.

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फिल्म डायरेक्ट ने कही मांफी ना मांगने की बात
वहीं दूसरी ओर फिल्म के डायरेक्टर संतोष उपाध्याय ने हाल ही में एक लोकल मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू के दौरान हाल ही में कहा कि मैं जीवन में कभी माफी नहीं मांगूंगा, चाहे मुझे इस लिए फांसी पर चढ़ा दिया जाए. अभी यहां पर पैड के ऊपर कृष्णा जी दिख रहे हैं लेकिन फिल्म में तो हमने मासिक धर्म के दौरान मूर्ति स्पर्श को अनुमति दी है. हमारी फिल्म का विषय ही यही है कि मासिक धर्म अशुभ कैसे होता है, तो हमारा जब आधार ही यही है. उपाध्याय ने कहा कि पूरी फिल्म मासिक धर्म पर आधारित है इसलिए पैड दिखाना अनिवार्य है. इसलिए पोस्टर पर पैड है न कि पैड पर कृष्ण जी, हम दिखाना कुछ और चाह रहे थे लेकिन लोगों ने इसे गलत समझ लिया.

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फ़िल्म निर्देशक संतोष उपाध्याय ने आगे कहा कि, ‘हमारा इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था. कभी-कभी चीजों को देखने का हमारा नजरिया गलत होता है, जो गलत धारणा की ओर ले जाता है. ये फिल्म महिलाओं के मासिक धर्म पर आधारित है, जिसे लेकर आज भी लोगों के मन में बहुत सारी भ्रांतियां हैं. हमारी फिल्म का एकमात्र उद्देश्य वर्जनाओं को तोड़ना है. उपाध्याय ने कहा कि पूरी फिल्म 2 घंटे 25 मिनट की फिल्म है जिसको सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट दिया है और किसी भी उम्र के महिला-पुरूष इस फिल्म को देख सकते हैं.

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फ़िल्म काली के पोस्टर को लेकर मचा था ऐसा ही बवाल
करीब एक महीने पहले ही भारतीय मूल की एक फिल्ममेकर लीना मनिमेकलाई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर को लेकर भी जमकर विवाद हुआ था. काली फिल्म के पोस्टर में लीना मनिमेकलाई ने एक महिला को देवी काली की भूमिका में दिखाया था. इस पोस्टर में देवी काली बनी कलाकार के हाथ में सिगरेट और LGBTQ कम्युनिटी का झंडा भी था. सोशल मीडिया पर इस फिल्म के पोस्टर का विवाद इस कदर बढ़ा था कि भारत सरकार ने इस पर अपनी आपत्ति जताई थी. जिसके बाद कनाडा में इस फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी गई थी. और, अब वैसा ही विरोध फिल्म मासूम सवाल का भी किया जा रहा है.

क्या सेनेटरी पैड पर भगवान कृष्ण की तस्वीर दिखाना जरूरी था?
अब यहां बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर फिल्म मासूम सवाल के पोस्टर में हिंदू धर्म की आस्था के अपमान की जरूरत ही क्यों पड़ी? क्या इन तमाम तार्किक लोगों के सामने ये तर्क मायने नहीं रखता है कि अगर पोस्टर में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति की तस्वीर न लगाई जाती, तो क्या फर्क पड़ जाता? खुद को तर्कवादी बताने वाली ये प्रजाति ये नहीं सोचती है कि मासिक धर्म यानी पीरियड्स से जुड़ी फिल्म के पोस्टर में सेनेटरी पैड दिखाए जाने से ही फिल्म का मंतव्य साफ हो जाता है. तो, जबरन भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर को इस पोस्टर में क्यों घुसेड़ा गया?

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ये है फिल्म की कहानी
यहां आपको बता दे कि ‘मासूम सवाल‘ फिल्म को कमलेश मिश्रा ने लिखा है. फिल्म की कहानी महिलाओं और लड़कियों को होने वाली माहवारी को लेकर फैले अंधविश्वास को लेकर है. फिल्म 5 अगस्त को सिनेमा घरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में नितांशी गोयल, एकावली खन्ना, शिशिर शर्मा, मधु सचदेवा, रोहित तिवारी, वृंदा त्रिवेदी, रामजी बाली, शशि वर्मा और अन्य एक्टर्स भी लीड रोल में हैं.

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