राजस्थान की भजनलाल सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को लेकर लिया बड़ा प्रशासनिक फैसला, राजस्थान में 40 विला-कॉटेज की खरीद का मामला सामने आने के बाद भजनलाल सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को किया APO, कार्मिक विभाग ने 28 अक्टूबर 2026 की देर रात जारी किया आदेश, संपत्ति खरीद से जुड़े विवाद के बीच राज्य सरकार ने उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और राजकीय उपक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल को प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए आगामी आदेशों तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) में रखा, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम पर अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे गए, इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 6.16 करोड़ रुपये बताई गई, रिपोर्ट के अनुसार, खरीद के बाद सभी 40 विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए गए, जिससे इन्हें खरीदा गया था, इससे हर साल करीब 1.80 करोड़ रुपये की लीज आय होने का किया गया दावा, शिखर अग्रवाल उद्योग, MSME, राजकीय उपक्रम, निवेश और RIICO सहित कई महत्वपूर्ण पदों की संभाल रहे थे जिम्मेदारी, जो अब APO आदेश के बाद उनसे हट गई, इतना ही नहीं सूत्रों के अनुसार इस मामले में CBI को शिकायत भेजे जाने की भी है खबर, हालांकि, संपत्ति से जुड़े आरोपों और दावों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना है बाकी, कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में APO किए जाने की वजह प्रशासनिक कारण बताई गई, इस फैसले के बाद राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में हलचल हुई तेज











