खींवसर-मंडावा में बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी का कांग्रेस को मिल सकता है फायदा

Rajasthan By-Election

खींवसर (Khivansar) और मंडावा (Mandawa) उपचुनाव में बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी का बड़ा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है और बीजेपी की जीत की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी. दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर पार्टी ने गैर भाजपा विचारों वाले प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है. खींवसर में भाजपा ने हनुमान बेनीवाल से गठबंधन के तहत राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के लिए सीट खाली छोड़ी जिस पर नारायण बेनीवाल चुनाव लड़ रहे है तो वहीं मंडावा में पार्टी ने कांग्रेस छोड भाजपा में शामिल हुई सुशीला सिंगड़ा को टिकट दे दिया, जिससे भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है. … Read more

वीडियो खबर: उप चुनाव के बाद राजस्थान में बनेगा नया सीएम

एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आरएलपी चीफ हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने कहा कि खींवसर और मंडावा की जनता हमारे साथ है. दोनों सीटों पर 21 अक्टूबर को होने वाले उप चुनाव कांग्रेस पार्टी हार रही है. बेनीवाल ने कहा कि उप चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ ही राजस्थान में नया मुख्यमंत्री बनने वाला है.

निकाय प्रमुखों के चुनाव पर उठे विरोध पर बोले धारीवाल- कोई नये नियम नहीं बनाए, 9 महीने पहले सार्वजनिक कर दी थी जानकारी

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की गहलोत सरकार द्वारा स्थानीय निकायों में अध्यक्ष, सभापति और महापौर के चुनाव में हाईब्रिड फॉर्मूले को लागू करने के एक दिन बाद ही खुद गहलोत सरकार के मंत्री और विधायकों द्वारा इस फैसले के विरोध करने पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल (Dhariwal) ने कहा कि सवाल तो तब उठना चाहिए जब नए नियम बनाए हों, वर्ष 2009 में जो नियम थे वही इस बार लागू हैं. हमने नौ माह पहले ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर दी थी, लेकिन बहुत से लोगों ने नियम ही नहीं पढ़े, इसलिए अब वो चर्चा कर रहे हैं. बता दें, निकाय प्रमुखाें के चुनाव के तरीके में किए गए बदलाव … Read more

वीडियो खबर: सिंधिया के पत्रों को कमलनाथ ने नहीं दी तवज्जो

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने बाढ़ पीड़ितों को सहायता, श्योपुर में सैनिक स्कूल और मेडिकल कॉलेज सहित ग्वालियर में मेट्रो रेल के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा. इन पत्रों के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा है कि सिंधिया के लिखे ये पत्र मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंचेंगे ही नहीं, इन पत्रों का हश्र भी वही होगा जो पहले लिखे पत्रों का हुआ.

अब निकाय क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति बन सकेगा मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष

Mayor Chairman

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा धारा 370 हटाये जाने के बाद बदले महौल से चिंतित राजस्थान की गहलोत सरकार ने दो दिन पहले नगर निकाय चुनाव पर यु-टर्न लेने के बाद अब इन चुनावाें काे लेकर एक अाैर बड़ा निर्णय लिया है. जिसके तहत अब पार्षद के चुनाव में हिस्सा लिए बिना अथवा यह चुनाव हारा हुअा प्रत्याशी भी मेयर (Mayor), सभापति (Chairman) या पालिकाध्यक्ष चुना जा सकेगा. गहलोत सरकार ने महापौर, सभापति और पालिकाध्यक्ष बनने के लिए पार्षद चुनाव लडऩे की अनिवार्यता समाप्त कर दी है. अब निकाय क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति दावेदारी कर सकेगा, लेकिन जिस वर्ग के लिए सीट आरक्षित होगी, उसी वर्ग का … Read more

वीडियो खबर: निकाय चुनाव पर कांग्रेस के यू टर्न पर BJP का हल्लाबोल

राजस्थान (Rajasthan) में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले यू-टर्न लेते हुए फैसला लिया कि अब पार्षद ही महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव करेंगे. इससे पहले प्रदेश सरकार ने प्रत्यक्ष चुनाव कराने का समर्थन किया था और इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ​भी किया था. अब BJP इस पर पलटवार कर रही है. पूर्व मंत्री और मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ ने थूंककर चाटने वाला कदम बताया.

बेनीवाल की गहलोत को चुनौती- कांग्रेस दोनों उपचुनाव हारी तो वे इस्तीफा दें, जीती तो मैं दे दूंगा सांसद पद से इस्तीफा

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. झुंझुनू जिले की मंडावा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी सुशीला सिंगडा के समर्थन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि इस उपचुनाव में मंडावा व खींवसर दोनों सीट जीतकर मुख्यमंत्री गहलोत की विदाई कर देंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत को ‘राजनीति का जादूगर’ कहा जाता है लेकिन भाजपा व रालोपा ने मिलकर जिस तरह उनके पुत्र वैभव गहलोत को लोकसभा चुनाव में हराया, उसी तरह इस उपचुनाव में कांग्रेस को हराकर ये खिताब गहलोत से छीन लेंगे.

वहीं मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने अशोक गहलोत को चुनौती देते हुए कहा कि वे इस बात की घोषणा करे कि कांग्रेस अगर दोनों उपचुनाव हारी तो गहलोत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. बेनीवाल ने घोषणा करते हुए कहा कि खींवसर में रालोपा और मंडावा में बीजेपी नहीं जीती तो वे सांसद पद से इस्तीफा दे देंगे.

उपचुनावों में गहलोत को हरा छीन लेंगे ‘राजनीति के जादूगर’ का खिताब: हनुमान बेनीवाल

Hanuman Beniwal

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. झुंझुनू जिले की मंडावा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी सुशीला सिंगडा के समर्थन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने एक बार फिर अशोक गहलोत पर जमकर चलाए जुबानी तीर चलाए. बेनीवाल ने कहा कि इस उपचुनाव में मंडावा व खींवसर दोनों सीट जीतकर मुख्यमंत्री गहलोत की विदाई कर देंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत को ‘राजनीति का जादूगर’ कहा जाता है लेकिन भाजपा व रालोपा ने मिलकर जिस तरह उनके पुत्र वैभव गहलोत को लोकसभा चुनाव में हराया, उसी तरह इस उपचुनाव में कांग्रेस को हराकर ये खिताब गहलोत से छीन लेंगे. इस चुनावी … Read more

सिंधिया ने सरकार को लिखे पत्र, बीजेपी का दावा सरकार तक पहुंचेंगे ही नहीं ये पत्र

Jyotiraditya Scindia Narottam Mishra

मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) पिछले कुछ महीनों से लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर जनता के हित से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और साथ ही इन मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई के लिए कमलनाथ सरकार को पत्र भी लिख रहे हैं. अभी हाल ही में सिंधिया ने बाढ़ पीड़ितों को सहायता, श्योपुर में सैनिक स्कूल और मेडिकल कॉलेज सहित ग्वालियर में मेट्रो रेल के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है. लेकिन क्या सिंधिया द्वारा सरकार को लिखे जा रहे ये पत्र सरकार तक पहुंच भी रहे हैं और क्या सरकार इनको तवज्जो भी दे रही है? इस पर अब सियासी चर्चा शुरू हो गई है. सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) द्वारा लिखे इन पत्रों के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा है कि सिंधिया के लिखे ये पत्र मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंचेंगे ही नहीं, इन पत्रों का हश्र भी वही होगा जो पहले लिखे पत्रों का हुआ.

बता दें, पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने हाल ही में ग्वालियर दौरे के दौरान शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए लोगों की मांग पर मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिख कर कहा है कि ग्वालियर में यातायात के बढ़ते दबाव के कारण मेट्रो रेल की आवश्यकता है. मेट्रो रेल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर में मेट्रो रेल कंपनी का गठन किया जाना आवश्यक है, जिससे मेट्रो रेल कंपनी द्वारा नगर में मेट्रो रेल के संचालन के लिए फिजिबिलेटी स्टडी कराई जा सके.

इससे पहले मध्यप्रदेश की जनता के लिए महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने भिंड के दौरे के दौरान भी मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर मांग की थी कि वे प्रदेश के भिंड जिले में सैनिक स्कूल एवं मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केन्द्र सरकार से सिफारिश करें. इस संबंध में सिंधिया ने सीएम कमलनाथ को शुक्रवार को दो अलग-अलग पत्र लिखे. इन पत्रों में सिंधिया ने कहा कि मेरे हाल ही के भिंड प्रवास के दौरान कांग्रेस विधायकों, कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों, समाजसेवियों एवं आमजन ने इन दोनों मांगों को लेकर एक सुर में आवाज उठाई है. उन्होंने कहा कि भिंड जिले की ये दोनों मांगे आज की नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी हैं, लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई हैं.

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लेकिन सियासी चर्चा इस बात पर होने लगी है कि क्या सिंधिया द्वारा सरकार को लिखे जा रहे ये पत्र सरकार तक पहुंच भी रहे हैं और क्या सरकार इनको तवज्जो भी दे रही है? भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने शायराना अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि ‘खत जो लिखा मैंने इंसानियत के पते पर, डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते- ढ़ूंढ़ते’. मिश्रा ने बड़े विश्वास से कहा कि सिंधिया के लिखे ये पत्र मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंचेंगे ही नहीं, इन पत्रों का हश्र भी वही होगा जो पहले लिखे पत्रों का हुआ.

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने महाराष्ट्र में चुनावी सभा में राहुल गांधी द्वारा दिए भाषण पर भी तंज कसा और कहा कि राहुल मध्यप्रदेश का भाषण महाराष्ट्र में पढ़ गए. सिंधिया द्वारा पत्र में उल्लेखित की गई मांगों को लेकर मिश्रा ने कहा कि महाराष्ट्र में राहुल गांधी किसानों से पूछ रहे थे कि कर्जा माफ हुआ या नहीं , युवाओं से पूछ रहे थे, रोजगार मिला या नहीं. मुझे लगता है मध्य प्रदेश का भाषण राहुल महाराष्ट्र में पढ़ गए. उन्होंने कहा कि अगर ये भाषण वाकई महाराष्ट्र के लिए था, तो मेरी (Narottam Mishra) राहुल गांधी से विनती है इस भाषण को मध्यप्रदेश में भी दोहराए, यहां किसानों का कर्जा माफ हुआ या नहीं, बर्बाद फसलों का मुआवजा मिला या नहीं.

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने मीडिया से चर्चा के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पत्र दिखाए, जिसमें सिंधिया ने पत्र में कमलनाथ से श्योपुर और मुरैना में किसानों का सर्वे कार्य प्रारंभ ना होने की बात लिखी है. सिंधिया ने कमलनाथ से मांग की है कि किसानों को पिछले साल रबी की फसल का बोनस दिया जाए. उन्होंने कहा कि सिंधिया ने अब तक चार पत्र लिखे है , इसके पहले दिग्विजय सिंह ने पत्र लिखे. उसके पहले भी कई नेता सरकार को पत्र लिख चुके हैं, जब कोई खता होती है तभी कोई पत्र लिखता है.

वरिष्ठ भाजपा नेता मिश्रा (Narottam Mishra) ने कमलनाथ सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि गेहूं का अब तक किसानों को बोनस नहीं मिला है. कर्जा अब तक माफ नहीं हुआ है, बारिश से बर्बाद हुई फसल का अब तक मुआवजा नही मिला, सर्वे नही किया गया. ये मुद्दे पहले ही भाजपा उठाती आई है और अब कांग्रेस के नेता पत्र लिखकर सरकार को याद दिला रहे है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के कामों में देरी हो इसके लिए पटवारियों, तहसीलदारों और नायाब तहसीलदारों की हड़ताल करवाई गई

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मतलब साफ है कि भाजपा नेताओं की तो छोड़ो खुद कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लिखे गए पत्रों को कमलनाथ सरकार तवज्जो नहीं दे रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सरकार को लिखे पत्रों के लिए भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) की शायराना अंदाज में कही गई ये बात बिलकुल सटीक है कि ‘खत जो लिखा मैंने इंसानियत के पते पर, डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते-ढूढ़ते’.

वीडियो खबर: निकाय चुनावों पर क्या बोले यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल

राजस्थान (Rajasthan) में गहलोत सरकार ने निकाय चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण फैसले पर यू-टर्न लेते हुए नया फैसला लिया कि अब पार्षद ही करेंगे महापौर और निकाय प्रमुख का चुनाव. गहलोत केबिनेट (Gehlot Cabinet) की एक अहम बैठक में ये फैसला लिया गया.