पॉलिटॉक्स ब्यूरो. गहलोत सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सीएम अशोक गहलोत ने किसानों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की. साथ ही राजस्थान कृषि प्रसंस्करण कृषि व्यवसाय, कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति का भी विमोचन किया. गहलोत ने किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आपके आशीर्वाद से मुझे तीसरी बार राजस्थान का प्रथम सेवक बनने का मौका मिला है. मंच पर गहलोत के साथ उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को छोडकर लगभग सभी मंत्री मौजूद रहे.
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अशोक गहलोतजी, अहम न पालें, ये कुर्सी जनता की नहीं आलाकमान का आशीर्वाद है: बेनीवाल
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की राजनीति में नागौर सांसद और आरएलपी के मुखिया हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal Statement) और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बीच की अदावत किसी से छुपी नहीं है. मंगलवार को गहलोत सरकार के कार्यकाल को एक साल पूरा हुआ है, इस पर सरकार प्रदेशभर में जश्न मना रही है. वहीं हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वोटिंग पोल जनरेट कर राजस्थान की जनता से सरकार के एक साल के कार्यकाल के संबंध में राय मांगी और उसका नतीजा रखा. इसमें कुशासन पर 78 फीसदी और सुशासन पर 22 फीसदी लोगों ने वोट दिया. इस वोटिंग में 8857 लोगों ने भाग लिया. राजस्थान में … Read more
प्रदेश को मिली पहले जनता क्लीनिक की सौगात, महिला सशक्तिकरण के लिए 1000 करोड की योजनाओं का शुभारंभ
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार का एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री गहलोत ने बुधवार को पहले प्रदेश की जनता को नई सौगात देते हुए जनता क्लिनिक (Janta Clinic) का उदघाटन किया. इसके बाद गहलोत ने निरोगी राजस्थान अभियान का शुभारंभ करने के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में भी शिरकत करते हुए 1000 करोड़ की योजनाओं की सौगात प्रदेश की महिलाओं को दी.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजधानी के जगतपुरा स्थित वाल्मिकी नगर में प्रदेश को पहला जनता क्लिनिक (Janta Clinic) की सौगात देने के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि ‘पहला सुख निरोगी काया’, इसको आधार बनाकर निरोगी राजस्थान अभियान आज से शुरू हो रहा है. इसी के अंतर्गत जनता क्लिनिक बन रहा है. जनता क्लिनिक की घोषणा सरकार ने बजट में की थी. प्रदेश में इतने मोहल्ले हैं, इतना बडा क्षेत्र है, एक साथ सभी जगह शुरूआत नहीं हो सकती, इसलिए सरकार चाहती है कि इस नेक काम में एनजीओ भी आगे आएं. उद्योगपतियों का सीएसआर के तहत पैसा इस काम में लगे, विधायकों व सांसदो का फंड इसमें लगे और नगर निगम और यूआईटी जहां है वो जगह उपलब्ध करवाए ताकि जल्दी से जल्दी प्रदेशभर में जनता क्लिनिक खुल सकें.
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जनता क्लिनिक (Janta Clinic) के शुभारंभ के बाद सीएम गहलोत ने जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज सभागार में निरोगी राजस्थान अभियान और जन आधार योजना का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान को निरोगी बनाना इस अभियान का लक्ष्य है. ये कोई योजना नहीं, बल्कि एक अभियान है, जिसमें सभी को साथ मिलकर इसे सफल बनाना होगा. इसमे चिकित्सा विभाग के साथ ही अन्य कई विभागों का भी बराबर सहयोग रहेगा. इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में ऐसा माहौल बनाना है जिससे रोग ही पैदा न हो. इसके लिए प्रदेश के हर गांव और मौहल्ले में स्वास्थ्य मित्र बनाये जायेंगे. प्रदेश में करीब एक लाख स्वास्थ्य मित्रों का एक मेला लगाया जाएगा जिसमें उन्हे स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी जायेगी.
गहलोत ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय राजस्थान इस काम को अहमियतता से कर रहा है. सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का हर व्यक्ति स्वस्थ रहे उसे किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं हो. यह काम तब सार्थक होगा जब प्रदेश की आम जनता सहयोग करेगी. आगे गहलोत ने कहा कि (Janta Clinic) यह योजना प्रदेश के हर व्यक्ति के लिए है इसलिए सरकार चाहेगी की वो सभी लोग कैसे स्वस्थ रहे, किस तरह की लाइफस्टाइल को अपनायें, पर्यावरण को किस तरह से ठीक रखें ताकि बीमार होने की संभावना कम हो इसके लिए सरकार लोगो को प्रशिक्षित करेगी. प्रदेश की जनता अपने हित के लिए इस योजना को अपनायेगी और देश कैसे स्वस्थ रहे इसके लिए राजस्थान देश में मॉडल स्टेट बनेगा.
मुख्यमंत्री गहलोत ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में भी शिरकत की. इस कार्यक्रम में गहलोत ने 1 हजार करोड की इंदिरा महिला शक्ति निधि योजनाओं का भी शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं के लिए इंदिरा महिला शक्ति निधि के लिए 1 हजार करोड के कोष का गठन किया गया है और जरूरत पडी तो इसे और भी बढा दिया जायेगा. गहलोत ने आगे कहा कि महिलाओं को जो स्थान आजादी के बाद मिलना चाहिए था वह अभी तक नही मिला है पर अब जमाना बदल गया है.
एक साल की हुई अशोक गहलोत की 3.0 सरकार, मेनिफेस्टो के 503 में से 119 वादे पूरा करने का दावा
गहलोत ने आगे अपने संबोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कानून में संशोधन किया था जिससे आज महिलाएं विधायक, सांसद, पंच, सरपंच बनने लगी है पहले नहीं बनती थी. अब धीरे धीरे महिलाएं संभल गयी है और अब घूंघट भी हट गया है. उसी रूप में पुरुषों को भी चाहिए कि महिलाओं को बढ़ावा दे अगर महिलाओ को बढ़ावा देंगे तो समाज बदलेगा. महिलाओं की भागीदारी होगी तो देश तेजी से आगे बढेगा. इसमे सरकार कोई कमी नही रखेगी सरकार की योजनाओं का सभी महिलाएं लाभ लें. वहीं इस कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं से गहलोत ने भ्रूण हत्या रोकने ओर ऐसा करने पर विरोध करने का भी आग्रह किया.
गहलोत सरकार के एक साल के कार्यकाल को बीजेपी ने बताया विफल, वादाखिलाफी के 52 सप्ताह की चार्जशीट की जारी
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल (Gehlot government One Year Term) पूरा होने पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर कांग्रेस सरकार के एक साल के कार्यकाल के खिलाफ एक चार्जशीट जारी की. इस चार्जशीट में सरकार की 52 सप्ताह की वादा खिलाफी की 52 विफलताओं का आरोप लगाया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनियां ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का एक साल (Gehlot government One Year Term) मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के मध्य प्रतिस्पर्धा में बीत गया. परिणामस्वरूप सरकार के एक साल के जश्न के कार्यक्रमों के दौरान उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नदारद रहे. मुख्यमंत्री गहलोत ने स्वयं ही स्वीकार … Read more
मुख्यमंत्री गहलोत ने किसानों को दी बड़ी सौगात, 1000 करोड़ का कृषक कल्याण कोष गठित
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. गहलोत सरकार के एक साल पूर्ण होने पर मंगलवार को जयपुर में कई कार्यक्रम आयोजित हुए. एक साल पूर्ण होने पर सुबह अल्बर्ट हॉल से त्रिमूर्ति सर्किल तक रन फ़ॉर निरोगी राजस्थान का आयोजन किया गया जिसको मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Gehlot) सहित झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद जवाहर कला केंद्र पर मुख्यमंत्री गहलोत ने राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और सरकार के एक वर्ष फैसले अनेक पुस्तक का विमोचन भी किया गया. एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री गहलोत (Chief Minister Gehlot) ने एक हजार करोड … Read more
गहलोत की प्यार भरी चेतावनी बनी चर्चा का विषय, सुधीजनों ने कहा “ऐसा नहीं होता सरकार..! यह लोकतंत्र है राजतंत्र नहीं”
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा मीडिया (Gehlot on Media) संस्थानों को दी गई प्यार भरी चेतावनी हर मीडिया हाउस और राजनेताओं में चर्चा का विषय बनी रही. अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम गहलोत ने मीडिया घरानों और पत्रकारों को बातों-बातों में कहा कि, ‘मीडिया संस्थान विज्ञापन तो ले लेते हैं लेकिन सरकार की योजनाओं या देश हित में सावर्जनिक मंच से की गई बात का प्रचार-प्रसार नहीं करते हैं, उसके लिए फोन करके रिक्वेस्ट करनी पड़ती है’. तो क्या अब जो मीडिया हाउस सरकार का प्रचार-प्रसार करेगा उसी को विज्ञापन मिलेगा? या जो सरकार की कमियां उजागर करेगा उसको सरकारी विज्ञापन से वंचित कर दिया जाएगा?
दरअसल इन दिनों कुछ (Gehlot on Media) मीडिया संस्थान सिर्फ गहलोत सरकार की कमियां उजागर करने में लगे हैं जो कि वैसे तो मीडिया का काम भी है. मीडिया को “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ” भी कहा गया है जिसका काम सरकार की अच्छी और बुरी बातें लोगों तक पहुंचाना है, लेकिन कुछ मीडिया हाउस केवल सरकार की गलतियां ही उजागर कर रहे हैं और कुछ मीडिया संस्थान या हाउस सरकार का गुणगान ही करने में लगे हैं. ऐसे में आम लोगों के लिए अब मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानना भी बेमानी सा लगने लगा है.
वहीं यह कहना भी जरूरी हो जाता है कि कुछ मीडिया संस्थान (Gehlot on Media) तो जैसे सरकार की गोद में ही चले गए हैं, ऐसे में अब जो शेष संस्थान है जो सरकार की कमियां भी उजागर करते हैं तो सरकार को बुरा लगता है लेकिन यह बात भी यहां कहना तो बनता ही है जिस मीडिया ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की उपाधि पाई है अब उसे पूरी तरह खत्म किया जा रहा है इसलिए अब लोगों का मीडिया के प्रति विश्वास भी कम होता जा रहा है.
गौरतलब है कि पिछली वसुंधरा सरकार में मीडिया को प्रतिबन्धित करने के लिए कुछ नियम सरकार ने बनाए थे जिसका उस वक्त प्रदेश कांग्रेस में सरपरस्त रहे अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने पुरजोर विरोध किया था और सरकार बनने से पूर्व मीडिया को लेकर काफी बड़ी बड़ी बातें भी कही थी जिनमें मीडिया पर कानून या नियमों को थोपना गलत भी बताया था (Gehlot on Media). लेकिन आज जब मीडिया फ्रेंडली माने जाने वाले गहलोत की सरकार के बारे में पत्रकार कुछ लिखते हैं तो उन्हें यह गलत क्यों लगता है? अगर ऐसा ही चला तो फिर राजस्थान में या कहीं और भी ऐसा सभी सरकारों को लगने लगे तो मीडिया की जरूरत ही क्या रह जाएगी? क्योंकि मीडिया सरकार को आईना दिखाने का काम करता है और आईना कभी झूठ नहीं बोलता… लेकिन ऐसा ही चला तो मीडिया की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ शायद गिर जाएगा.
एक साल की हुई अशोक गहलोत की 3.0 सरकार, मेनिफेस्टो के 503 में से 119 वादे पूरा करने का दावा
बहरहाल कुछ वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और पत्रकारों ने दबे स्वरों में ना सिर्फ इसे गलत बताया बल्कि गहलोत सरकार के लिए प्यार भरे अंदाज में यह भी कह दिया कि यह “लोकतंत्र है राजतंत्र नहीं” अगर ऐसा ही चलेगा तो ना आपकी सरकार को अपनी कमियों का पता चलेगा और ना ही सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी (Gehlot on Media) और यह कदम सरकार के लिए खुद अपने लिए खड्डा खोदने जैसा होगा. अगर यही चला तो आपके पास भी चापलूसों की फौज नजर आने लगेगी जो किसी भी सरकार में दीमक की तरह काम करती है और ये तो सब जानते ही है कि दीमक जहां भी लगती है वो उसे खाकर ही अपना पेट भरती है. आप (श्रीमान अशोक गहलोत) क्या कोई भी शायद ऐसा नहीं चाहेगा और आप तो वैसे भी अपनी सूझबूझ के लिये पहचाने जाते हैं और फिर आपकी मंशा भी कुछ और ही है तो उसे खुलकर सबके सामने आने दीजिये गहलोत सर. ऐसा नहीं करना आप की छवि के खिलाफ है और शायद आप भी अपनी छवि नहीं बिगाड़ना चाहेंगे. अगर सरकार को पाबन्दी लगानी ही है तो उन पर लगाए जो मीडिया हाउस सिर्फ अपना पेट भरने में लगे हैं, जिनका पत्रकारिता से कोई सरोकार नहीं, अब बाकी तो सरकार खुद समझदार है..।
एक साल की हुई अशोक गहलोत की 3.0 सरकार, मेनिफेस्टो के 503 में से 119 वादे पूरा करने का दावा
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में अशोक गहलोत की 3.0 सरकार (Ashok Gehlot Government) का एक साल का कार्यकाल आज 17 दिसम्बर को पूरा हो गया है. सरकार अपने एक साल का जश्न सादगी पूर्ण तरीके से मनाने जा रही है. राजधानी जयपुर में बिना किसी बड़ी पॉलिटिकल रैली के सरकार छह दिवसीय राज्य और जिला स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है. इनमें तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन जयपुर में होंगे और तीन दिवसीय कार्यक्रम जिला स्तर पर होंगे. एक साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा बिना किसी फिजूलखर्ची वाले जश्न की बजाय सादगी पूर्ण तरीके से जश्न मनाने की है. इसके लिए सरकारी स्तर पर छह … Read more
गहलोत सरकार के एक साल पर बोलीं राजे- प्रदेश में सरकार है ही कहां, सरकार होती तो कानून व्यवस्था का राज होता, बच्चियां सुरक्षित होतीं
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में गहलोत सरकार का एक साल (One Year of Gehlot Government) पूरा होने पर जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रेसवार्ता कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई और एक साल के कार्यकाल को बेमिसाल बताया वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कहा गहलोत सरकार के एक साल में राजस्थान बदहाल हुआ है, सरकार ने किसानों और बेरोजगारों के साथ विश्वासघात किया है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि कैसा सरकार का एक साल का उत्सव, प्रदेश में सरकार है ही कहां? प्रदेश में गहलोत सरकार का एक वर्ष (One Year of Gehlot Government) पूरा होने पर पूर्व सीएम राजे ने कहा है … Read more
ऐसा क्या हुआ कि राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली’ को बताया फ्लॉप शो
पॉलिटॉक्स ब्यूरो. विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) ने कांग्रेस की भारत बचाव रैली पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस की आज की रैली फ्लॉप शो (Congress flop show) साबित हुई. इस रैली में प्रदेश से हजारों लोगों को रैली में ले जाने का दावा महज कोरी कल्पना है. दावे से 20 फीसदी लोग भी दिल्ली नहीं पहुंच सके.