मनमोहन सिंह छठी बार पहुंचे राज्यसभा, सदस्यता की ली शपथ

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने मनमोहन सिंह को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई. मनमोहन सिंह छठी बार राज्यसभा में पहुंचे हैं. वे राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. राजस्थान में बीजेपी ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया. सिंह के शपथ ग्रहण के मौके पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और आनंद शर्मा समेत कांग्रेस के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे. इससे पहले मनमोहन सिंह ने लंबे समय तक राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व किया. उच्च सदन में उनका … Read more

पी.चिदंबरम 5 दिन की सीबीआई कस्टडी में, 27 को फिर होंगे पेश

पूर्व गृहमंत्री पी.चिदंबरम के बारे में सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने चिदंबरम को पांच दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा है. अब चिदंबरम 26 अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे. अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी. परिवार के लोग और वकीलों को रोजाना 30-30 मिनट मुलाकात कर सकेंगे. करीब डेढ़ घंटे चली सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने ये फैसला सुनाया. कोर्ट ने हिरासत में आरोपी की निजी गरिमा का हनन न होने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले बुधवार देर रात गिरफ्तार कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में … Read more

पायलट की बढ़ती सक्रियता

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नया मोड़ लेगी. सचिन पायलट की सक्रियता से इसके आसार दिखने लगे हैं. अगर गहलोत गांधी परिवार के निकट हैं तो पायलट भी गांधी परिवार से दूर नहीं है. राजीव गांधी जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में संगठन के महत्व पर जोरदार तरीके से प्रकाश डालते हुए उन्होंने संकेत दे दिया था वह अब चुपचाप उप-मुख्यमंत्री बने नहीं रह सकते. शायद वह सोच रहे होंगे, गहलोत अकेले सरकार नहीं चलाएंगे, मैं भी कुछ न कुछ करूंगा.

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में फिर नया मोड़

राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति नया मोड़ लेगी. सचिन पायलट की सक्रियता से इसके आसार दिखने लगे हैं. अगर गहलोत गांधी परिवार के निकट हैं तो पायलट भी गांधी परिवार से दूर नहीं है. राजीव गांधी जयंती पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए कार्यक्रम में संगठन के महत्व पर जोरदार तरीके से प्रकाश डालते हुए उन्होंने संकेत दे दिया था वह अब चुपचाप उप-मुख्यमंत्री बने नहीं रह सकते. शायद वह सोच रहे होंगे, गहलोत अकेले सरकार नहीं चलाएंगे, मैं भी कुछ न कुछ करूंगा.

सचिन पायलट बुधवार को अलवर जिले के झिवाणा पहुंच गए और हरीश जाटव, रतिराम जाटव के परिवार से मिले. हरीश जाटव की एक हादसे में मौत हो गई थी. उसके पिता रतिराम ने आरोप लगाया था कि हरीश की मौत भीड़ की पिटाई से हुई है. लेकिन पुलिस ने इस मामले को मॉब लिंचिंग नहीं माना ना ही आरोपियों के खिलाफ आज तक कुछ कर पाई है. पुलिस के इस रवैये से दुखी होकर रतिराम ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जहर खाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद यह मामला मीडिया की चर्चा में आया था. सचिन पायलट ने जाटव परिवार से मिलने के बाद घोषणा की कि यह घटना मॉब लिंचिंग है या नहीं, इसकी नए सिरे से जांच भिवाड़ी के नए एसपी डॉ. अमनदीप सिंह करेंगे.

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने पहलू खां की मौत के मामले में गहलोत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहलू खां मामले में यदि आठ माह पहले सरकार बनते ही एसआईटी का गठन कर जांच करवाई जाती तो अदालत का फैसला कुछ और होता. हालांकि अदालत के फैसले के बाद सरकार ने एसआईटी गठित कर दी है. अब कोई दोषी बच नहीं पाएगा. पायलट ने अलवर में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सभी के लिए आत्मचिंतन का विषय है. कानून हर जाति, समुदाय के लिए बराबर है.

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रतिराम जाटव की मौत के बाद दलित समाज के लोगों और भाजपा नेताओं ने टपूकड़ा सीएचसी के सामने तीन दिन तक धरना दिया था. इसके बाद यह मामला मीडिया में उछला और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए थे. भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस के नेता हरीश जाटव के परिवार से मिलने तक नहीं गए. सरकार सिर्फ पहलू खां मामले में ही जुटी है. इसके बाद सचिन पायलट कांग्रेस की तरफ से सबसे पहले झिवाणा पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाया.

पायलट के पहुंचते ही हरीश जाटव की पत्नी रेखा उनके पैरों से लिपट गई और न्याय की गुहार करने लगी. पायलट ने रेखा की चारों बेटियों के लालन-पालन, पढ़ाई और अन्य आर्थिक मदद के लिए सरकार से हर संभव सहायता दिलवाने की बात कही. हरीश के परिजनों ने पायलट से एफआईआर के आधार पर जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों को हटाने की मांग की. पायलट ने आश्वासन दिया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. पायलट के साथ राज्य के श्रम मंत्री टीकाराम जूली, जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह, अलवर एसपी परिघ देशमुख सहित कई अधिकारी और स्थानीय नेता मौजूद थे.

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इस बीच पुलिस ने रतिराम जाटव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी कर दी है, लेकिन उसमें मौत का कारण का खुलासा नहीं है. डॉक्टरों का कहना है कि फोरेंसिक जांच होने के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा. रतिराम की मौत 15 अगस्त की शाम को जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी. इसके बाद दलित समाज के लोगों ने टपूकड़ा में धरना देते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था. धरने को भाजपा का भी समर्थन था. तीन दिन बाद धरना खत्म होने के बाद रतिराम का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था. अब एफएसएल से विसरा की रिपोर्ट का इंतजार है.

चिदंबरम के बचाव में क्या बोले मुख्यमंत्री गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के पूर्व गृहमंत्री और वित्तमंत्री पी.चिदंबरम पर हो रही कार्यवाही को गलत बताते हुए उनका सपोर्ट किया है. सीएम गहलोत ने मीडिया को बताया कि इस देश के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है कि वो अपने बचाव के जो भी ऑप्शन है उसके अंतर्गत प्रयास करे लेकिन मुझे बहुत आश्चर्य है कि पूर्व वित्तमंत्री की जिस तरीके से छापेमारी हो रही है, उसकी आवश्यकता नहीं थी. चिदंबरमजी की देश के लिए कई विभिन्न पदों पर रहकर. दशकों की सेवाएं हैं. ऐसे व्यक्ति के लिए जिस प्रकार से Vendetta को आधार बना करके जो कार्रवाई की जा रही है. एजेंसी के ऊपर दबाव है चाहे वह सीबीआई हो या ED हो वो साफ नजर आता है. जिस तरफ जांच एजेंसियां रात भर घर में घूस रही है, नोटिस चस्पा कर रही थी, उसकी आवश्यकता नहीं थी. मैं समझता हूं कि यह देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है।

चिदंबरम की गिरफ्तारी दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या – सुरजेवाला

यूपीए सरकार में वित्त मंत्री और गृहमंत्री रहे पी.चिदंबरम की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर हुई कार्रवाई को कांग्रेस ने दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या करार दिया. कांग्रेस की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘पिछले 2 दिन से भारत इस बात का गवाह बना कि किस तरह से दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या की गई और सरकार ने सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक बदला लेने की कोशिश की. चिदंबरम के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई की गई वो राजनीतिक बदले को दिखाता है.’ सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर … Read more

उछलकूद और लुका छिपी के बाद आखिर ‘चिदंबरम’ पिंजरे में

चिदंबरम के पकड़े जाने के बाद कइयों के नीचे की जमीन खिसकने लगी, कई नेता बचने रास्ते ढ़ूंढ़ रहे है. कुछ लोगों ने नागपुर के संघ कार्यालय के फोन नंबर भी ढ़ूढ़ने शुरू कर दिए. यह भी चर्चा चल पड़ी है बड़ी संख्या में अपनी जान बचाने के लिए कई नेता पंजे को बंद करके उसकी मुटठी में कमल पकड़ने जा रहे है . (यह लेख आलोक कुमार सिन्हा ने लिखा है. वैज्ञानिक डॉ. राम श्रीवास्तव ने फेसबुक पर साभार उद्धृत किया है. वहां से उठाकर कुछ त्रुटियां सुधारने के बाद यह पॉलिटॉक्स पर प्रकाशित किया जा रहा है) कांग्रेस नेता चिदम्बरम ने सिर्फ चोरी ही नहीं देश के साथ … Read more

कानून के शिकंजे से कैसे बच सकते थे चिदंबरम?

अपने देश में मान्यता है कि अगर कोई संन्यासी किसी को श्राप दे दे तो वह लगता जरूर है. चिदंबरम के साथ भी ऐसा ही हो रहा है. वह बहुत बड़े वकील हैं. करोड़ों रुपए हर साल कमाते हैं. देश के वित्त मंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं. कांग्रेस के समर्पित सिपाही माने जाते हैं और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विश्वस्त लोगों में से एक हैं. जब वह सत्ता चलाने में मगरूर थे, मनमोहन सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों में मदद कर रहे थे, तब उन्होंने कई ऐसे काम किए, जिनका फल तो उन्होंने भुगतना ही था. चिदंबरम ने अमित शाह को गिरफ्तार करवा दिया था और दिल्ली … Read more