वीडियो खबर: रामगढ़ बांध को लेकर सांसद किरोड़ी मीणा ने की ये मांग

राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) ने जमवारामगढ़ बांध (Jamwaramgarh Dam) के आसपास प्रभावशाली लोगों के किए अतिक्रमण को हटाने की मांग की. उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसे लोगों को हटाया नहीं जा रहा जबकि बाढ़ जयपुर जिले की लाइफ लाइन है. मीणा ने बाढ़ की पुरानी रौनक लौटाने के साथ चंबल या यमुना नदी का पानी भी डायवर्ट करने की मांग की. इसके लिए उन्होंने बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी.

दिल्ली में मनोज तिवारी और गौतम गंभीर के बीच भारी खींचतान

दिल्ली भाजपा (Delhi BJP) में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है. अगले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उससे पहले यह स्थिति भाजपा के लिए असुविधाजनक है. समस्या मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के बीच पिछले कुछ दिनों से पैदा हुई खटास के कारण है. दोनों ही भाजपा नेता होने के साथ ही अपने-अपने क्षेत्र के स्टार का दर्जा रखते हैं. मनोज तिवारी मशहूर गायक और अभिनेता हैं, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष (Delhi BJP President) हैं, जबकि गौतम गंभीर दिग्गज क्रिकेटर रह चुके हैं और दिल्ली से सांसद चुने गए हैं. इस तरह दिल्ली भाजपा में दोनों का अच्छा खासा दखल बन गया है.

पिछले कुछ दिनों से मनोज तिवारी और गौतम गंभीर एक-दूसरे के सामने आने से बच रहे हैं. दोनों ने एक मंच पर उपस्थित होना बंद कर दिया है. मनोज तिवारी लंबे समय से भाजपा में हैं और राजनीति में जम गए हैं, जबकि गंभीर राजनीति में नए-नए आए हैं. जैसे ही भाजपा में शामिल हुए, वैसे ही टिकट मिल गया और लोकसभा चुनाव जीत गए. दिल्ली की राजनीति में गंभीर की पकड़ बनना अभी-अभी शुरू हुआ है. इस प्रक्रिया में उन्होंने सबसे पहले मनोज तिवारी से वैर भाव बनाया है.

बड़ी खबर: अमेरिका में मोदी की विशाल हाउडी रैली से बदलते राजनयिक समीकरण

इन दोनों दिग्गजों की राजनीति कुछ दिन चलेगी, जब तक भाजपा हाईकमान कोई फैसला नहीं करता. गंभीर समर्थकों की मांग है कि दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बदलना चाहिए. हाल ही दिल्ली में एक कार्यक्रम में तिवारी और गंभीर, दोनों आमंत्रित थे. दोनों का कार्यक्रम में उपस्थित होना तय था, लेकिन मनोज तिवारी पहुंच गए, गौतम गंभीर ने अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में नहीं जाने का फैसला कर लिया. वह इस कार्यक्रम से गैरहाजिर रहे. जिसको लेकर बड़ी चर्चाएं चल रही हैं.

इस समय सबकी निगाहें भाजपा हाईकमान की तरफ है. तिवारी को दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से हटाया जाता है तो इसे गौतम गंभीर की सफलता मानी जाएगी और अगर तिवारी अध्यक्ष बने रहते हैं तो यह गंभीर के लिए संकेत होगा कि वह अपने दायरे में रहें और दिल्ली का पार्टी प्रभार तिवारी को संभालने दें. मनोज तिवारी दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनकर उभर रहे हैं. दिल्ली में भाजपा उनके नाम पर ही चुनाव लड़ेगी. अगर तिवारी प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाए जाते हैं तो उनका मुख्यमंत्री पद पर दावा समाप्त हो जाएगा.

वीडियो खबर: कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बूस्टर डोज भरेंगी सोनिया गांधी

कांग्रेस (Congress) की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम (P. Chinmayanand) से मिलने तिहाड़ जेल पहुंचे. सोनिया गांधी ने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच ये संदेश पहुंचाने के लिए कहा कि कैसे जांच एजेंसियां कांग्रेस और अन्य विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है एवं कईयों को जेल में डाल रही है. ऐसी संकट की घड़ी में सोनिया गांधी का अपने नेताओं के साथ खड़े होना कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक बूस्टर डोज़ का काम करेगा.

मोबाइल एप से होगी अगली जनगणना, सभी परिचय पत्रों की जगह बनेगा एक ‘कॉमन कार्ड’

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) अनुच्छेद 370 के बाद एक और क्रांतिकारी कदम उठाने का फैसला करने जा रहे हैं. शाह ने सोमवार को देश के सभी नागरिकों के लिए ‘एक कार्ड एक पहचान’ का आइडिया दिया. दिल्ली में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (Registrar General of India) के नए दफ्तर का शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा कि आखिर हमारे पास आधार, पासपोर्ट, बैंक अकाउंट, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर कार्ड के लिए एक ही कार्ड क्यों नहीं हो सकता है. ऐसा सिस्टम होना चाहिए कि सभी डेटा को एक ही कार्ड में रखा जा सके. इस मौके पर उन्होंने एक बहुउद्देश्यी पहचान पत्र (one card one identity) का विचार रखा … Read more

सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के तिहाड़ जाकर चिदंबरम से मिलने के राजनीतिक मायने

आईएनएक्स मीडिया (INX Media) मामले में पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेसी नेता पी.चिदंबरम (P.Chidambaram) तिहाड़ जेल में हैं. दिल्ली की एक अदालत ने 19 सितम्बर को चिदंबरम की न्यायिक हिरासत की अवधि तीन अक्टूबर तक बढ़ा दी है. इसका मतलब ये है कि अब पी.चिदंबरम तीन अक्टूबर तक जेल में ही रहेंगे. सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने तिहाड़ जेल पहुंच चिदंबरम से मुलाकात की और उनके हालचाल पूछे. इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) भी रहे. ये पहली बार है कि सोनिया गांधी और मनमनोहन सिंह ने किसी जेल में पहुंच किसी कैदी के हालचाल जाने हो.

अब राजनीतिक गलियारों में दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के चिदंबरम से जेल जाकर मिलने के काफी तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. ये इसलिए भी है क्योंकि आज से पहले कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व पीएम कभी किसी से भी मिलने इस तरह की जगह पर नहीं पहुंचे. विपक्ष तो छोड़िए, पक्षधारी नेता भी इस मुलाकात के बारे में कुछ भी बता नहीं पा रहे हैं. सीनियर नेता इस बारे में केवल इतना ही बता पा रहे हैं कि ऐसा पहली बार हुआ है.

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते सोनिया गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के नाते डॉ.मनमोहन सिंह इस बात को भली-भांति समझते है। कि मोदी सरकार ने सत्ता में वापसी के बाद कांग्रेस पार्टी और पार्टी के नेताओं को जनता के सामने भ्रष्टाचारी साबित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. यही वजह है कि कांग्रेस के पी.चिदंबरम और डीके शिवकुमार जैसे वरिष्ठ नेता जेल की सलाखों के पीछे हैं. पार्टी के कई नेताओं पर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है. खुद सोनिया गांधी और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड केस में जमानत पर हैं. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ भी ईडी जांच चल रही है और कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार इन मिले मौकों को जरूर भुनाने का प्रयास करेगी.

ऐसे में सोनिया गांधी अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस मुलाकात के जरिए ये संदेश देना चाहती हैं कि मोदी सरकार केवल बदले की भावना से कांग्रेस के नेताओं को जेल में ठूस रही है. ऐसे बुरे वक्त में भी कांग्रेस एक है और अपने नेताओं के साथ खड़ी है.

असल में जब पी.चिदंबरम देश के गृहमंत्री थे, तब उन्होंने अमित शाह को तीन महीने तक एक मामले में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया था. अब अमित शाह देश के होम मिनिस्टर हैं तो उन्होंने केवल बदले की कार्यवाही करते हुए चिदंबरम को तिहाड़ पहुंचवाया है. वहीं डीके शिवकुमार को हाल में कर्नाटक संकट के बीच बागी विधायकों को मनाने की कोशिश करने का इनाम मिला है.

इससे पहले भी सोनिया गांधी सभी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों को कह चुकी है कि सभी प्रदेशाध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में कांग्रेस नेताओं की हो रही गिरफ़्तारी को लेकर यह संदेश जनता के बीच पहुंचाएं कि जांच एजेंसियां कांग्रेस और अन्य विपक्ष के नेताओं को परेशान कर रही है एवं कईयों को जेल में डाल रही है. ऐसी संकट की घड़ी में सोनिया गांधी का अपने नेताओं के साथ खड़े होना कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में एक बूस्टर डोज़ का काम करेगा.

माना ये भी जा रहा है कि सोनिया गांधी इसके बाद कर्नाटक कांग्रेस के नेता डीके शिव कुमार (DK ShivKumar) से भी मुलाक़ात करेंगी. मनीलॉड्रिंग मामले में शिव कुमार ईडी की कस्टडी में हैं. इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी तिहाड़ पहुंच पी.चिदंबरम से मुलाकात की थी.

वीडियो खबर: जयपुर आकर क्या बोले शशि थरूर

एक कार्यक्रम में शिरकत करने Jaipur आए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कई गम्भीर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी. देश से भागते पूंजीपतियों पर थरूर ने कहा, ‘विदेशी निवेशक इस देश से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं. वे जान गए हैं कि यहां लोगों की भीड़ द्वारा हत्या सिर्फ गाय और सामाजिक सौहार्द के नाम पर की जा रही है. तब वे ऐसे देश में पैसे नहीं लगाना चाहते हैं.’

बड़ी खबर: चुनाव के जरिए होनी चाहिए कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति-शशि थरूर

गाय के नाम पर हो रही उन्मादी हिंसा (Mob Lynching) से दुनिया में देश शर्मशार हो रहा है- शशि थरुर

गुरुवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करने जयपुर आए पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कई गम्भीर मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी. देश से भागते पूंजीपतियों पर थरूर ने कहा, “विदेशी निवेशक इस देश से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं, वे जान गए हैं कि यहां लोगों की भीड़ द्वारा हत्या सिर्फ गाय और सामाजिक सौहार्द के नाम पर की जा रही है, तब वे ऐसे देश में पैसे नहीं लगाना चाहते हैं. थरूर ने भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाए. साथ ही ये भी कहा कि हर चीज पर पीएम मोदी की निंदा नहीं की जानी चाहिए, विपक्ष को यह भी देखना होगा कि आखिर कांग्रेस में कहां कमी है और क्या चीज मोदी के समर्थन में काम कर रही है.

जयपुर में आयोजित ‘इंडिया इन क्राइसिस’ कार्यक्रम में शिरकत करने आये कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं गिरती अर्थव्यवस्था के लिए जिम्मेदार बताया. थरुर ने कहा कि, “विदेशी निवेशक इस देश से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं, यह साफ है कि वे मौजूदा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऐसा कर रहे हैं. वे जब ये जान रहे हैं कि लोगों की भीड़ द्वारा हत्या सिर्फ गाय और सामाजिक सौहार्द के नाम पर की जा रही हैं, तब वे ऐसे देश में पैसे नहीं लगाना चाहते हैं. बकौल थरूर, “कोई भी देश ऐसी जगह पर पैसे नहीं निवेश करेगा, जहां पर जंग की स्थिति हो या उससे मिलते-जुलते हालात हों.”

इस मुद्दे पर थरूर ने आगे कहा कि गाय के नाम पर हो रही उन्मादी हिंसा (मॉब लिंचिंग) से दुनिया में देश शर्मशार हो रहा है. विदेश में लोग पूछते हैं कि गाय के नाम पर लोगों से मारपीट और हत्या क्यों की जा रही है. उन्होंने कहा कि लोग पूछते हैं कि आपके देश में गाय के नाम पर लोगों की हत्याएं क्यों हो रही हैं. सरकार कुछ करती क्यों नहीं है. ऐसी घटनाओं के कारण दुनिया में देश का माहौल इस कदर खराब हो रहा है कि निवेशक यहां आने से कतरा रहे हैं.

बड़ी खबर: कांग्रेस ने ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राह नहीं बदली तो पार्टी जीरो हो जाएगी: थरूर

लोकसभा सांसद थरुर ने एक बार फिर भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए हैं. थरुर ने कहा कि स्ट्राइक में कोई आतंकी नहीं मारा गया, सिर्फ पड़ोसी देश के पहाड़ पर कुछ पेड़ गिराकर भारतीय विमान वापस आ गए थे. गौरतलब है कि थरूर इससे पहले भी स्ट्राइक पर सवाल उठा चुके हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर के हालात की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि घाटी में इंटरनेट और टेलीफोन सेवा बंद करने, नेताओं को नजरबंद करने से वहां की जनता काफी आहत हुई है. यह कदम ठीक नहीं कहा जा सकता है. केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर के नाम पर लोगों से वोट लिए गए, लेकिन 90 फीसद सिलेंडर दुबारा भरवाए ही नहीं गए.

प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और विपक्ष का केन्द्र सरकार के प्रति रवैये पर थरूर ने कहा कि हर चीज पर प्रधानमंत्री मोदी की निंदा नहीं की जानी चाहिए. विपक्ष को यह भी देखना चाहिए कि आखिर कांग्रेस में कहां कमी है और क्या चीज मोदी के समर्थन में काम कर रही है. हमें सोचना होगा कि आखिर मोदी सत्ता में लौट कर कैसे आए. उनका वोट फीसदी 31 से बढ़कर 37 फीसदी हुआ है, जबकि हमारे में वोट फीसदी में कमी आई है. केन्द्र सरकार की कुछ नीतियां मसलन स्वच्छ भारत योजना और उज्ज्वला योजना ने लोकसभा चुनाव में उनके लिए बढ़िया काम किया है. हालांकि, यह भी सच है कि 65 फीसदी इन टॉयलेट्स में पानी ही नहीं है.

वहीं शशि थरुर ने एक बार फिर अपनी पार्टी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “हमारी पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना चाहिए था. मैं कार्यकर्ताओं को और विकल्प देते देखना चाहता था, पर यह अकादमिक रुचि है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना।”

वीडियो खबर: सिंधिया ने कमलनाथ से की ये मांग

पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) से एक मांग की है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश के वे किसान जो प्राकृतिक आपदा एंव बाढ़ पीड़ित हैं, उन्हें शत प्रतिशत मुआवजा मिलना चाहिए. सिंधिया ने प्रदेश सरकार से मांग की कि कमलनाथ सरकार ऐसा फैसला लेते हुए किसान हित में कार्य करे.

चुनाव जीतने की बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेरने में जुटीं कुमारी शैलजा

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस (Haryana Congress) अध्यक्ष कुमारी शैलजा (Kumari Selja) ने विधानसभा चुनाव का टिकट चाहने वालों के सामने ऐसी अव्यावहारिक शर्तें रखी हैं, जिनसे हरियाणा में पहले ही सत्ता से बाहर हो चुकी कांग्रेस की परेशानियां और बढ़ जाएंगी. कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन करने वालों को यह घोषणा करनी होगी कि वे शराब नहीं पीते हैं और खादी पहनते हैं. इस समय हरियाणा में कांग्रेस के 14 विधायक हैं. अगर शैलजा की तरफ से लागू शर्तों का सख्ती से लागू किया गया तो इनमें से आठ-दस विधायकों को फिर से टिकट मिलना मुश्किल हो जाएगा. शैलजा ने एक ट्वीट के जरिए चुनाव लड़ने के लिए लागू मापदंडों … Read more

झारखंड: नाराज डॉ.अजय कुमार ने कांग्रेस छोड़ थामी ‘झाडू’

झारखंड कांग्रेस (Jharkhand Congress) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अजय कुमार (Dr. Ajoy Kumar) ने तमाम अटकलों के बीच गुरुवार को कांग्रेस का थामन छोड़ आम आदमी पार्टी ज्वॉइन कर ली. उन्होंने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में आप पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता का त्याग पत्र सौंपा. यह दूसरी बार है जब उन्होंने पद से इस्तीफा दिया. इससे पहले लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद डॉ.अजय कुमार ने अगस्त में झारखंड प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. दरअसल उनके पार्टी छोड़ने की असली वजह लोकसभा चुनाव के परिणाम नहीं बल्कि झारखंड कांग्रेस के … Read more