आज जम्मू-कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान और पीओके लेंगे: शिवसेना

शिवसेना के नेता संजय राउत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा है कि भगवा संगठन पाकिस्तान के क्षेत्र में प्रवेश कर गया है और भारतीय सेना भी वहां पहुंचेगी. आज जम्मू-कश्मीर लिया है, कल बलूचिस्तान, पीओके लेंगे. मुझे विश्वास है देश के प्रधानमंत्री अखंड हिंदुस्तान का सपना पूरा करेंगे. राउत ने अपना बयान उस संदर्भ में दिया है जिसमें इस्लामाबाद के कई हिस्से में भारत समर्थक बैनर लगाने की खबरें वायरल हुईं थी. संजय राउत ने अपना यह बयान शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय कॉलम में दिया. अपने संपादकीय कॉलम में शिवसेना नेता ने इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया को महत्वहीन करार देते हुए कहा है कि पाकिस्तान और क्या … Read more

कर्नाटक और गोवा के बाद महाराष्ट्र में बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोट्स’

कर्नाटक और गोवा में मिली सफलता के बाद अब भारतीय जनता पार्टी का ऑपरेशन लोटस महाराष्ट्र में शुरू हो रहा है. अगर रांकपा अध्यक्ष शरद पवार और भाजपा नेताओं के दावों पर विश्वास करें तो कांग्रेस और एनसीपी के कई विधायक और नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं. रविवार को ही एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने दावा किया था कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं को तोड़ रही है और उन पर दबाव डाल रही है. वहीं हाल ही में महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया है कि कांग्रेस और एनसीपी के 50 से ज्यादा विधायक भाजपा के संपर्क … Read more

कर्नाटक तमाशे पर शिवसेना का केंद्र पर प्रहार, राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

कर्नाटक के सियासे तमाशे पर शिवसेना ने केंद्र सरकार पर प्रहार किया है. साथ ही प्रदेश विधानसभा को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. असल में शिवसेना ने कर्नाटक की राजनीति में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा है, ‘कर्नाटक में सभी लोग लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं. दोनों दलों की ओर से किया जा रहा यह तमाशा केंद्र सरकार आराम से बैठकर देख रही है आखिर क्यों? या तो वहां राष्ट्रपति शासन लागू करो या कर्नाटक विधानसभा को बर्खास्त करो.’ शिवसेना ने यह भी कहा कि कर्नाटक की जनता को ही निर्णय लेने दिया जाए. … Read more

महाराष्ट्र: आदित्य ठाकरे ने शिवसेना के लिए शुरू की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’

महाराष्ट्र में शिवसेना की चुनावी तैयारी के तहत शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे ने जन आशीर्वाद यात्रा शुरू कर दी है. आदित्य ठाकरे शिवसेना की युवा शाखा के प्रमुख हैं. महाराष्ट्र में सितंबर-अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले तक आदित्य ठाकरे मुंबई में ही सक्रिय थे. पहली बार वह शिवसेना के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से राज्य व्यापी यात्रा कर रहे हैं. यह यात्रा लोकसभा चुनाव में शिवसेना की सफलता के लिए धन्यवाद यात्रा भी है. यात्रा में आदित्य के साथ संजय राउत हैं, जो राज्यसभा सांसद हैं. उनका कहना है कि अगर शिवसेना को बहुमत मिला तो आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री … Read more

महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में बीजेपी की चुनावी तैयारी शुरू

लोकसभा चुनाव में अपार सफलता के बाद अब बीजेपी ने आगामी तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में सत्ता में लौटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी लोकसभा चुनाव की सफलता को विधानसभा चुनावों में भी दोहराना चाहती है. गौरतलब है कि इस वर्ष महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. फिलहाल तीनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है.

पार्टी की रणनीति तय करने के लिए बीजेपी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तीनों राज्यों का दो-दो दिन दौरा करने का कार्यक्रम बना लिया है. इस दौरान वह स्थानीय बीजेपी नेताओं के साथ मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे. नड्डा 13-14 जुलाई को झारखंड की यात्रा पहले ही कर चुके हैं. वहां उन्होंने पार्टी के कोर ग्रुप के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर विचार किया.

20-21 जुलाई को नड्डा का महाराष्ट्र के दौरे का कार्यक्रम है. इस दौरान वह पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों का जायजा लेंगे. गौरतलब है कि महाराष्ट्र में बीजेपी ने हाल ही ऩए प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल की नियुक्ति की है. स्वाभाविक है कि नए प्रदेशाध्यक्ष अपनी नई टीम बनाएंगे. विधानसभा चुनाव होने में छह माह से भी कम समय बाकी है. सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेशाध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अन्य पदाधिकारियों में बदलाव की संभावना बहुत कम है. महाराष्ट्र में बीजेपी की प्रभारी सरोज पांडे राज्य के पांच जिलों का दौरा कर चुकी है. चुनाव से पहले उनका हर जिले तक पहुंचने का प्रयास रहेगा.

महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं. पार्टी आदित्य ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री घोषित करते हुए चुनाव लड़ेगी. हालांकि सरोज पांडे का कहना है कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बीजेपी का ही रहेगा, इसमें कोई संशय नहीं है. बीजेपी राज्य में चार तरह के सर्वेक्षण के लिए निजी एजेंसियों की सेवाएं ले रही हैं. सर्वेक्षणों के आधार पर चुनावी रणनीति बनेगी और उम्मीदवारों के नाम तय होंगे.

जेपी नड्डा हरियाणा का भी दौरा करने वाले हैं, जिसकी तारीख अभी तय नहीं है. इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने 15 अगस्त से राज्यव्यापी यात्रा का कार्यक्रम बना लिया है. हरियाणा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि मुख्यमंत्री की यात्रा की तैयारियां जारी हैं. पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाए रखने का है. चुनाव जीतने में बीजेपी कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती.

महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की तैयारियां शुरू

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. कांग्रेस, राकांपा सहित विभिन्न बीजेपी विरोधी पार्टियों के नेता बैठकें कर चुनाव में एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं. महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की सरकार है. कांग्रेस-राकांपा मुख्य विपक्षी पार्टियां हैं. बीजेपी लोकसभा चुनाव की अपार सफलता से उत्साहित है. लोकसभा चुनाव में राज ठाकरे ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रचार किया था लेकिन अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे. इस तरह उन्होंने संकेत दिया था कि वे बीजेपी-शिवसेना के विरोध में बने रहना चाहते हैं और राज्य की राजनीति में भूमिका निभाना चाहते हैं. अब विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी मनसे भी विपक्षी महागठबंधन में शामिल हो सकती है. महाराष्ट्र … Read more

कर्नाटक की राजनीति में बीजेपी का शिवसेना से ‘सामना’

कर्नाटक की राजनीति में हो रही उथल-पुथल में अब शिवसेना भी आ खड़ी हुई है. शिवसेना ने केंद्र और राज्य में अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी पर सवाल उठाते हुए तोड़फोड़ की राजनीति पर राष्ट्रीय नीति होने की बात कही है. यह बात शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से कही है. शिवसेना ने ‘सामना’ में लिखा है, ‘मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को ही ये बात कही है कि कांग्रेस के कुछ विधायक हमारे संपर्क में हैं लेकिन तोड़फोड़ करके सरकार नहीं बनाएंगे. शिवराज सिंह की भूमिका अवसरवाद की है पर कर्नाटक में अलग भूमिका व मध्य प्रदेश में दूसरी ये ऐसा क्यों? तोड़फोड़ … Read more

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव तक कहां पहुंचेंगे बीजेपी-शिवसेना के रिश्ते?

महाराष्ट्र में मॉनसून की आगवानी ने पारा चाहे नीचे गिरा दिया हो, लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज हैं. अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए हर मोर्चे पर तैयारी जोर-शोर से है. एक समय में कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले महाराष्ट्र में बीजेपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में धुंआधार एंट्री की और कांग्रेस के किले को ध्वस्त कर दिया.

वहीं इस बार लोकसभा चुनाव में शिवसेना के साथ एलायंस ने उन्हें बड़े भाई की भूमिका में ला दिया. लोकसभा में शानदार जीत के बाद अब सबकी नजर विधानसभा में इस जोड़ी के प्रदर्शन पर है.

हालांकि पिछला विधानसभा चुनाव दोनों ने अलग-अलग लड़ा था और उसके बाद से पांच साल तक शिवसेना अपने विचारों को लेकर काफी बेबाक नजर आई. कई बार जुबानी हमले किए गए और इनके बीच की ये अंदरूनी रार भी किसी से छुपी नहीं है. लेकिन इस बार शिवसेना के मुखपत्र सामना में जिस तरह से सीएम पद को लेकर लिखा गया, मतलब साफ है कि शिवसेना अब छोटा भाई बनकर नहीं, बल्कि बराबरी चाहती है. ढाई-ढाई साल के फॉमूले को चाहती है.

हालांकि हाल ही में आलाकमान की तरफ से ये सख्त निर्देश दिए गए है कि दोनों ही दलों के मुखिया के अलावा मीडिया में कोई और बयान नहीं दिया जाएगा और ये चुनाव साथ मिलकर लड़ा जाएगा.

इन सबके बीच दिलचस्प सवाल ये है कि क्या शिवसेना सीएम पद के चेहरे के रूप में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को उतारने की तैयारी मे है? क्या ठाकरे परिवार के चिराग इस बार चुनाव लड़ेंगे? हालांकि चुनाव लड़ना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन शिवसेना में अगर ऐसा होता है तो ये एक बड़ा बदलाव होगा. बड़ा इसलिए क्योंकि अब तक ठाकरे परिवार सिर्फ परदे के पीछे से काम करता आया है. ये सत्ता का हिस्सा न बनकर संगठन के लिए काम करते आए हैं. इस परिवार से कभी किसी ने चुनाव नहीं लड़ा है.

वैसे आदित्य ठाकरे युवा विंग को लेकर काफी सक्रिय रहे हैं लेकिन बाला साहब ठाकरे से लेकर आदित्य ठाकरे तक किसी ने चुनाव नहीं लड़ा है. ऐसे में इस बार मैदान में आना नीतियों में बदलाव जरूर है. हालांकि ये कयास ही है. इससे पहले भी बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन के समय खबरें थीं कि ठाकरे लोकसभा चुनाव लड़ सकते है पर ऐसा नहीं हुआ.

लेकिन इस बार शिवसेना प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने जिस तरह से आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठाई, तब से ही चर्चाएं तेज हैं. उन्होंने हाल ही में कहा कि लोग चाहते हैं कि आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम हो. हालांकि ये भविष्य के गर्भ में है.

लेकिन जिन मुद्दो को लेकर शिवसेना शुरू से आक्रामक रही है, उससे तो साफ है कि सिर्फ क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पटल पर भी आने की तैयारी है. उद्दव ठाकरे शुरू से ही राम मंदिर और राष्ट्रवाद को लेकर बेबाक रहे हैं. ये सब जानते हैं कि इसके जरिए बीजेपी ने पूरे चुनाव लड़े और अब तक विजय पताका फहरा रही है.

ये विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए भी बड़ी चुनौती है. अपनी खोई हुई जमीन को पाने और मेन स्ट्रीम राजनीति में वापस आने का एक सुनहरा मौका है, लेकिन कांग्रेस के लिए यहां चुनौती सिर्फ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ही नहीं, बल्कि प्रकाश अंबेडकर की वीबीए और औवेसी की एआईएमआईएम भी है.

हालांकि बीजेपी को लेकर आक्रामक रहने वाले दोनों ही दल वोटिंग स्ट्रेटजी में कांग्रेस-एनसीपी के लिए मुसीबत बन सकते हैं. इन दलों की वजह से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-एनसीपी को सात से आठ सीटों का नुकसान हुआ है और वोट प्रतिशत गिर गया. दो बड़े कांग्रेस दिग्गज सोलापुर और नादेंड से चुके हैं इसलिए इस बार कांग्रेस विधानसभा में ऐसा बिल्कुल नहीं चाहेगी. वैसे भी विधानसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों और लोकल चेहरों पर लड़े जाते हैं. ऐसे में इन दोनों ही दलों का वर्चस्व कुछ इलाकों में जरूर है.

इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 2014 विधानसभा चुनाव और हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में एआईएमआईएम अपनी सीटें निकालने में कामयाब रहीं और इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को हुआ.

कांग्रेस को फिलहाल गठबंधन करने से पहले सोचना पड़ेगा कि क्या वो अंबेडकर की सारी मांगें मानकर गठबंधन में शामिल करे या फिर अलग से चुनाव लड़े. खैर महाराष्ट्र में फिलहाल एलायंस की राजनीति है. लेकिन क्या ये चुनाव एक महागठबंधन तैयार करेगा, ये देखना अभी बाकी है.

शिवसेना के नेता का दावा ढाई-ढाई साल का होगा बीजेपी-शिवसेना सरकार कार्यकाल

PoliTalks news

शिवसेना युवा संगठन के सचिव वरुण सरदेसाई ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि महाराष्‍ट्र में बीजेपी और शिवसेना के मध्य ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर मुख्‍यमंत्री पद के लिए सहमति बन चुकी है. उन्होंने यह भी पोस्ट किया है कि ढाई साल के फार्मुले पर शिवसेना अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे और बीजेपी अध्‍यक्ष अ‍मित शाह राजी हैं. जो लोग इस समझौते के दौरान मौजूद नहीं थे, उन्‍हें अपने निजी हितों के खातिर इस गठबंधन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. Shivsena Prez Uddhavsaheb and BJP Prez Amit ji have decided that Maha CM post will be 2.5 years each. People who weren’t present … Read more