बीजेपी ने शुरू की पंचायत चुनाव की तैयारियां, 25 दिसंबर से हो सकती है आचार संहिता लागू

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के भाजपा मुख्यालय पर इन दिनों पंचायतीराज चुनावों (Panchayat Elections) की रूपरेखा तय करने के लिए बैठकों का दौर जारी है. प्रदेश के 49 निकायों में मिली करारी हार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने आगामी पंचायत चुनाव के लिए कमर कस ली है. इससे पहले, नवंबर में हुए प्रदेश की 49 में से भाजपा महज 12 निकायों में बोर्ड बना पायी थी. पहले उपचुनाव और उसके बाद निकाय चुनावों में जिस तरह से भाजपा का जनाधार घटा है, उससे कहीं न कहीं पार्टी चितिंत है. यही वजह है कि बगैर समय गवाए पार्टी के तमाम पदाधिकारी एक के बाद बैठकें कर पंचायत चुनाव की पूरजोर तैयारियों … Read more

राहुल बजाज ने बहुत ही जिंदादिली से अपनी बात रखी, वरना सभी उद्यमियों के मुंह पर ताले लगे हुए थे: मुख्यमंत्री गहलोत

(Chief Minister Gehlot)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Gehlot) ने मंगलवार को जयपुर के अंबर भवन में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण किया. इसके बाद सीएम गहलोत ने राजस्थान खादी संघ की ओर से आयोजित खादी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. खादी ग्रामोद्योग संघ के इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सीएम गहलोत ने उद्योगपति राहुल बजाज के सवाल पर कहा कि राहुल बजाज ने बहुत जिंदादिली से गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अपनी बात कही. इससे मोदी सरकार की आंखे खुलेगी और यह सोच पैदा होगी कि देश किस दिशा में जा रहा है. राहुल बजाज के बोलने से लगा रहा है कि उद्यमी भी अब … Read more

टोंक में हुई दरिंदगी पर क्या बोले सतीश पूनिया

Satish Poonia Made Allegations

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. टोंक में एक मासूम से दरिंदगी और राजस्थान की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इस तरह की घटनाओं को लोकतंत्र और सरकारों के लिए एक चुनौती बताया. पूनिया ने ऐसे कुकृत्य करने वालों को सरेआम फांसी दिए जाने का समर्थन किया.

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बीडी कल्ला ने दुष्कर्म के लिए बताया इंटरनेट को जिम्मेदार

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान सरकार में मंत्री डॉ.बीडी कल्ला ने पॉलिटॉक्स के रिपोर्टर संतोष मुदगल से खास बातचीत की. मंत्री कल्ला ने टोंक में एक मासूम के साथ हुई दुष्कर्म की घटना पर अपनी राय रखने हुए इस तरह की घटनाओं के लिए इंटरनेट को जिम्मेदार बताया. उन्होंने टीवी पर सेंसर बोर्ड की तरह इंटरनेट पर भी उप​लब्ध सभी सामग्री के लिए इस तरह के बोर्ड की आवश्यकता जाहिर की. मंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रयास किए जाने चाहिए.

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हैदराबाद के बाद टोंक में हुई दुष्कर्म के बाद हत्या की घटनाओं पर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा

(Murder After the Rape)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. हैदराबाद में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म कर हत्या (Murder After the Rape) कर देने का मामला सामने आने के 2 दिन बाद ही राजस्थान के टोंक जिले के अलीगढ में पहली कक्षा में पढने वाली 6 साल की मासूम लडकी के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबा कर हत्या कर दी गई. मासूम की उसी की स्कूल ड्रेस की बेल्ट से गला घोटकर हत्या इतनी बर्बरता के साथ कि गई की उसकी दोनों आंखे निकल कर बाहर आ गई. इस घटना ने राजस्थान पुलिस के स्लोगन आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर को एक बार फिर उलट कर दिया है कि राजस्थान में है अपराधियों में विश्वास, आमजन … Read more

राजस्थान में फिर अटका मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का काम, 14 दिसंबर के बाद किसी भी दिन हो सकती घोषणा

Cabinet Expansion

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. प्रदेश में बहुप्रतीक्षित राजनीतिक नियुक्तियां एक बार फिर अटक गई हैं. जैसा की पहले माना जा रहा था कि निकाय चुनावों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) और राजनीतिक नियुक्तियां कर दी जाएंगी, लेकिन सूत्रों की मानें तो 14 दिसम्बर को सोनिया गांधी के आह्वान पर होने वाली “भारत बचाओ आंदोलन” रैली के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को अंजाम दिया जाएगा. दिल्ली में होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कि इस महारैली में पूरे भारत से ज्यादा से ज्यादा संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने को कहा गया है. दूसरी ओर प्रदेश में राजनीतिक पदों पर नियुक्त होने वाले नेताओं के नामों पर सीएम … Read more

राजस्थान विधानसभा में पूरे हुए 200 विधायक, 19 साल बाद हटा सदन पर लगा ‘अपशगुन’ का टैग!

(Rajasthan Assembly)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान की 15वीं विधानसभा (Rajasthan Assembly) में गुरुवार को बुलाए दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जो 19 साल पहले विधानसभा के नए भवन में शिफ्ट किए जाने के बाद कभी देखने को नहीं मिला और कभी हुआ भी होगा तो बहुत कम समय के लिए. 28 नवंबर को बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधानसभा के दो नए सदस्य नारायण बेनीवाल और रीटा चौधरी को विधायक पद एवं गोपनियता की शपथ दिलाई. इसके बाद विधानसभा में 200 सदस्य पूरे हो गए. इसके साथ ही जयपुर के ज्योति नगर स्थित राजस्थान विधानसभा पर कथित तौर पर लगा अपशगुन का टैग एक बार फिर हट गया. हाल में हुए उपचुनावों में नारायण बेनीवाल खींवसर और रीटा चौधरी मंडावा से जीतकर सदन में पहुंचे हैं. अगर वर्तमान गहलोत सरकार में कोई अनहोनी नहीं होती है तो उनका ये कार्यकाल पिछली सरकारों के कार्यकाल में हुई अनहोनी के लिए विधानसभा भवन के अपशगुनी होने के दावों को झुठला सकता है.

2001 में जब से विधानसभा (Rajasthan Assembly) नए भवन में पहुंची, तब से लगातार इस भवन को कथित तौर पर अपशकुनी समझा जाता रहा है. 2001 से लगातार इस नए भवन में 200 विधायक अधिक समय के लिए नहीं बैठ पाए. बीते 19 वर्षों में किसी न किसी अनहोनी के चलते यहां पूरे विधायकों का बैठना एक सपना सा रह गया. 2001 से अब तक यहां 5वीं सरकार बैठी है लेकिन इस दौरान 9 विधायकों का कार्यकाल के बीच में ही निधन हो गया. दो मंत्रियों सहित 4 विधायक जेल की हवा खाने पहुंच गए जिसके चलते यहां लंबे समय तक 200 विधायकों का आंकड़ा पूरा न हो सका. 2018 के विधानसभा चुनाव के ऐलान के ठीक बाद रामगढ़ से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण चौधरी की मौत होने के चलते 199 सीटों पर ही चुनाव कराए गए जिससे विधानसभा में बैठने वाले विधायकों की संख्या 199 रह गई.

पिछली सरकार के समय सदन में ही तीन दिनों तक कुछ विधायकों ने विधानसभा में भूतों का साया होने का मुद्दा उठाया था. उसके बाद विधानसभा भवन में अपशकुन खत्म करने के लिए बाकयदा पंडितों को बुलाकर पूजा पाठ और तंत्र इत्यादि भी किए गए लेकिन चुनाव की शुरुआत में ही एक और मौत हो गई जिसके बाद सार्वजनिक तौर पर भी इस नए भवन पर अंगुलियां उठाई जाने लगीं.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर बनी ‘भारत बचाओ आंदोलन’ को सफल बनाने की रणनीति

बता दें, नए भवन में शिफ्ट होने से पहले विधानसभा (Rajasthan Assembly) जलेबी चौक स्थित हवामहल के पास वाले भवन में चल रही थी. ट्रेफिक अधिक होने और जगह छोटी पड़ने के चलते नया भवन तैयार कराया गया और 2001 में गहलोत सरकार में नए भवन में विधानसभा की आगे की कार्यवाही संचालित होने लगी जो अनवरत जारी हैं. लेकिन बीते 19 सालों विधानसभा को किशन मोटवानी, जगत सिंह दायमा, भीखाभाई, भीमसेन चौधरी, रामसिंह बिश्नोई, अरुण सिंह, नाथूराम आहारी, कीर्ति कुमार और कल्याण सिंह चौहान जैसे विधायक निधन होने के चलते खोने पड़े.

इनके अलावा, गहलोत सरकार में 2011 में कैबिनेट मंत्री महिपाल मदरेणा और कांग्रेस विधायक मलखान सिंह को बहुचर्चित भंवरी देवी हत्या प्रकरण में जेल जाना पड़ा. 2011 में ही भाजपा के विधायक राजेंद्र राठौड़ (वर्तमान में उप नेता प्रतिपक्ष) को एनकाउंटर मामले में जेल की हवा खाना पड़ी. 2013 में कांग्रेस सरकार के मंत्री बाबूलाल नागर और अप्रैल, 2017 की वसुधंरा राजे सरकार में बसपा के बीएल कुशवाह को जेल जाना पड़ा. इसी सभी वजहों के चलते न केवल विधानसभा में 200 विधायकों की गिनती पूरी हो पाई, विधानसभा के नए भवन पर अपशगुन की छाया भी घर करने लगी.

हालांकि ऐसा नहीं है कि (Rajasthan Assembly) कभी इतने विधायक यहां विराजमान नहीं हुए, उपस्थित हुए लेकिन थोड़े समय के लिए. 2018 के विधानसभा चुनाव के ऐलान के ठीक बाद रामगढ़ से बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण चौधरी की मौत होने के चलते 199 सीटों पर ही चुनाव कराए गए. इसके बाद विधानसभा में बैठने वाले विधायकों की संख्या 199 रह गई. महीने भर बाद जब रामगढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव हुए और यहां से कांग्रेस की शाफिया जुबैर खान जीत कर सदन में पहुंची. लेकिन ये खुशी ज्यादा समय तक नहीं चल सकी और खींवसर से हनुमान बेनीवाल और मंडावा विधानसभा सीट से विधायक नरेंद्र खींचड़ लोकसभा चुनाव जीत दिल्ली पहुंच गए, उसके बाद हुए बजट सत्र में यहां 198 विधायक आसन पर बैठे दिखे.

खैर, नारायण चौधरी और रीटा चौधरी के सदन में पहुंचने से विधानसभा (Rajasthan Assembly) में 200 विधायक एक बार फिर पूरे हो गए हैं. अब अगर अगले 4 चार कोई अनहोनी नहीं हुई तो नए विधानसभा भवन से अपशगुन का ये टैग हमेशा के लिए गायब हो जाएगा.

कांग्रेस के हल्लाबोल पर बीजेपी का पलटवार

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. केंद्र सरकार की ​आर्थिक नीतियों के खिलाफ कांग्रेस के हल्ला बोल पर पलटवार करते हुए विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि गहलोत जब पांच साल सत्ता से बाहर थे, तब सचिन पायलट के नेतृत्व में दर्जनभर बार धरना प्रदर्शन किए गए, लेकिन एक भी एक भी आंदोलन में गहलोत ने भाग नहीं लिया. राठौड़ के अलावा सतीश पूनिया और गुलाब चंद कटारिया ने भी गहलोत सरकार को निशाने पर लिया.

केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के हल्लाबोल पर बीजेपी का पलटवार, पूनिया ने बताया ‘फ्लॉप शो’ तो चतुर्वेदी ने कहा कांग्रेस का विधवा विलाप

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. केन्द्र की मोदी सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों व गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने के खिलाफ शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस के हल्लाबोल कार्यक्रम पर पलटवार करते हुए प्रदेश भाजपा ने फ्लॉप शो करार दिया. कांग्रेस के प्रदर्शन पर राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार को अपनी नीतियों को सुधारने की सलाह दी. पूनिया ने कहा कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस सरकार ने सरकारी मशीनरी, अधिकारी, कर्मचारियों को पांबद किया, इसके बावजूद भीड़ नहीं आई. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने ये भी कहा कि जो वादे कांग्रेस सरकार ने चुनाव में जनता से किए थे, उन्हें पूरा करना चाहिए. सतीश पूनिया ने निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत … Read more

राजस्थान निकाय चुनाव: गंगानगर के लोकेश मानचंदा बने सबसे युवा उपाध्यक्ष, अबरार सबसे बुजुर्ग

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के 49 निकायों में उपाध्यक्षों का चुनाव हो गया है. इनमें से 36 कांग्रेस और 12 भाजपा के हैं. सुमेरपुर नगर पालिका एकमात्र निकाय रहा जहां निर्दलीय उम्मीदवार को बतौर उपाध्यक्ष चुना गया. गंगानगर में लोकेश मानचंदा (22) सबसे युवा उपाध्यक्ष बने जबकि छबड़ा से अबरार अहमद (74) सबसे बुजुर्ग उपाध्यक्ष रहे. तीन नगर निगमों में से दो में भाजपा और एक में कांग्रेस के उपाध्यक्ष चुने गए हैं. 49 उप प्रमुखों में 22 सामान्य जाति के, 23 ओबीसी और चार एससी एसटी के रहे. आइए जानते हैं किस निकाय में कौन बना उपाध्यक्ष… यह भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनावों में हिट हुई गहलोत-पायलट की जोड़ी, कांग्रेस … Read more