वीडियो खबर: हनुमान बेनीवाल ने दिलाया मंडावा में जीत का भरोसा

RLP चीफ और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने मंडावा विधानसभा सीट (Mandawa Assembly) पर उपचुनाव जीतने का दावा किया. मंडावा (Mandawa) के साथ खींवसर सीट पर भी उप चुनाव होने हैं. 21 अक्टूबर को मतदान होगा जबकि नतीजें 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे.

राजस्थान: खींवसर में RLP और मंडावा में BJP लड़ेगी उपचुनाव

राजस्थान विधानसभा उपचुनाव (Rajasthan Assembly By-Election-2019) में BJP ने खींवसर सीट हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के लिए छोड़ने का एलान कर दिया है. तो वहीं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने भी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का धन्यवाद देते हुए भरोसा दिलाया कि मंडावा में BJP को 40 से 50 हजार वोटों जीत दिलाएंगे. साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि गहलोत अपने बेटे का वैभव बचाने के लिए RCA का अध्यक्ष बनाने में जुटे हैं. राजस्थान में खींवसर व मंडावा सीट पर विधानसभा उपचुनाव की तारीख की घोषणा हो चुकी है. यहां 21 … Read more

शरद पवार के खिलाफ ईडी की जांच से महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान

महाराष्ट्र (Maharastra) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच शुरू कर दी है, जिसमें NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar), उनके भतीजे अजित पवार, राकांपा नेता ईश्वरलाल जैन, शिवाजीराव नलावडे, कांग्रेस नेता मदन पाटिल, दिलीपराव देशमुख, शिवसेना नेता आनंदराव अडसुल सहित 75 लोगों के नाम हैं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी. उसी के आधार पर ईडी ने सोमवार को इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की है. यह मामला 2007 से 2011 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव (एमएससी) बैंक में हुए करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले से … Read more

वीडियो खबर: राजस्थान विधानसभा उपचुनाव में खींवसर बनी हॉट सीट

राजस्थान (Rajasthan) की खींवसर (Khivansar) और मंडावा (Mandawa) सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव (Assembly By Election) की तारीख का ऐलान हो चुका है. अब सभी की नजरें उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पर टिक गई हैं. टिकट के दावेदार उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के पास लॉबिंग शुरू कर दी है. इसी कड़ी में खींवसर सीट के लिए रालोपा से सम्भावित उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के छोटे भाई नारायण बेनीवाल (Narayan Beniwal) भी क्षेत्र में बहुत सक्रिय हो गए हैं.

वीडियो खबर: खींवसर में जीत की हैट्रिक लगा चुके बेनीवाल से कैसे पार पाएगी कांग्रेस

राजस्थान (Rajasthan) की खींवसर और मंडावा (Mandawa) सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है. सभी की नजरें उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पर टिक गई हैं. उपचुनाव में खींवसर सीट को हॉट सीट माना जा रहा है. पिछले तीन विधानसभा चुनावों में जीत की हैट्रिक लगा चुके हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के नागौर से लोकसभा सांसद चुने जाने से खींवसर सीट खाली हुई है. यहां बेनीवाल से पार पाना BJP और Congress दोनों के लिए ही टेड़ी खीर साबित होने वाला है.

महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के हालात अलग-अलग

महाराष्ट्र (Maharastra) और हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनावों की तारीख तय हो गयी है. महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. नतीजें 24 अक्टूबर को आएंगे. दोनों राज्यों में भाजपा की स्थिति तो पिछले बार की तरह काफी मजबूत है लेकिन कांग्रेस की दोनों प्रदेशों में स्थिति में जमीन-आसमान का फर्क है. हरियाणा में एक तरफ कांग्रेस के सभी दिग्गज, पूर्व विधायक और स्थानीय कार्यकर्ता तक चुनाव टिकट पाने की लाइन में लगे हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में कांग्रेस के पास एक इकलौती सीट को छोड़ 287 सीटों पर खड़े करने के लिए उम्मीदवार तक नहीं है.

सबसे पहले बात करें हरियाणा की तो यहां 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावों की पूरी जिम्मेदारी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों में है. यहां हुड्डा अपने करियर की अंतिम पारी खेलने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते इसलिए एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं. चर्चा है पार्टी आलाकमान ऐसे तमाम नेताओं को चुनाव में उतारेगी जो जीत सकते हैं. इनमें लोकसभा का चुनाव लड़ चुके करीब-करीब सारे नेता विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस बार सोनीपत से लोकसभा चुनाव हारे थे लेकिन विधानसभा चुनाव में उनका टिकट पक्का है. हालांकि वे वर्तमान विधायक हैं. उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा रोहतक लोकसभा सीट से मामूली अंतर से हारे थे. उनका भी टिकट फाइनल ही है.

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कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला कैथल सीट से चुनावी जंग में ताल ठोकेंगे. कांग्रेस विधायक दल की नेता रही किरण चौधरी भी चुनाव में उतरने को तैयार है. हरियाणा जनहित कांग्रेस का विलय कर कांग्रेस में शामिल हुए कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई सहित चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के.अजय यादव का विधानसभा चुनाव में उतरना करीब-करीब पक्का है. कुल मिलाकर कहा जाए तो राज्यसभा सांसद और कांग्रेस की हरियाणा ईकाई की अध्यक्ष कुमारी शैलजा को छोड़ सारे बड़े पार्टी नेता विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं.

अब आते हैं महाराष्ट्र पर जहां कांग्रेस के पास उम्मीदवारों का टोटा ही पूर्ण संकट है. यहां पार्टी का कोई भी बड़ा नेता विधानसभा चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं है. इसकी वजह है कि यहां पार्टी के अधिकतर नेता दो बार से ज्यादा लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. शरद पवार की पार्टी एनसीपी से गठजोड़ होने के बाद भी इनके जीतने की संभावना लगभग क्षीण है. गौर करने वाली बात ये है कि यहां चुनावों से पहले ही सोशल मीडिया पर भाजपा-शिवसेना एलायंस की जीत का माहौल है. ऐसे में कांग्रेस नेता चुनावी मैदान में उतरने से घबरा रहे हैं. कांग्रेस और एनसीपी के बड़े नेताओं का भाजपा या शिवसेना में शामिल होने से स्थिति और भी बदतर हो चली है.

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बहरहाल, कांग्रेस के पास जो बड़े नेता बचे हैं, उनमें से अशोक चव्हाण को छोड़ कोई भी चुनाव लड़ने को राजी नहीं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तक चुनाव नहीं लड़ना चाहते. दिग्गज़ नेता सुशील शिंदे, पूर्व सांसद राजीव सातव भी इस दंगल से बचते फिर रहे हैं. आलाकमान पूर्व सांसद रह चुके रजनी पाटिल, मिलिंद देवड़ा, संजय निरूपम और प्रिया दत्त को महाराष्ट्र चुनाव में उतारना चाहता है लेकिन इनमें से कोई भी आगे नहीं आना चाहता. कांग्रेस की इस फटे हाल हालत को देखते हुए सियासी गलियारों में ये मैसेज पहले से ही पहुंच गया है कि प्रदेश में कांग्रेस ने जंग से पहले ही हथियार डाल हार मान ली. ये स्थिति कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए संकट की घड़ी साबित हो रही है.

खींवसर सीट पर नारायण बेनीवाल की तगड़ी दावेदारी, समर्थक देने लगे अग्रिम बधाई

राजस्थान (Rajasthan) की खींवसर और मंडावा (Mandawa) सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है. 21 अक्टूबर चुनाव की तारीख घोषित होते ही दोनों सीटों पर राजनीतिक हलचल अचानक से से बहुत तेज हो गई है. अब सभी की नजरें उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पर टिक गई हैं. टिकट के दावेदार उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के पास लॉबिंग शुरू कर दी है. इसी कड़ी में खींवसर सीट के लिए रालोपा से सम्भावित उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई नारायण बेनीवाल भी क्षेत्र में बहुत सक्रिय हो गए हैं.

पिछले तीन विधानसभा चुनावों में लगातार जीत की हैट्रिक लगा चुके हनुमान बेनीवाल के नागौर से लोकसभा सांसद चुने जाने से खींवसर सीट पर उपचुनाव होगा. राजस्थान में जाट लैंड मानी जाने वाली मंडावा और खींवसर सीटों पर होने वाले उपचुनाव में खींवसर सीट को हॉट सीट माना जा रहा है. लोकसभा में बना RLP और BJP का गठबंधन इस विधानसभा उपचुनाव में भी बना रहेगा या नहीं, इसको लेकर राजीनतिक क्षेत्रों में सबसे ज्यादा चर्चा है.

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खींवसर सीट से RLP के उम्मीदवार के चुनावी मैदान में उतरने की पूरी संभावना है और RLP से उम्मीदवार सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ही तय करेंगे. ऐसे में स्थानीय हलकों में नारायण बेनीवाल को उम्मीदवार बनाये जाने की चर्चाएं जबरदस्त हैं. हालांकि कई ओर भी उम्मीदवार खींवसर से विधायक बनने की मंशा पाले हुए हैं. बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता इस बात पर अड़े हुए हैं कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जब आरएलपी के लिए पूरी सीट छोड़ दी तो अब खींवसर में आरएलपी को भाजपा के लिए सीट छोडऩी चाहिए.

बता दें, सोमवार को ही आरएलपी के राष्ट्रीय संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उपचुनाव को लेकर उनकी पहले ही भाजपा नेताओं से बात हो चुकी है. राजस्थान की मंडावा सीट पर भाजपा और खींवसर सीट पर आरएलपी चुनाव लड़ेगी. हालांकि अंतिम निर्णय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद लिया जाएगा. हनुमान बेनीवाल के इस बयान के बाद आरएलपी समर्थक नारायण बेनीवाल को खींवसर विधानसभा के नये विधायक के रूप में देख रहे हैं.

सांसद हुनमान बेनीवाल के छोटे भाई नारायण बेनीवाल (Narayan Beniwal) फिलहाल खींवसर क्षेत्र के क्रय-विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं. नारायण बेनीवाल शुरू से ही अपने बड़े भाई के साथ हर चुनावी जंग में साथ खड़े रहे हैं. यूनिवर्सिटी के चुनाव से लेकर सभी विधानसभा और सांसद के चुनाव में नारायण बेनीवाल ने बड़े भाई का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है. हनुमान बेनीवाल के सांसद बनने के बाद से ही आगामी विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर नारायण बेनीवाल क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे.

चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा करने के बाद से नारायण बेनीवाल क्षेत्र में और अधिक सक्रिय हो गए हैं. हर बड़े राजनेता के तरह नारायण बेनीवाल भी क्षेत्र के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं. उन्होंने हर दिन की नई-नई पोस्ट डालकर क्षेत्र की जनता से जुड़ने की कवायद शुरू कर दी है. नारायण बेनीवाल के नाम पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है. यहां तक कि उनके समर्थक और जानकार उन्हें खींवसर से विधायक बनने की अग्रिम बधाइयां तक देने लग गए हैं.

हालांकि कांग्रेस ने भी अभी तक अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है, लेकिन जानकारों के अनुसार खींवसर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरेन्द्र मिर्धा को टिकट दिया जाना लगभग तय माना जा रहा है. सूत्रों की मानें तो हरेन्द्र मिर्धा को दिल्ली बैठे आलाकमान सहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से भी हरि झण्डी मिल चुकी है. ऐसे में खींवसर सीट पर होने वाला उपचुनाव का ये चुनावी दंगल ओर भी रोमांचक होगा.

फिलहाल सभी की नज़रें इन खींवसर और मंडावा सीटों के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पर टिकी हुई हैं. कौन सी पार्टी किसपर भरोसा जताते हुए उसे ‘जिताऊ’ उम्मीदवार मानकर चुनाव मैदान में उतारती है ये देखना दिलचस्प रहेगा. दोनों ही सीटें राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है.

वीडियो खबर: पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन पर क्या बोले पायलट

राजस्थान (Rajasthan) के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बताया कि पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन को लेकर जो सब कमेटी बनाई गयी, आज उसकी पहली बैठक थी. इसमें सभी जिलों के कलेक्टर्स के यहां से जो प्रस्ताव आए, विभाग उनका अध्ययन कर रहा है. उन मापदंड़ों को लेकर नई पंचायत समितियों के गठन पर कार्य होगा. अगली बैठक शुक्रवार को रखी गई है. 2011 की जनसंख्या के आधार पर इकाईयों का गठन भी किया जा रहा है.

वीडियो खबर: बसपा में चले लात-घूंसे

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 6 विधायकों के अपनी पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जयपुर (Jaipur) में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में जमकर हंगामा हुआ. हंगामा इतना जोरदार हुआ कि कार्यकर्ताओं के दो गुटों में आपस में गाली-गलौच के साथ जमकर लात-घूंसे चले. यहां तक कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सरिये से बसपा प्रदेश महासचिव प्रेम बारूपाल का सिर फोड़ दिया.

वीडियो खबर: बेनीवाल गढ़ में गठबंधन और उपचुनावों पर क्या बोले हनुमान

जाट लैंड खींवसर में 21 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उप चुनावों पर बात करते हुए नागौर सांसद (Nagaur MP) और पूर्व खींवसर (Khinwsar) विधायक हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने कहा कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में RLP की ओर से मैंने यहां जीत दर्ज की. चूंकि अब मैं बीजेपी गठबंधन (RLP-BJP Alliance) की ओर से लोकसभा में पहुंच गया हूं, ऐसे में खींवसर सीट से …