राजस्थान विधानसभा में चिकित्सा विभाग की अनुदान मांगों पर बहस

राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य़ विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब देते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने सरकार ने वित्त विभाग को चिकित्सक के 2000 पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा है. 737 चिकित्सकों की नियुक्ति की स्वीकृति मिली है. उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में चिकित्सा के लिए जो बजट तय किया था, उतना प्रावधान हमारी सरकार ने पहले बजट में किया है. कांग्रेस चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार काम कर रही है. चुनावी घोषणापत्र को सरकारी दस्तावेज मानते हुए फैसले किए जा रहे हैं. रघु शर्मा ने कहा कि सरकार चिकित्सा का अधिकार कानून … Read more

राजस्थान विधानसभाः भाजपा ने फिर किया प्रश्नकाल का बायकाट

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान रोजाना किसी न किसी के मुद्दे पर हंगामा हो जाता है और भाजपा के सदस्य सदन से बाहर चले जाते हैं. हंगामे का कारण पूरक प्रश्न होते हैं जिनको पूछने की अनुमति विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी नहीं देते. यह सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा. भाजपा के विधायक प्रश्नकाल का बायकाट करने के बाद जब शून्यकाल में सदन में लौटे तो उन्होंने फिर हंगामा कर दिया. सीपी जोशी और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की बीच जमकर नोकझोंक हुई. सीपी जोशी ने भाजपा विधायकों से कहा कि सदन मेरे कहने से चलेगा. हंगामा करना है तो बाहर रहें. इस पर राठौड़ ने कहा कि आपकी … Read more

लगता है होटल मालिकों की सेवा में जुटे हैं वन और पर्यटन विभागः हरीश मीना

कांग्रेस विधायक और राजस्थान के पूर्व डीजीपी हरीश मीना ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि ऐसा लगता है, जैसे वन विभाग और पर्यटन विभाग होटल मालिकों की सेवा में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग पीढ़ियों से जंगल में रह रहे हैं, जहां उनकी जमीन है उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए. हरीश मीना बजट में वन, पर्यटन एवं राजस्व विभाग की अनुदान मांगों पर बहस में भाग ले रहे थे.

मीना ने कहा कि जब से वन विभाग बना है, तब से वन भी कटे हैं और जानवर भी घटे हैं. वहां होटल माफिया भी पनप गया है. स्थानीय लोगों की जमीनें छीनकर उन्हें उनके ही गांवों से बेदखल कर दिया गया है. इसमें होटल माफिया, अधिकारी, नेता और बड़े पूंजीपति शामिल हैं. फॉरेस्ट एक्ट में कभी भी बड़े होटल वालों या किसी बड़े ग्रुप का चालान नहीं होता. अगर कोई गांव वाला लकड़ी बटोरने या मवेशी चराने के लिए जंगल में चला जाए तो उस पर फॉरेस्ट एक्ट में चालान हो जाता है. स्थानीय वनवासियों को जबरन परेशान करने का यह सिलसिला रुकना चाहिए.

मीना ने कहा कि बीसलपुर बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले कई गांवों के लोगों को अभी तक जमीन का अधिकार नहीं मिला है. वन विभाग और राजस्व विभाग इस जमीन को अपनी बताते हैं, इसलिए गरीब लोगों के जमीन के पट्टे नहीं बन रहे हैं. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इन लोगों से ज्यादा सुविधाएं सेंट्रल जेल में कैदियों को मिल रही है. उन्होंने राजस्व मंत्री हरीश चौधरी से कहा कि उत्तर प्रदेश और गुजरात में पटवारी के पद समाप्त कर दिए गए हैं. वहां राजस्व रिकॉर्ड का काम ग्राम पंचायतों को दे दिया गया है. इस व्यवस्था में यहां भी कुछ सुधार किया जाना चाहिए. उन्होंने अपने क्षेत्र के हाथी भाटा स्थान को विकसित करने की भी मांग की.

बहस में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक अमीन खान ने गोचर और ओरण जमीन पर अवैध कब्जे का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि कई लोगों ने हजारों बीघा गोचर जमीनें बेच दी हैं. वहां दुकानें बन गई हैं. उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. अमीन खान ने डेजर्ट नेशनल पार्क का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र में एक भी मोर तिलोर, गोडावण और चिंकारा नहीं है, जबकि धोरीमन्ना और चौहटन के गांवों में ये पक्षी और जानवर काफी संख्या में मिल जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि डेजर्ट नेशनल पार्क से इनके गायब होने का कारण यह है कि यहां मस्ती करने वाले लोग उन्हें नोचकर खा गए. डेजर्ट नेशनल पार्क के नाम पर सड़क ही नहीं, बल्कि सेना की जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है.

विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि वन एवं पर्यावरण का मानव सभ्यता के साथ चोली-दामन का साथ है. विकास की होड़ में पर्यावरण इतना बिगड़ा कि ग्रीन हाउस गैसों के कारण धरती का तापमान बढ़ गया है. ग्रीन पीस ने विश्व के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरों का सर्वे किया है. ऐसे शीर्ष 50 शहरों में राजस्थान के सात शहर, जयपुर, जोधपुर, पाली, उदयपुर, अलवर, अजमेर और कोटा शामिल हैं. वनों की कमी के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि विलायती बबूल की जगह परंपरागत बरगद, नीम, खेजड़ी, गूलर आदि के पेड़ लगाए जा सकते हैं. विलायती बबूल हमारे यहां के मौसम के हिसाब से ठीक नहीं है. उन्होंने खेजड़ी पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का सुझाव भी दिया.

बलजीत यादव ने नीमराणा में कारखानों के कारण फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कारखानों को अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से पहले पेड़ लगाने के लिए पाबंद किया जाना चाहिए. उन्होंने बहरोड के तहसीलदार की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कस्बे में रास्तों पर अतिक्रमण हो रहा है. यह अतिक्रमण एक आदमी ने कर रखा है. कई जगह सड़कें रोक दी गई है. पैसे लेकर उन्हें नहीं खोला जा रहा है. अलवर कलेक्टर मौके पर पहुंचे तब सिर्फ एक सड़क खोली गई. दिल्ली के एक भूमाफिया ने अनाज मंडी के लिए अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा कर रखा है. उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने बहरोड मिड-वे को फिर से शुरू करने की मांग की.

गोपाल मीणा ने बहस में भाग लेते हुए रामगढ़ को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने याद दिलाया कि 1982 के एशियाज में नौकायन प्रतियोगिता रामगढ़ में हुई थी. विदेशों में जयपुर का नाम हुआ था. आज रामगढ बांध में पानी नहीं है और खेल गांव सूना पड़ा है, बंद है. बांध में पानी आना चाहिए और क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से फिर मजबूत बनाना चाहिए. बीजेपी सदस्य रामलाल शर्मा ने कहा कि वन क्षेत्र में पानी का इंतजाम हो तो जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में आकर हमला नहीं करेंगे. उन्होंने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि स्कूलों में ही बच्चों को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प दिलाया जाए.

माकपा के बलवंत पूनिया ने वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया और अवैध आबंटनों को निरस्त करने की मांग की. उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, पेड़ कहां लगे, कितने लगे, कौनसे लगे, इसकी जांच होनी चाहिए. वन अधिकारियों के खिलाफ आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यमराज हिसाब करे, उससे पहले संविधान को हिसाब करना चाहिए. बीजेपी के राम प्रकाश कासनिया ने कहा कि सरकारी जमीन पर लोगों ने कई वर्षों से कब्जा कर रखा है.

गिरिराज सिंह ने वन विभाग के अधिकारियों पर पेड़ों की अवैध कटाई करवाने के आरोप लगाए और जांच की मांग की. निर्दलीय विधायक खुशवीर सिंह ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण पर सख्त कानून बनाने, मंजू देवी ने जायल में श्मशान भूमि से अतिक्रमण हटाने और सुरेश टांक ने पटवारियों की भर्ती करने के साथ ही सिवायचक और श्मशान भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की. गोपीचंद ने वन भूमि में बसे आदिवासी लोगों को पट्टे जारी करने, रफीक खान ने जयपुर के जामडोली में वन विभाग की जमीन पर बसे लोगों का अन्यत्र पुनर्वास करने की मांग उठाई.

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के बायकाट का सिलसिला जारी

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को बीजेपी ने लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल का बायकाट किया. बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने बेरोजगारी भत्ते को लेकर सवाल पूछा था. कौशल विकास मंत्री अशोक चांदना ने जवाब दिया कि दिसंबर 2018 से मई 2019 तक अक्षत योजना और मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 40,118 बेरोजगारों को कुल 69.42 करोड़ रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 3500 रु. तक की राशि बेरोजगारी भत्ते के रूप में दी जा रही है. इस पर सराफ ने कहा कि अक्षत योजना तो पिछली सरकार की थी, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारों को कितना भत्ता दिया गया, … Read more

राजस्थान विधानसभा: धारीवाल और राठौड़ से भिड़े स्पीकर जोशी, पिछली सरकार पर भड़के गहलोत

राजस्थान विधानसभा का सत्र जारी है. जमकर राजनीति चल रही है. मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछली बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे. अफसरों पर कार्रवाई को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल में बहस हो गई. सीपी जोशी की नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के साथ भी नोकझोंक हुई, जिसके कारण नारेबाजी के साथ हंगामा हुआ. बीजेपी सदस्यों ने वाकआउट किया. मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट पर बहस का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि रिसर्जेंट राजस्थान और एग्रोटेक के नाम पर पिछली सरकार ने करोड़ों रुपए लुटाए. कोई हिसाब नहीं. इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अफसरों की विदेश यात्राओं के लिए एजेंसी हायर की … Read more

कर्नाटक – गोवा के मद्देनजर राजस्थान-मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट

कर्नाटक और गोवा में कांग्रेस विधायकों को भाजपा की तरफ खींचने का जो अभियान चला, उससे राजस्थान और मध्यप्रदेश में हाई अलर्ट की स्थिति है. इन दोनों राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं और बहुत ही मामूली बहुमत के आधार पर टिकी हुई है. दोनों जगह कांग्रेस सरकारें बाहरी समर्थन की बदौलत चल रही हैं. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के पास पूर्ण बहुमत नहीं है. सपा-बसपा के एक-एक और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार चल रही है. यही स्थिति राजस्थान में है. राजस्थान में भी कांग्रेस का पूर्ण बहुमत नहीं है. करीब एक दर्जन निर्दलीय विधायकों ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त पर … Read more

राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन

PoliTalks news

बीजेपी के लिए एक बड़ी दुखद खबर आयी है. राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन हो गया है. वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती थे. सैनी फैफड़ों में ​इनफेक्शन से पीड़ित थे. तबीयत ज्यादा खराब होने पर मदनलाल सैनी को मालवीय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां उनका उपचार चल रहा था. उसके बाद सैनी को शुक्रवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बीजेपी के आला नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.  बीजेपी के पीपी चौधरी और सीपी चौधरी सहित कई बीजेपी नेता एम्स पहुंच चुके हैं. … Read more

वसुंधरा राजे को साइडलाइन करने में जुटी बीजेपी, विरोधी नेताओं को मौका

PoliTalks news

एक वक्त था जब वसुंधरा राजे मतलब होता था राजस्थान में बीजेपी. लेकिन राजे के नेतृत्व में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी क्या हारी, राजे को साइडलाइन करना शुरु कर दिया है. राजे विरोधी गजेन्द्र सिंह और अर्जुन मेघवाल को मोदी-शाह ने केन्द्रीय मंत्री बनाते हुए व ओम बिड़ला को लोकसभा अध्यक्ष बनाकर इसके संकेत भी दे दिए हैं.

मोदी ने न तो दुष्यंत सिंह को मंत्री बनाया और ही राजे को राज्यसभा से भेजते हुए मंत्री बनाने की कोई मंशा है. लिहाजा सियासी हालात को भांपते हुए राजे ने राजस्थान में दौरे शुरु कर दिए है. जिस तरह की राजनीति बीजेपी राजस्थान में कर रही है उसके तो यही मायने है कि अगले चुनाव में बीजेपी राजे को चुनावी चेहरा नहीं बनाएगी.

राजे विरोधी गुट के नेता बने मंत्री-स्पीकर
वसुंधरा राजे जब राजस्थान में मुख्यमंत्री थी तब पार्टी में उनकी तूती बोलती थी. राजे के बिना राजस्थान में पत्ता तक नहीं हिलता था. यहां तक की एक बार तो राजे ने गजेन्द्र सिंह को मोदी और शाह ने बीजेपी का प्रदेशाध्यक्ष बनाने का फैसला ले लिया था तो राजे ने मोदी को चुनौती दे दी थी.

अंत में राजे के आगे झुकते हुए बीजेपी ने बीच का रास्ता निकालते हुए मदनलाल सैनी को अध्यक्ष बनाया. फिर चुनाव में राजे की पसंद से ही टिकटे बांटी गई लेकिन विधानसभा में चुनाव हारते ही केन्द्रीय नेतृत्व ने राजे को आईना दिखाना शुरु कर दिया. यहां तक की लोकसभा चुनाव में राजे की पसंद के बिना हनुमान बेनीवाल के साथ गठजोड़ किया गया. परिणाम बाद गजेन्द्र सिंह, अर्जुन मेघवाल और ओम बिड़ला को मंत्री और स्पीकर पद पर नवाजा गया. ये तीनों नेता राजे के घोर विरोधी है.

केन्द्रीय नेतृत्व अपनी पसंद का बनाएगा प्रदेशाध्यक्ष
मेंबरशिप के बाद दिसम्बर तक बीजेपी के संगठन चुनाव होंगे. दिसम्बर में प्रदेश बीजेपी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा. तय है कि संगठन से जुड़े किसी नेता को अध्यक्ष बनाया जाएगा. अध्यक्ष भी केन्द्रीय नेतृत्व अपनी पसंद का चुनेगा. अब जब सबकुछ बिना राजे की राय के हो रहा है तो फिर राजे की भविष्य की राजनीति क्या होगा.

फिलहाल राजे के सामने मोदी के साथ चलने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है. अब राजे विरोधी नेता अपने हिसाब से ही राजस्थान में फैसले करेंगे. ऐसे में तय है कि अगला चुनाव मुश्किल ही राजे के नेतृत्व में लड़ा जाए. इन सबके बीच राजे ने अभी हार नहीं मानी है और लगातार राजस्थान के दौरे कर रही है.

राजस्थान में BJP ने 11 लाख नए सदस्य बनाने का रखा लक्ष्य

विपक्ष में रहने के बावजूद राजस्थान में बीजेपी अपनी जमीन मजबूत करने में लगी हुई है. इसके लिए इन दिनों बीजेपी का पूरा फोकस मेंबरशिप पर है. इसकी कमान विधायक सतीश पूनियां को सौंपी गई है. पिछली बार बीजेपी ने प्रदेश में मिस कॉल के जरिए 52 लाख सदस्य बनाए थे. हालांकि टोटल 77 मिस कॉल से पिछली बार 77 लाख सदस्य बनाए गए थे लेकिन बाद में 25 लाख सदस्यों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उनके नाम हटा दिए गए. लिहाजा पार्टी ने मैनुअल फॉर्म के जरिए ही सदस्य बनाने का फैसला लिया है. इस बार पार्टी संविधान के तहत करीब 11 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

6 जुलाई से 30 अगस्त तक सदस्यता अभियान
राजस्थान में सदस्यता अभियान 6 जुलाई से शुरु होगा जो 30 अगस्त तक चलेगा. मेंबरिशप के हिसाब से बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है. देशभर में बीजेपी के 11 करोड़ सदस्य हैं. इस बार इस टोटल में 20 फीसदी बढ़त का लक्ष्य रखा गया है. बीजेपी उन लोगों को सदस्य बनाती है जो पार्टी की रीति नीति से जुड़ना चाहते हैं. जल्द ही इसको लेकर राजस्थान बीजेपी की एक अहम कार्यशाला होगी जिसमें नेताओं को मेंबरशिप के बारे में ट्रेनिंग दी जाएगी.