सचिन पायलट में है कुशल नेतृत्व की क्षमता, 5 साल में पायलट ने पूरा राजस्थान नाप डाला- राजेंद्र राठौड़

Rajendra Rathore
2 Aug 2020
Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने पॉलिटॉक्स न्यूज़ के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में वार्ता की. यहां उन्होंने कांग्रेस की ओर से लगाए गए तमाम आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कांग्रेस की नाव डूबने के कगार पर है. ऐसे में उनका बीजेपी पर आरोप गढ़ना निराधार है. वहीं कांग्रेस विधायकों को जैसलमेर शिफ्ट करने को 'पॉलिटिकल टूरिज्म' बताया. अपनी खास बातचीत में चूरू विधायक और बीजेपी नेता ने स्पीकर सीपी जोशी के वीडियो वायरल होने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जब राज्य के स्पीकर की निजता सुरक्षित नहीं है तो फिर प्रदेश में क्या सुरक्षित रह गया है. राजेंद्र राठौड़ ने सचिन पायलट पर भी खुलकर बात की और कहा कि पायलट ने उस समय राज्य में आंदोलन किये थे जब अशोक गहलोत गुजरात और दिल्ली में आराम फरमा रहे थे. उन्होंने पायलट की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि वो खुद पायलट की कुशल नेतृत्व क्षमता के बड़े प्रशंसक हैं... आइए जानते हैं उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पॉलिटॉक्स न्यूज़ के साथ खास बातचीत में और क्या कहा.. सवाल 1: राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री गहलोत ने एक बार फिर बीजेपी पर प्रहार किया है. गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर एक बार फिर ये कहते हुए खरीद फरोख्त का बड़ा आरोप लगाया कि अब विधायकों को अनलिमिटेड पैसा ऑफर किया जा रहा है. इस पर आप क्या कहेंगे? राजेंद्र राठौड़: मुख्यमंत्री जी की आदत में शुमार हो गया बिना आधार के हलके में बयान देना, जिसके कारण प्रदेश की जनता उनके बयान को ज्यादा तवज्जो नहीं देती. पूरा राजस्थान ये जानता है कि अशोक गहलोत ने कहा था कि मैने मेरे सहयोगी से प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री से बीते डेढ़ साल में कोई बात नहीं की तो कांग्रेस में झगडे की बुनियाद तो वहीं से प्रारम्भ हुई है तो मुख्यमंत्री बीजेपी पर आरोप लगाना बंद करे. आज जब उनकी नाव डूबने कि कगार पर है तो ऐसे में उनका बीजेपी पर आरोप लगाना निराधार है. यह भी पढ़ें: सचिन पायलट की घर वापसी पर बोले सीएम गहलोत- ‘हाईकमान ने माफ किया तो लगा लूंगा गले’ सवाल 2: सियासी गहमागहमी के बीच कुछ विधायकों को जैसलमेर भेजा जा रहा है. कांग्रेस कह रही है कि ये बाड़ेबंदी नहीं है और अब इसी के तहत उन्हें जैसलमेर भेजा जा रहा है. उस पर क्या कहेंगे? राजेंद्र राठौड़: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की सियासत में एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे है. वैश्विक महामारी कोरोना और टिड्डियों के फसलों पर आक्रमण के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान और अब अपनी आपसी कलह के कारण पहले 5 सितारा होटल में और अब स्वर्णनगरी के नाम से विख्यात जैसलमेर में विधायकों की बाड़ेबंदी के रूप में पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे है. मुख्यमंत्री अशोम गहलोत को पॉलिटिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बधाई के पात्र हैं. सवाल 3: कल मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि बीजेपी के नेता चोरी छिपे हॉर्स ट्रेडिंग के लिए दिल्ली जाते है और सफाई में कहते है कि हम दिल्ली नहीं गए तो इस पर आप क्या कहेंगे? राजेंद्र राठौड़: सीएम ने कहीं सविंधान में लिखा हो या उन्होंने कोई आदेश जारी किया हो कि दिल्ली का क्षेत्र हमारे लिए प्रतिबंधित है तो वो हमे बताये, ताकि हमें सफाई देनी पड़े. हम देश के स्वतंत्र नागरिक है. हम कहां जाएं, कहां नहीं ये हमारा मौलिक अधिकार है. कल तक जो ऊंची कुर्सी पर बैठा करते थे, सचिन पायलट के करीबियों के पास से गुजरने वालों से भी मुख्यमंत्री को दुर्गन्ध आती है तो ये दुर्भाग्य है और दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति राजस्थान में प्रारम्भ हो रही है. सवाल 4: कुछ दिन पहले एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम उछला था. अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुल कर उनका नाम ले रहे है और केंद्र सरकार से उन पर कार्यवाही की मांग भी कर रहे है. यह भी पढ़ें: गजेंद्र सिंह शेखावत से इस्तीफा मांगने वाले अशोक गहलोत खुद दें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा- पूनियां राजेंद्र राठौड़: किसी की आवाज के आधार पर यह आरोप लगा देना और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश द्वारा उसे वायरल करना ये गजेंद्र जी की निजता पर सीधा हमला है. आखिर किस आधार पर ये ऑडियो टेप हुए किस जगह पर हुआ, किस अधिकारी के कहने पर और किस कानून के तहत हुआ सबसे पहले वो ये बताये. वो खुद कानून तोड़ रहे है और नया वाटरगेट काण्ड आज राजस्थान की धरती पर हो रहा है. सवाल 5: पहले राजस्थान की सियासत में एक ऑडियो वायरल हुआ जिसे कांग्रेस ने भुनाया. अब एक वीडियो वायरल हो रहा है विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और मुख्यमंत्री के सुपुत्र वैभव गहलोत का. उस पर क्या कहेंगे? राजेंद्र राठौड़: इस वीडियो से मैं आश्चर्यचकित हूं. उनके ड्राइंग रूम से इस वीडियो का वायरल होना दुर्भाग्य है. कहीं न कहीं कोई साजिश हो रही है और इसी के तहत जिन एजेंसियों ने हमारे ऑडियो वीडियो टेप किये थे. गलती से उन्होंने स्पीकर महोदय का ऑडियो वीडियो टेप किया होगा, जरूर इसके पीछे भी कोई षड्यंत्र है जिसकी जांच होनी चाहिए. इस जांच के लिए मैं सीपी जोशी जी से भी कहूंगा कि इसकी जांच कराए कि किस आधार पर उनकी निजता पर यह हमला किया गया. अगर विधानसभा अध्यक्ष की निजता ही सुरक्षित नहीं है तो प्रदेश मैं क्या सुरक्षित है. सवाल 6: आपका कल एक बयान आया कि अगर गहलोत सरकार पायलट खेमे की गिरफ्तारी करवाती है तो जनता उन्हें माफ़ नहीं करेगी. आपके मन में एक दम से पायलट के लिए इतना दर्द क्यों जाग उठा? राजेंद्र राठौड़: जब हम सत्ता में थे तब सचिन पायलट ने प्रदेशाध्यक्ष के नाते पूरे राजस्थान को नाप डाला, आंदोलन किये और उसी समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुजरात और दिल्ली में आराम फरमा रहे थे. सवाल 7: सचिन पायलट की कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांशा थी इसलिए उन्होंने ये कदम उठाया. अगर वे बीजेपी में आते हैं तो क्या बीजेपी में उन्हें मुख्यमंत्री पद ऑफर किया जाएगा? राजेंद्र राठौड़: अभी इस बारे में कुछ भी कहना गलत है. अभी उनका आंतरिक संघर्ष चल रहा है. हम अभी बिलकुल तटस्थ है क्योंकि ये उनका झगड़ा है और इस पर वो जाने उनका काम जाने. अगर वे बीजेपी में आते हैं कि ये नेतृत्व तय करेगा कि क्या करना है क्या नहीं. लेकिन ये सच है कि उनमे कुशल नेतृत्व की क्षमता है और उनकी क्षमता के लिए मैं उनका प्रशंसक जरूर हूं. सवाल 8: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब बीजेपी के बड़े नेता गजेंद्र सिंह शेखावत पर हमला करती है तो बीजेपी खुल कर सामने आ जाती है, लेकिन जब आप ही की सहयोगी पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल दो बार की मुख्यमंत्री रही वसुंधरा राजे पर बड़ा आरोप लगाते हैं तो पार्टी की तरफ से सार्वजनिक तौर पर कोई जवाब नहीं आता. इस पर आप क्या कहेंगे? यह भी पढ़ें: वसुंधरा जैसा दमदार नेता भाजपा में कोई नहीं’- सीएम गहलोत के इस बयान के क्या हैं सियासी मायने राजेंद्र राठौड़: देखिए वसुंधरा राजे जी हमारी नेता हैं दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और इस बारे में प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया और मैंने हम तीनों ने हनुमान बेनीवाल जी से सीधे बात की और उन्हें कहा कि आप गठबंधन मैं है और गठबंधन धर्म की मर्यादाओं का पालन करें. उनके ट्वीटर एकाउंट पर अभी भी ट्वीट्स हैं तो इस बारे में मुझे जानकरी नहीं हैं.