लोकसभा में गूंजा किसानों का मुद्दा, हनुमान बेनीवाल ने मांगी बागवानी व नकदी फसलों पर ज्यादा सहायता

Rajasthan: नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) लोकसभा में एक बार फिर किसानों की आवाज बने. मंगलवार को सांसद बेनीवाल ने लोकसभा में किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए संतरा, किन्नू जैसी बागवानी फसलों तथा जीरा और इसबगोल जैसी नकदी फसलों पर मिलने वाली कम कृषि इनपुट सहायता का विषय प्रश्न के माध्यम से उठाया.

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इन फसलों की खेती में गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, उर्वरक, सिंचाई व्यवस्था और अन्य संसाधनों पर किसानों को अधिक खर्च करना पड़ता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मिलने वाली इनपुट सहायता बहुत कम है. वही सांसद बेनीवाल ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या सरकार State Disaster Response Fund (SDRF) के नियमों में संशोधन कर इन फसलों के नुकसान पर मिलने वाली कृषि इनपुट सहायता की सीमा 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर करने पर विचार कर रही है?

वही इस पर केंद्र सरकार की ओर से Ram Nath Thakur (कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री) ने लिखित जवाब में जानकारी देते हुए बताया कि बागवानी क्षेत्र में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) के दिशा-निर्देशों में वर्ष 2025 में संशोधन किया गया है. इसके तहत संतरा-किन्नू, जीरा और इसबगोल जैसी फसलों के लिए लागत मानदंड और सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है. वही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत प्रदान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है. ऐसी परिस्थितियों में सहायता State Disaster Response Fund (SDRF) और National Disaster Response Fund (NDRF) के माध्यम से राहत के रूप में दी जाती है, न कि मुआवजे के तौर पर.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान के कई जिलों में किसान बड़ी संख्या में जीरा और अन्य नकदी फसलों की खेती करते हैं. इसलिए किसानों को अधिक आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार को इनपुट सहायता की सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. किसानों के हितों से जुड़े इस मुद्दे को वे आगे भी संसद और सरकार के सामने मजबूती से उठाते रहेंगे