राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कुचामन में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है. बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना कोई अपराध नहीं है. उनका आरोप है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन देने पहुंचे RLP कार्यकर्ताओं को पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में उन पर राजकार्य में बाधा डालने जैसे मुकदमे दर्ज कर दिए गए.
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया जाना बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर विपक्षी विचारधारा के लोगों को निशाना बनाया है. उन्होंने विशेष रूप से डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक (SP) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है और इससे प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े होते हैं.
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को मुकदमों, धमकियों और दमनात्मक कदमों के जरिए दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में उठाए जा रहे ऐसे कदमों को प्रदेश की जनता देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी. बेनीवाल ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खुले दमन का उदाहरण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की.
सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार से मांग की कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी कथित झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता सरकार की गलत नीतियों से डरने वाला नहीं है और जनता की आवाज़ न कभी झुकी है और न ही भविष्य में झुकेगी. बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील की.












