टोंक में कंबल वितरण विवाद, पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर मुस्लिम महिला से कंबल वापस लेने का आरोप, कांग्रेस ने भड़का करार दिया, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमाई
BJP Leader Sukhbir Singh Jaunpuria: टोंक जिले की निवाई तहसील के करेड़ा गांव में 22 फरवरी को आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया. कार्यक्रम में मौजूद पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर आरोप है कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला से नाम पूछने के बाद कंबल वापस ले लिया. आरोपों के अनुसार, महिला का नाम सुनने के बाद उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का अधिकार नहीं है और महिला से कंबल छोड़कर अलग खड़े होने को कहा. इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति भी जताई. वही के भाजपा पूर्व सांसद का वीडियो वायरल होने के बाद देश प्रदेश के दिग्गज नेता भाजपा और सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर है हमलावर. प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने पूर्व टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व सांसद ने कंबल वितरण के दौरान एक गरीब मुस्लिम महिला से उसका धर्म पूछा और बाद में कंबल वापस ले लिया. उनके अनुसार, जब ग्रामीणों ने इस कथित व्यवहार का विरोध किया तो उन्हें धमकी भी दी गई. जूली ने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने सांसद जैसे संवैधानिक पद पर कार्य किया हो, उससे इस तरह के आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती.
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी की राजनीति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा नफरत और ध्रुवीकरण पर आधारित हो, तो जमीनी स्तर पर भाजपा नेताओं के ऐसे व्यवहार सामने आना आश्चर्यजनक नहीं है. उन्होंने कहा कि गरीब की कोई जात या बिरादरी नहीं होती, लेकिन नफरत की राजनीति को हमेशा एक दुश्मन की जरूरत होती है.
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार राजस्थान का सौहार्द बिगाड़ने और समाज को बांटने की कोशिश करती रही है, लेकिन राज्य की प्रेम और भाईचारे की परंपरा ऐसी विभाजनकारी सोच को स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने पूर्व सांसद द्वारा कथित रूप से कंबल वापस लेने और अपमानजनक व्यवहार को शर्मनाक और घोर निंदनीय बताया.
विवाद बढ़ने पर जौनपुरिया ने सफाई देते हुए कहा कि यह कोई सरकारी योजना नहीं, बल्कि उनका निजी कार्यक्रम था और इसमें सरकारी धन का उपयोग नहीं हुआ. उन्होंने भेदभाव के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर पर आयोजित किया गया था. तो वही हालांकि, इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई है.










