‘हरियालो राजस्थान’ पर सियासी घमासान: टीकाराम जूली ने सरकार के दावों को बताया खोखला

‘माँ के नाम’ पर इवेंट मैनेजमेंट बंद करे सरकार: टीकाराम जूली बोले- फोटो खिंचवाने से नहीं, बचाने से बचेंगे पेड़

Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार के ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान पर तीखा हमला बोला है. जूली ने सरकार द्वारा किए जा रहे पौधारोपण के दावों को ‘अपूर्ण’ और ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार केवल कागजों पर करोड़ों पौधे लगाकर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है. जूली ने आरोप लगाया कि धरातल पर संरक्षण और पानी के अभाव में बड़ी संख्या में पौधे दम तोड़ चुके हैं, लेकिन सरकार केवल इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त है.

विकास के नाम पर पेड़ों की बलि का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के अंतर्विरोधों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ पौधारोपण का ढोंग किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ पर्यावरण का विनाश जारी है. उन्होंने बारां के शाहाबाद का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली प्लांट के लिए मात्र 22 दिनों के भीतर 1.19 लाख पेड़ों को काटने की मंजूरी दे दी गई. इसी तरह बीकानेर में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर खेजड़ी के हजारों पेड़ों पर प्रहार किया गया। जूली ने चेतावनी दी कि विकास की इस अंधी दौड़ में प्रकृति को पीछे छोड़ना भविष्य के लिए आत्मघाती साबित होगा.

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केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित है अभियान
‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अभियान पर तंज कसते हुए कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने कहा कि भावनात्मक नारों की आड़ में केवल फोटो खिंचवाने का काम हो रहा है. उन्होंने भजनलाल सरकार से सवाल पूछा कि क्या उसमें 19 करोड़ पौधों की जीवितता का आंकड़ा पेश करने का साहस है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पौधे लगाने के इवेंट तो किए, लेकिन उनकी सुरक्षा और सिंचाई के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण प्रदेश के कई जिलों में ये पौधे सूख चुके हैं.

अवैध खनन और अतिक्रमण पर घेरा
कांग्रेस नेता जूली ने राज्य की कानून व्यवस्था और पर्यावरण नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि चारागाह भूमियों पर अतिक्रमण बढ़ रहा है और अरावली की पहाड़ियों का सीना अवैध खनन से छलनी किया जा रहा है. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जो सरकार सरिस्का जैसे संरक्षित क्षेत्रों में माइनिंग लॉबी के आगे झुक गई हो, उसके पर्यावरण संरक्षण के दावे पूरी तरह बेमानी हैं. पुराने जंगलों को बचाने में नाकाम सरकार नए पौधे लगाने का झूठा श्रेय ले रही है.

स्वतंत्र ऑडिट की मांग और विधानसभा में घेराव की चेतावनी
वही टीकाराम जूली ने सरकार से मांग की है कि इन 19 करोड़ पौधों की किसी स्वतंत्र एजेंसी (थर्ड पार्टी) से निष्पक्ष ऑडिट करवाई जाए ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से एक-एक पौधे का हिसाब मांगेगा. जूली ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे को राजनीतिक कार्यक्रमों और इवेंट्स में बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा.

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