बुद्ध पूर्णिमा पर बोले पीएम मोदी ‘बुद्ध के संदेश पर चल कर दुनिया की मदद कर रहा है भारत’

कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किए जाने वाले एक वर्चुअल कार्यक्रम में वीसी के जरिए हुए शामिल, संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए बोले पीएम मोदी- बुद्ध के कदमों पर चलकर लाभ हानि नहीं देखी जाती

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Narendra Modi
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पॉलिटॉक्स न्यूज. आज बुद्ध पूर्णिमा है और इस पावन पर्व पर एक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें दुनिया के कई बड़े बौद्ध नेता शामिल हुए. इसके तहत दुनिया में जारी कोरोना वायरस के कहर के खिलाफ फ्रंटफुट पर लड़ाई लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स का दुनियाभर में सम्मान किया गया. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीसी के जरिए कार्यक्रम में शामिल हुए और संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने दुनिया को सेवा करने का संदेश दिया है. इसी राह पर चलते हुए आज देश दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी तरह से लोगों को सेवाएं दे रहा है. कार्यक्रम के तहत कोरोना वायरस से पीड़ित और कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया गया. कार्यक्रम में दुनियाभर के कई बौद्ध नेता शामिल हुए जिन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी इस जंग में अपनी ओर से राय रखी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस बार परिस्थितियां अलग हैं. दुनिया मुश्किल वक्त से गुजर रही है. आपके बीच आना मेरे लिए सौभाग्य होता, लेकिन मौजूदा स्थिति इसकी इजाजत नहीं देती है. अभी हालात ऐसे नहीं हैं लेकिन इसलिए दूर से ही टेक्नोलॉजी के माध्यम से आपने मुझे अपनी बात रखने का अवसर दिया, इसका मुझे संतोष है. पीएम ने कहा कि भारत आज बुद्ध के कदमों पर चलकर हर किसी की मदद कर रहा है, फिर चाहे वो देश में हो या फिर विदेश में, इस दौरान लाभ-हानि को नहीं देखा जा रहा है.

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आगे अपने सम्बोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत बिना स्वार्थ के साथ इस वक्त दुनिया के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है. हमें अपने साथ-साथ अपने परिवार, आसपास की सुरक्षा करनी होगी. संकट के समय में हर किसी की मदद करना ही सबका धर्म है. उन्होंने ये भी कहा कि इस समारोह को कोरोना वैश्विक महामारी से मुकाबला कर रहे पूरी दुनिया के हेल्थ वर्कर्स और दूसरे सेवा-कर्मियों के लिए प्रार्थना सप्ताह के रुप में मनाने का संकल्प लिया है. प्रधानमंत्री ने इसके लिए संगठन के प्रयासों की सराहना भी की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा काम निरंतर सेवा भाव से होना चाहिए. दूसरे के लिए करुणा-सेवा रखना भी जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल परिस्थिति में आप सभी अपना, अपने परिवार का, जिस भी देश में आप हैं, वहां का ध्यान रखें. अपनी रक्षा करें और यथा-संभव दूसरों की भी मदद करें. उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीवन की मुश्किल को दूर करने के संदेश और संकल्प ने भारत की सभ्यता एवं संस्कृति को हमेशा दिशा दिखाई है. भगवान बुद्ध ने भारत की इस संस्कृति को और समृद्ध किया है. वो अपना दीपक स्वयं बनें और अपनी जीवन यात्रा से, दूसरों के जीवन को भी प्रकाशित कर दिया.

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों में, दुनिया में अपनी-अपनी तरह से लोगों की सेवा कर रहा है. फिर चाहे सड़क पर लोगों को कानून का शासन करवाना हो या बीमार का इलाज करना हो, हर कोई अपनी ओर से सेवा कर रहा है. आज दुनिया उथलपुथल है, ऐसे वक्त में बुद्ध की सीख जरूरी है. ऐसे समय में जब दुनिया में उथल-पुथल है, कई बार दुःख-निराशा-हताशा का भाव बहुत ज्यादा दिखता है, तब भगवान बुद्ध की सीख और भी प्रासंगिक हो जाती है.

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कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुद्ध किसी एक परिस्थिति तक सीमित नहीं हैं, वह हर किसी को मानवता के तहत मदद करने का संदेश देते हैं. आज समाज की व्यवस्था बदल चुकी हैं, लेकिन भगवान बुद्ध का संदेश वही है और हमारे जीवन में उसका एक विशेष स्थान रहा है. पीएम ने कहा कि भारत आज प्रत्येक भारतवासी का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास तो कर ही रहा है, अपने वैश्विक दायित्वों का भी उतनी ही गंभीरता से पालन कर रहा है.

बता दें, बुद्ध पूर्णिमा पर आयोजित यह आयोजन कोविड-19 के पीड़ितों और फंट्रलाइन वारियर्स, जैसे मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर और पुलिसकर्मी तथा अन्य के सम्मान में आयोजित किया गया है. वैसाख बुद्ध पूर्णिमा को तिहरे धन्य दिवस यानी तथागत गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में माना जाता है.

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