राजस्थान की भजनलाल सरकार में कृषि मंत्री किरोडी लाल मीणा इन दिनों लगातार छापेमार कार्रवाईयों को लेकर चचाओं में हैं. मंत्री बनने के बाद से मंत्री मीणा प्रदेश के कई जिलों में खाद व बीज कंपनियों पर छापेमार कार्रवाई कर वहां पाई जाने वाली अनियमितताओं को उजागर कर चुके हैं. आज फिर से मंत्री मीणा एक्शन में नजर आए और जयपुर के कानौता में जैविक उर्वरक निर्माण इकाई पर कार्रवाई करते हुए कई गंभीर अनियमितताएं उजागर की.
मंत्री मीणा ने आज जयपुर के कानौता स्थित हीराबाला इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स इकाई के निरीक्षण के दौरान जैविक उर्वरक निर्माण एवं भंडारण से संबंधित गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया. इस दौरान मंत्री मीणा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मेरे निरीक्षण में पाया गया कि जैविक उर्वरक का निर्माण निर्धारित मानकों के विपरीत किया जा रहा था. जैविक उर्वरक के निर्माण हेतु आवश्यक तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, जबकि इकाई में इसे 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तैयार किया जा रहा था. विशेषज्ञों के अनुसार इतने अधिक तापमान पर जैविक उर्वरक में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव एवं उसकी गुणवत्ता प्रभावित होकर नष्ट हो सकती है.
मंत्री किरोडी लाल मीणा ने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त विभिन्न जैविक उर्वरकों के पैकेजिंग एवं लेबल पर भ्रामक जानकारियां अंकित पाई गईं, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 19 का उल्लंघन है. निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कच्चे माल (रॉ मटेरियल) का रख-रखाव व्यवस्थित नहीं था. इसके साथ ही आवश्यक पहचान संबंधी लेबल भी नहीं लगाए गए थे. मंत्री मीणा ने आगे कहा कि जांच में यह भी पाया गया कि दानेदार जैविक उर्वरक की वैधता अवधि सामान्यतः 6 माह होती है जबकि उत्पाद के कंटेनरों पर 24 माह तक उपयोग योग्य होने का उल्लेख किया गया था, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली सूचना है.
मंत्री किरोडीलाल मीणा ने कहा कि इकाई में उर्वरकों का भंडारण भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे अवैध एवं अनियमित भंडारण की स्थिति सामने आई है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों द्वारा नमूने लेकर विस्तृत जांच की जा रही है. इसके साथ विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. मंत्री मीणा ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.











