महाराष्ट्र की राजनीति ने याद दिलाई ‘चक दे इंडिया’ – ’70 घंटे हैं तुम्हारे पास, जी-भरकर खेलो’

महाराष्ट्र में नियमों के मुताबिक केवल 70 घंटे बचे, अगले तीन दिनों में अगर सरकार नहीं बनती तो निश्चित तौर पर लगेगा राष्ट्रपति शासन, वापिस भी हो सकते है महाराष्ट्र चुनाव

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पॉलिटॉक्स ब्यूरो. ’70 मिनिट है तुम्हारे पास. जाओ और जी-भरकर खेलो’ शाहरुख खान की ‘चक दे इंडिया’ फ़िल्म का ये डायलॉग आज महाराष्ट्र में एकदम सटीक बैठ रहा है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम को आए 12 दिन पूरे हो चुके है लेकिन प्रदेश में भाजपा और शिवसेना के बीच का फुटबॉल मैच खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा. ये दोनों एक दूसरे के गोल पोस्ट में गोल दागने की जी तोड़ कोशिश कर रहे है लेकिन हो नहीं पा रहा. अब शिवसेना ने मैच के गोलकीपर यानी शरद पवार से भी मैच फिक्सिंग यानी गठबंधन की गुजारिश की लेकिन इससे भी बात नहीं बनी. अब नियमों के मुताबिक केवल 70 घंटे यानी 3 दिन बचे है. इन तीन दिनों में अगर सरकार नहीं बनती तो निश्चित तौर पर महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा. चुनाव वापिस भी हो सकते है. अगर ऐसा होता है तो सबसे ज्यादा नुकसान जिस टीम यानी दल को होगा वो और कोई नहीं बल्कि शिवसेना होगी. (Maharashtra Politics)

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संवैधानिक नियमों के अनुसार, चुनाव के 15 दिनों के भीतर राज्यपाल सरकार गठन की प्रक्र‍िया को पूरा करे. लेक‍िन क‍िसी कारणवश सरकार गठन की प्रक्र‍िया पूरी नहीं होती है या यूं कहें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन (Maharashtra Politics) के कोई रास्ते नहीं न‍िकलते हैं तो ऐसी स्थ‍ित‍ि में राज्यपाल, धारा 356 के तहत राष्ट्रपत‍ि शासन/आपातकाल के ल‍िए राष्ट्रपत‍ि से स‍िफार‍िश कर सकता है. इसके बाद राज्य की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति के हाथों में आ जाएगी. संसद राज्य विधानसभा के सभी कार्यों को देखेगी. इन बातों का असर न्यायपालिका पर नहीं पड़ेगा. संसद को इस पर दो महीनों के अंदर सहमति देनी होती है.

राष्ट्रपति शासन की अवधि 6 महीने या एक साल की होती है. अगर राष्ट्रपति शासन को एक साल पूरा होने के बाद भी आगे बढ़ाना होता है तो इसके लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होती है. अगर चुनाव आयोग सहमति दे भी देता है तो राष्ट्रपति शासन तीन साल की अवधि से ज्यादा नहीं लगाया जा सकता. राष्ट्रपति शासन के दौरान भी राज्यपाल दलों को सरकार बनाने का निमंत्रण दे सकता है. अगर किसी भी पार्टी ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया तो सरकार बन जाती है. अन्यथा राष्ट्रपति शासन के अधिकतम अवधि के बाद दोबारा चुनाव कराए जाते हैं.

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मौजूदा समय में देवेंद्र फडणवीस कार्यकारी मुख्यमंत्री हैं. राष्ट्रपति शासन लागू होने या नयी सरकार बनने तक वे इस पद पर बने रहेंगे. अगर नयी सरकार बनती है या भाजपा फिर से सरका बनाती है तो फडणवीस को फिर से मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण करनी होगी. अब महाराष्ट्र (Maharashtra Politics) के सभी मुख्य दल यथा भाजपा, शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के पास कुल मिलाकर 70 घंटे हैं जोड़ तोड़ की सियासी राजनीति का खेल खेलने के लिए. अगर कोई गोल कर देता है यानि बहुमत साबित कर देता है तो सरकार बन जाएगी, अन्यथा महाराष्ट्र टाई मैच खेलने यानि राष्ट्रपति शासन की ओर अग्रसर है.

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