स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ कार्यक्रम में नहीं जुटी भीड़, अखिलेश यादव का आयोजन में कड़ी शर्तों के लेकर योगी सरकार पर करारा हमला, कहा – ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ !
उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ तीखे हमलों को लेकर चर्चित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को आज लखनऊ में आयोजित गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध कार्यक्रम में लोगों की भीड़ नहीं जुटने से जोरदार झटका लगा. 3 दिवसीय गौ-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कई दिनों से तैयारियां कर रहे थे और इसे यूपी सरकार के खिलाफ एक आंदोलन के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कार्यक्रम में पहुंचे तो पांडाल में खाली कुर्सियां देककर उन्हें निराशा हुई. हालांकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्षी नेता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन कर लगातार विवाद को हवा देने की कवायद में जुटे हैं. बार-बार इस विवाद में बयानबाजी को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश यादव अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गये हैं. सरकार-संतों के विवाद को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव में सवर्ण मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं.
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आपको बता दें कि माघ मेले में हुए विवाद के बाद से योगी आदित्यनाथ और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आमने-सामने है और विवाद यहां तक पहुंच गया कि दोनों ने एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणियां की. विवाद के चलते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद माघ मेले से बिना स्नान किये लौट गये, लेकिन उनकी मुश्किलें खत्म नहीं हुई और प्रयागराज के झूंसी थाने में उनके खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न के आरोप में पोक्सो एक्ट तहत कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज हो गई. हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. FIR दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज की पोक्सो कोर्ट में अर्जी दाखिल कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को विदेश जाने से रोकने और उनकी गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की है. जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है.
अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कार्यक्रम में लगाई गई कड़ी शर्तों को लेकर X पर पोस्ट कर निशाना साधा है. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कार्यक्रम को लेकर यूपी सरकार की ओर से लगाई कड़ी शर्तों को आतार्किक बताते हुए सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट में कहा कि सरकार ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम को लेकर कोरोना काल से भी कड़ी शर्तें लगाई है. अखिलेश यादव ने उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि ‘आंख व मुंह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, ये शर्त भी रख देते’. अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी की भाजपा सरकार विशेष समाज के सम्मान की अवहेलना कर रही है और अपमान का रास्ता अपनाकर समाज के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है. भाजपा के कुछ जनप्रतिनिधि मंत्री, सांसद, विधायक और पार्षद भी इस मामले में समाज के सामने अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हैं. वो भी इस मामले में अपने समाज से मुंह छिपा रहे हैं लेकिन भाजपा की भट्टी पर अपने स्वार्थ की रोटी सेंकने वाले ऐसे भाजपाई जनप्रतिनिधि, अपने ही समाज में सम्मान खो चुके हैं और जनता अगले चुनाव में उनको सबक सिखाएगी.
वहीं, अखिलेश यादव ने ये भी इशारा किया कि अपनी सरकार की नीतियों से असंतुष्ट बीजेपी के कुछ नेता दूसरे राजनीतिक दलों से संपर्क कर रहे हैं. X पर पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि जो कुछ लोग अपने समाज के सच्चे शुभचिंतक हैं वो उन अन्य दलों के संपर्क में हैं जो सदैव सनातन और इस समाज का सम्मान भी करते रहे हैं.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गौ प्रतिष्ठा जनजागरण कार्यक्रम को लेकर लगाई गई 26 कड़ी शर्तों को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाये. 26 शर्तों में covid-19 की गाइडलाइन की पालना के भी निर्देश दिये गये हैं. अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा है कि क्या ‘Covid-19’ अभी भी चल रहा है ? अगर ये सच है तो सरकार की अपनी किस मीटिंग या भाजपा के किस आयोजन में इसका आख़िरी बार अनुपालन हुआ, उसका प्रमाण दे. उन्होंने चर्चित बाटी-चोखा बैठक के लेकर साधते हुए कहा कि क्या इसीलिए ‘बाटी-चोखा’ वाली बैठक पर पाबंदी लगाई गयी थी ?
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि अतार्किक बंदिशें लगाना कमज़ोर सत्ता की पहचान होती है. उन्होंने कार्यक्रम को लेकर लगाई गई शर्तों को निंदनीय और घोर आपत्तिजनक करार देते हुए कहा ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ !
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध कार्यक्रम को लेकर सरकार ने लगाई थी ये 26 शर्तें.
- कार्यक्रम के दौरान किसी भी वक्ता द्वारा धर्म, जाति. संप्रदाय एवं भाषा के खिलाफ कोई भी भड़काऊ भाषण नहीं दिया जाएगा.
- कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक व्यक्तियों, धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विद्वेष फैलाने वाली भाषा, अमर्यादित, असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं किया जाएगा.
- कार्यक्रम में शामिल नाबालिग बच्चों से किसी प्रकार के विवादित नारे आदि नहीं लगवाए जाएंगे.
- कार्यक्रम के दौरान अनुमन्य संख्या में ही दो पहिया और चार पहिया गाड़ियों को प्रवेश दिया जाए, जिससे आयोजन के दौरान सार्वजनिक मार्ग, यातायात, जन सुविधा और सामान्य जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े.
- कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक ध्वज दंड के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के घातक वस्तु का उपयोग नहीं किया जाएगा.
- कार्यक्रम में प्रस्तावित मांगों का ज्ञापन, सभास्थल पर उपलब्ध सक्षम अधिकारी के माध्यम से सौंपे जाएंगे.
- कार्यक्रम के दौरान किसी भी अप्रिय या असहज स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजक गण की होगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
- कार्यक्रम के दौरान भीड़ को लेकर लगाए गए पुलिस बल का भुगतान आयोजकों द्वारा किया जाएगा.
- शांत क्षेत्र में किसी प्रकार के संगीत ढोल-लाउड स्पीकर प्रणाली का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा.
- यातायात और अग्निशमन विभाग से संबंधित जितने भी निर्देश, मानक और प्रतिबंधों हैं, उनका पालन किया जाएगा.
- प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में अगर किसी स्थान को लेकर किसी संस्था या विभाग से परमिशन लेनी होगी तो ये आयोजक अपने स्तर से खुद लेंगे. इसी के साथ सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद ही उस स्थान पर कार्यक्रम करेंगे.
- सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों की पार्किंग नहीं की जाएगी. किसी भी दशा में सड़क एवं यातायात बाधित नहीं करेंगे.
- ध्वनि के संबंध में आस-पास की वायु गुणवत्ता के मानक ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथा संशोधित के नियम 3(1) और 4(1) के अनुरूप लागू होंगे, जिसका अनुपालन करना होगा.
- उपरोक्त अनुज्ञा की शर्तों और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 यथा संशोधित के प्रावधानों का उल्लंघन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा-15 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है.
- इस अनुमति के आधार पर आवेदक विधि द्वारा स्थापित किसी अन्य नियम, उपनियम, शासनादेश, सर्कुलर के अधीन किसी अन्य अनुमति, अनापत्ति, लाइसेंस से मुक्त नहीं होगा.
- धारा 172 बीएनएसएस के प्रावधानों के दृष्टिगत शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा.
- सार्वजनिक स्थान, जहां लाउड स्पीकर या संबोधन प्रणाली या ध्वनि का कोई अन्य स्रोतों जैसे डीजे आदि उपयोग में लाया जा रहा है, में ध्वनि का स्तर, क्षेत्र के लिये निर्धारित स्तर से 10 डेसीबल अधिक या अधिकतम 75 डेसीबल जो भी कम हो. से अधिक नहीं होगा.
- कार्यक्रम के दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की आतिशबाजी व अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग नहीं किया जाए. हर्ष फायरिंग भी नहीं की जाएगी. अगर कोई घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आयोजक की होगी.
- किसी भी दशा में पंडाल 3 मीटर से कम ऊंचाई में न लगाया जाए. पंडाल बनाते समय सेन्थेटिक सामग्री का बना कपड़ा या रस्सी प्रयोग में लाए.
- कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में निजी सुरक्षा कर्मी लगाना तय करें. किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न करें. यातायात व्यवस्था बाधित न करें.
- किसी भी प्रकार की विरोधात्मक उत्तेजनात्मक सांप्रदायिक, जाति विशेष पर टीका-टिप्पणी नहीं करेंगे.
- उच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण पर प्रतिबंध रहेगा. आयोजन के दौरान रात्रि 10 बजे से प्रात 6 बजे तक ध्वनि प्रसारण यंत्रों का प्रयोग नहीं करेंगे.
- आयोजक द्वारा कार्यक्रम स्थान के किराए आदि के सम्बन्ध में नगर निगम और अन्य विभागों को स्वयं के स्तर से भुगतान करना होगा.
- कोविड-19 से संबंधित गाइड लाइन का अक्षरशः पालन किया जाएगा.
- किसी भी प्रकार के जुलूस शोभा यात्रा की अनुमति नहीं है.
- उपरोक्त शर्तों का पूर्ण रूपेण पालन किया जाए. किसी भी शर्त का उल्लंघन होने एवं किसी विशेष परिस्थिति में अनुमति स्वतः ही निरस्त मानी जाएगी.










