Rajasthan: लोकसभा में वित्त विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे सदन में उठाए.
चर्चा में भाग लेते हुए बेनीवाल ने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी, तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों—विशेषकर राजस्थान—के किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की. सांसद बेनीवाल ने कहा कि किसानों को बार-बार नुकसान झेलना पड़ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से ठोस राहत नहीं मिल रही.
इसके साथ है सांसद हनुमान बेनीवाल ने अर्द्धसैनिक बलों और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू करने, ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पैरा मिलिट्री जवानों को शहीद का दर्जा देने, और अग्निवीर योजना के बजाय नियमित सेना भर्ती प्रक्रिया बहाल करने की भी मांग उठाई.
वित्त विधेयक पर सवाल उठाते हुए सांसद बेनीवाल ने कहा कि यह केवल करों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा.
महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सांसद बेनी ने कहा कि आज खाद्य पदार्थों से लेकर ईंधन तक हर चीज महंगी हो चुकी है, जिससे आम आदमी की स्थिति लगातार खराब हो रही है. अगर देश की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो आम आदमी की जेब खाली क्यों होती जा रही है?”—यह सवाल उन्होंने सरकार से सीधे पूछा।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां बड़े कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में झुकी हुई हैं, जबकि आम जनता पर अप्रत्यक्ष करों का बोझ बढ़ता जा रहा है. इससे आर्थिक असमानता लगातार गहराती जा रही है.
सांसद बेनीवाल ने जीएसटी व्यवस्था और बाजार की स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि सिलेंडरों की कालाबाजारी पर नियंत्रण नहीं है और कुछ जगहों पर होटल बिलों में अनावश्यक शुल्क जोड़े जा रहे हैं, जो उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है.
संघीय ढांचे पर बात करते हुए नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राज्यों को उनका वित्तीय हिस्सा समय पर नहीं मिल रहा, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे सामाजिक क्षेत्रों में अपेक्षित बजट वृद्धि न होने पर भी सरकार की आलोचना की.
वही अंत में उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने की मांग करते हुए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में कमी लाने पर जोर दिया.
यह मांगे भी उठाई
सांसद हनुमान बेनीवाल ने नागौर जिला मुख्यालय पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया का आरबीओ कार्यालय पुन: प्रारम्भ करने
नागौर जिले में कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कम्पनियों का क्लेम हब कार्यालय नागौर में ही शुरू करने
नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले सहित पश्चिमी राजस्थान के लिए विशेष जल योजना बनाने
एक निश्चित आय तक आईटीआर दाखिल करने वाले किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देने
पीएम किसान सम्मान निधि बढाकर एक लाख रूपये करने
सांसद कोष वार्षिक न्यूनतम बीस करोड़ रूपये करने व केसीसी में संशोधित ब्याज सहायता योजना (MISS) में शर्तो में शिथिलिता देते हुए टाइम लिमिट की शर्त हटाने तथा नागौर लोक सभा क्षेत्र के नागौर व डीडवाना – कुचामन जिले में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गाँव जहाँ कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखा नहीं है, वहां कोई न कोई राष्ट्रियकृत बैंक की शाखाएं खोलने की मांग की










