राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाडियों को अब गहलोत सरकार देगी सीधी सरकारी नौकरी

खेल और खेल प्रतिभाओं को बढावा देने के लिए अब एक ऐसी पॉलिसी हम लेके आए हैं जिसमें राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाडियों को सीधी नौकरी मिल सकेगी- अशोक चांदना

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खेल मंत्री अशोक चांदना
खेल मंत्री अशोक चांदना

पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. प्रदेश में खेलों और खिलाडियों को बढावा देने के लिए गहलोत सरकार की ओर से विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं. गहलोत सरकार ने अपने पिछले डेढ साल के कार्यकाल में पुरानी कहावत खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब, पढोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब को बदलकर पढोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे लाजवाब करने काम किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसी बदली हुई कहावत को मध्येनजर रखते हुए खेल और खिलाडियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक ओर बडा फैसला लिया है. प्रदेश में अब राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडियों को राज्य सरकार में सीधी नौकरी मिल सकेगी.

खेल मंत्री अशोक चांदना ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पहले ऐसा प्रचलन था कि पढने लिखने से ही नौकरी मिल सकती है. लेकिन हमने कहा है खेलोगे कूदोगे तो बनोगे लाजवाब इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है. खेल और खेल प्रतिभाओं को बढावा देने के लिए अब एक ऐसी पॉलिसी हम लेके आए हैं जिसमें राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाडियों को सीधी नौकरी मिल सकेगी. इन खिलाडियों को वैकेन्सी नहीं भी होगी तो भी नौकरी इस पॉलिसी के तहत मिल सकेगी ऐसी पॉलिसी हम लेके आएं है. मुख्यमंत्री गहलोत की इच्छा के अनुरूप हमने यह पॉलिसी बनाई है.

मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने अपने कार्यकाल में 2016 में खिलाडियों को नौकरी देने के लिए पॉलिसी बनाई गई थी. इस पॉलिसी में विसंगतियों के कारण एक भी खिलाडी को इस पॉलिसी से नौकरी नहीं मिल पाई. खेलों को बढावा देने के लिए हमने इस पॉलिसी में बदलाव किए है. अब प्रदेश के राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय खेलों में पदक प्राप्त करने वाले खिलाडियों को विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती मिल सकेगी. नौकरी के खिलाडियों को वैकेन्सी का भी इंतजार नहीं करना पडेगा.

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मंत्री अशोक चांदना ने आगे बताया कि 2016 के बाद राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाडियों के लिए ए, बी, सी तीन कैटेगिरी बनाई गई है. कैटेगिरी ए में 10, बी में 13, सी में 443 खिलाडी प्रदेश के है. इन सभी 466 खिलाडियों को विभिन्न विभागों में आने वाले एक साल में नौकरी मिलेगी. आज लॉन्च किए गए ऐप्लीकेशन फॉम को भरकर खिलाडी खेल विभाग को देंगे. इसके बाद जल्द से जल्द उन्हे नौकरी मिलेगी. इस पॉलिसी में पहले क्रिकेट शामिल नहीं था अब क्रिकेट को भी शामिल किया गया है. यह पॉलिसी सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में खिलाडियों को 2 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा से अलग है.

गौरतलब है कि गहलोत सरकार द्वारा पिछले डेढ सालों में खेलों और खिलाडियों को बढावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए है. दिसंबर माह में सरकार ने राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाडियों को सरकारी नौकरी में 2 प्रतिशत का आरक्षण देने की घोषणा की थी. इसके बाद जनवरी में आलंपिक की तर्ज पर स्टेट गेम्स का आयोजन किया गया था जिसमें प्रदेश के हजारों खिलाडियों ने हिस्सा लिया था. ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेलों को बढावा देने के सरकार बहुत जल्द प्रदेशभर में ग्रामीण खेलों का आयोजन करने जा रही है.

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