Ashok Gehlot Big Statement: पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बयान, केंद्र की मोदी सरकार पर भड़के अशोक गहलोत, जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के मामले में बोले अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता गहलोत ने कहा- यूपीए सरकार के समय जब अन्ना हजारे ने आंदोलन किया था, तब सरकार ने उनसे संवाद का रास्ता चुना था और श्री विलासराव देशमुख खुद उनसे बात करने गए थे, इसके विपरीत, आज की सरकार का रवैया बिल्कुल अलग है, चाहे किसान आंदोलन के दौरान सरकार की निष्ठुरता रही हो, चाहे महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण विरोध के दौरान सड़कों पर घसीटने की घटना हो, या फिर अपने अधिकारों की आवाज़ उठाने वाले पूर्व सैनिकों के साथ किया गया शर्मनाक व्यवहार, मोदी सरकार ने बार-बार यह साबित किया है कि जो भी उसकी नीतियों का विरोध करता है, उसका दमन किया जाएगा, गहलोत ने आगे कहा- लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध नागरिकों का अधिकार होता है, लेकिन इस सरकार के दौर में उसके लिए भी जगह लगातार सिमटती जा रही है, लोकतंत्र में डायलॉग किया जाता है, तानाशाही में बलप्रयोग, आज सोनम वांगचुक के अनशन पर दिल्ली पुलिस द्वारा भाजपा सरकार की शह पर बल का खुला इस्तेमाल किया जाना न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर धब्बा भी है, पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे महात्मा गाँधी के देश भारत में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है
'अन्ना हजारे से संवाद हुआ, सोनम वांगचुक पर बल प्रयोग क्यों?'-अशोक गहलोत का बड़ा सवाल










