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इधर मध्यप्रदेश में उलझी रही कांग्रेस, उधर गुजरात में भी हो गया खेल

16 मार्च 2020
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इधर मध्यप्रदेश में उलझी रही कांग्रेस, उधर गुजरात में भी हो गया खेल

पॉलिटॉक्स न्यूज/गुजरात. मध्य प्रदेश में सियासी संकट अभी तक बना हुआ है और कांग्रेस का पूरा ध्यान मध्य प्रदेश पर लगा हुआ है. इसी के चलते मप्र में कांग्रेस के 81 से अधिक विधायकों ने पिछले चार दिनों से जयपुर में डेरा जमाया हुआ था. गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस का सारा ध्यान मप्र और जयपुर पर लगा रहा और उधर बीजेपी ने गुजरात में खेल कर दिया. गुजरात में बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस के 4 विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया. गुजरात की चार सीटों में से तीन सीटों पर राज्यसभा के लिए नामांकन कर ऐसी किसी घटना के होने के इसके संकेत तो पहले … Read more

पॉलिटॉक्स न्यूज/गुजरात. मध्य प्रदेश में सियासी संकट अभी तक बना हुआ है और कांग्रेस का पूरा ध्यान मध्य प्रदेश पर लगा हुआ है. इसी के चलते मप्र में कांग्रेस के 81 से अधिक विधायकों ने पिछले चार दिनों से जयपुर में डेरा जमाया हुआ था. गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस का सारा ध्यान मप्र और जयपुर पर लगा रहा और उधर बीजेपी ने गुजरात में खेल कर दिया. गुजरात में बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस के 4 विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया. गुजरात की चार सीटों में से तीन सीटों पर राज्यसभा के लिए नामांकन कर ऐसी किसी घटना के होने के इसके संकेत तो पहले से ही दे दिए थे लेकिन कांग्रेस इसे भांप नहीं सकी.

गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस के चार विधायकों ने उन्हें अपने इस्तीफे सौंपे हैं. इन विधायकों में जेवी काकड़िया, प्रवीण मारू, प्रद्युम्न सिंह जडेजा और सोमाभाई पटेल हैं. इससे पहले कांग्रेस ने गुजरात में भी तोड़फोड़ करने और विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप बीजेपी पर लगाया था. यही वजह है कि गुजरात कांग्रेस के 14 विधायकों को एक विमान से शनिवार रात जयपुर लाया गया था. गुजरात कांग्रेस में ये संकट राज्यसभा चुनावों को देखते हुए माना जा रहा है.

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गौरतलब है कि गुजरात की 182 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 103 सीटें हैं. वहीं कांग्रेस के पास 73, भारतीय ट्राइबल पार्टी के पास दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पास एक सीट और एक सीट निर्दलीय विधायक के पास है. कांग्रेस को दो सीटें जीतने के लिए कुल 74 वोटों की जरूरत होगी. एनसीपी और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी के वोट कांग्रेस के पक्ष में जाने हैं. लेकिन 4 विधायकों के इस्तीफे के बाद अब दो सीटें जीतना कांग्रेस के लिए दूर की कोड़ी नजर आने लगी है.

संख्या बल के हिसाब से बीजेपी और कांग्रेस को राज्यसभा की दो दो सीटें मिलना तय था लेकिन बीजेपी ने दो नहीं बल्कि तीन सीटों पर नामांकन दर्ज किए. दो सीटों पर बीजेपी की जीत तय है लेकिन तीसरी सीट के लिए बीजेपी को अलग से 8 वोटों की जरूरत होगी. बीजेपी को पूरा भरोसा है कि कांग्रेस के विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे जिससे तीसरी सीट उनके पक्ष में आ जाएगी.

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन भाजपा की ओर से अभय भारद्वाज, रमीला बेन बारा और तीसरे उम्मीदवार के रूप में नरहरि अमीन ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं, कांग्रेस की तरफ से शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी ने नामांकन पत्र भरा है. कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफा देने के चलते बीजेपी के तीन उम्मीदवारों के उच्च सदन में जाने के अवसर बढ़ गए हैं.

इससे पहले कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने की वजह से मप्र में सियासी संकट पैदा हो गया. यहां कमलनाथ सरकार में 22 कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया जिसके चलते कांग्रेस सरकार पर अल्पमत में आने का संकट आ गया है.

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