सीएम गहलोत ने अनाधिकृत लोगों की आवाजाही रोकने के लिए राज्य की सीमाएं सील करने के दिए निर्देश

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप पात्रता पूर्ण करने वाले व्यक्ति को जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर स्वीकृति गृह विभाग के स्तर पर जारी की जाएगी, अन्य कोई अधिकारी इसके लिए अनुमति नहीं दे सकेगा, अगर किसी ने अनुमति दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी- सीएम गहलोत

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

पॉलिटॉक्स न्यूज़/राजस्थान. कोरोना कहर चलते जारी लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे लोगों का राजस्थान में आवागमन जारी है. केंद्र सरकार की राज्यों को प्रवासियों के घर वापसी की अनुमती देने के बाद राज्य सरकार ने प्रवासियों के लिए पोर्टल पर पंजीयन की व्यवस्था शुरू की है. पोर्टल पर पंजीयन करने वाले प्रवासियों को सरकार की ओर से विभिन्न प्रदेशों से बस और ट्रेन के माध्यम से आवाज7की सुविधा दी गई है. इसके बावजूद दूसरे राज्यों से सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया को पूरा किए बिना लोगों का प्रदेश में आना जारी है. ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. इसको देखते हुए अनाधिकृत लोगों के प्रवेश को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बडा निर्णय लेते हुए राज्य की सभी अन्तरराज्यीय सीमाओं को सील कर रेगुलेट करने के निर्देश दिए है. जिससे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर अधिकृत व्यक्ति ही राज्य में प्रवेश कर सकेंगे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पिछले दिनों में देश के कई राज्यों में कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. देशभर में पिछले तीन दिन में 10 हजार कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए है. देश के अन्य राज्यों से भारी संख्या में बिना अनुमति के लोगों के प्रवेश की संभावनाओं के मद्देजनर सीमाएं सील करने का फैसला लिया गया है. सीएम गहलोत ने आगे कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

सीएम गहलोत ने बताया कि अन्तर्राज्यीय आवागमन की अनुमति केवल भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं शर्तों की कड़ाई से पालना करते हुए ही दी जाएगी. सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि इसके लिए मुख्य सचिव अन्य सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यह सूचित करें कि राजस्थान में आने के लिए केंद्रीय गृह मत्रांलय के दिशा-निर्देशों में अनुमत श्रेणी के उन्हीं लोगों को आवागमन की अनुमति दी जाएगी, जो इसकी सभी शर्तें पूरी करेंगे तथा राजस्थान सरकार की पूर्व सहमति भी प्राप्त करेंगे.

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य से बाहर की यात्रा के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप पात्रता पूर्ण करने वाले व्यक्ति को जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर स्वीकृति गृह विभाग के स्तर पर जारी की जाएगी. अन्य कोई अधिकारी इसके लिए अनुमति नहीं दे सकेगा. अगर किसी ने अनुमति दी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. केवल मेडिकल इमरजेंसी एवं परिवार में मृत्यु के मामलों में राज्य के कलेक्टर ई-पास जारी कर सकेंगे, जिसकी सूचना उसी दिन राज्य के गृह विभाग को देनी होगी. इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार की पूर्व अनुमति के पश्चात ही दूसरे राज्य राजस्थान में आने के लिए परमिट जारी करेंगे.

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केंद्र सरकार की पहल पर विदेशों से आने वाले लोगों को लेकर सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि विदेश से आने वाले व्यक्ति जहां भी लैण्ड करेंगे, उन्हें वहीं पर संस्थागत 14 दिन क्वारेंटीन किया जाएगा तथा इसके बाद उनकी कोरोना जांच की जाएगी. होम क्वारेंटीन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को आवश्यक रूप से सरकारी संस्थागत क्वारेंटीन में रखा जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी.

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