राजस्थान उच्च न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को रखा बरकरार, आज जोधपुर बेंच ने 2018 में निचली अदालत द्वारा दी गई इस सजा के खिलाफ दायर अपील को किया खारिज, जस्टिस अरुण कुमार मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने सुनाया फैसला, हाईकोर्ट ने इस मामले की अपीलों पर फरवरी से अप्रैल 2026 के बीच नियमित की थी सुनवाई, दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने 20 अप्रैल 2026 को अपना फैसला रख लिया था सुरक्षित, जिसे आज किया गया सार्वजनिक, अदालत ने स्पष्ट किया कि 2013 में आश्रम में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मुख्य आरोप पूरी तरह पाए गए हैं सही, इसके लिए निचली अदालत द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा रहेगी यथावत, इन दिनों आसाराम खराब स्वास्थ्य और अधिक उम्र के कारण लंबे समय से अंतरिम मेडिकल बेल पर चल रहे हैं बाहर, लेकिन आज अपील खारिज होने के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में तुरंत आत्मसमर्पण करने का कड़ा दिया है सख्त आदेश
आसाराम को बडा झटका: हाईकोर्ट ने बरकरार रखी उम्रकैद, मेडिकल बेल खत्म, जाना होगा जेल

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