अयोध्या मामला में नई याचिका दाखिल, अधिग्रहीत जमीन वापस देने का विरोध

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लंबे समय से देश में चल रहे अयोध्या मामले में अब एक नई याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है. राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में निर्मोही अखाड़ा ने यह याचिका दाखिल की है. याचिका में केंद्र सरकार की अयोध्या में अधिग्रहीत की गई अतिरिक्त जमीन को वापस देने की अर्जी का विरोध किया है. अखाड़ा ने कहा है कि केंद्र के जमीन अधिग्रहण करने से अखाड़ा द्वारा संचालित कई मंदिर नष्ट हो गए. ऐसे में केंद्र को ये जमीन किसी को भी वापस करने के लिए नहीं दी जा सकती. राम जन्मभूमि न्यास को अयोध्या में बहुमत की जमीन नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट को पहले भूमि विवाद … Read more

सूर्यनगरी में जुटे कांग्रेस के दिग्गज, वैभव गहलोत के समर्थन में जनसभा

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सूर्यनगरी जोधपुर आज कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का गढ़ बनी हुई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, बीडी कल्ला, मानवेंद्र सिंह और चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के साथ कई कांग्रेसी नेता और दिव्या मदरेणा सहित कई विधायक यहां मौजूद हैं. मौका है वैभव गहलोत के नामांकन का. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र जोधपुर लोकसभा सीट से कांग्रेसी उम्मीदवार हैं और आज नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं. नामांकन के पहले एक जनसभा रखी गई है जहां सभी राजनेता वैभव गहलोत के पक्ष में जनता से वोट अपील कर रहे हैं. पावटा चौराहे स्थिति जनसभा को वैभव गहलोत खुद भी संबोधित करेंगे. जोधपुर कांग्रेस का … Read more

राजस्थान: राजनीति की दिशा तय करेंगे जोधपुर के चुनावी परिणाम

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देश में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां अहम चुनाव बता रही हैं. कांग्रेस इन चुनावों में लोकतंत्र और संविधान बचाने की दलील देते हुए भाजपा सरकार को हटाने का आह्वान कर रही है तो भाजपा मजबूत और सशक्त सरकार बनाने के नाम पर एक बार पुनः जनता से वोट मांग रही है. इन सबसे बीच जोधपुर सीट के चुनावी परिणाम राजस्थान की राजनीतिक की दिशा और दशा तय करने वाले साबित होंगे.

जोधपुर सीट से एक ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पुत्र वैभव गहलोत की राजनीतिक लॉन्चिंग की है तो दूसरी तरफ बीजेपी ने एक बार फिर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर दांव खेला है. कहने को तो यह मुकाबला गजेंद्र सिंह शेखावत और वैभव गहलोत के बीच है लेकिन वैभव के पीछे अशोक गहलोत खुद यहां से चुनाव लड़ रहे हैं. इस वजह से खुद गहलोत की साख इस सीट के चुनावी परिणाम पर टिकी हुई है. इस हिसाब से जोधपुर सीट के चुनावी परिणाम प्रदेश की राजनीति के भविष्य के लिए काफी अहम साबित होंगे.

अशोक गहलोत यदि अपने सुपुत्र वैभव गहलोत को यहां से विजयश्री दिलवाने में सफल रहते हैं तो अशोक गहलोत का न केवल प्रदेश में बल्कि आलाकमान के सामने भी कद बढ़ेगा. साथ ही अपनी ही पार्टी के राजनीतिक विरोधियों के विरोध के स्वर भी धीमे होंगे. अब ऐसा नहीं होता है और वैभव को इस सीट से हार मिलती है तो अशोक गहलोत के राजनीतिक कैरियर में ठहराव आ सकता है. इस पराजय के बाद गहलोत के विरोधी इसे आलाकमान के सामने अशोक गहलोत की असफलता बताएंगे.

इस बार के विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर जिस तरह की कशमकश हुई थी, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अशोक गहलोत का चौथी बार मुख्यतंत्री दावेदार बनना मुमकिन नहीं होगा. पिछले लोकसभा चुनावों में मोदी लहर में बहते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत अपनी नैया को पार लगाने में सफल हुए थे. इस बार भी उनके टिकट को लेकर संशय के बादल थे लेकिन कुशल वाकपटुता और संघ के नजदीकी होने का लाभ उन्हें मिला और एक बार फिर वह जोधपुर लोकसभा सीट से मैदान में हैं.

अगर वैभव को पटखनी देकर शेखावत यहां से जीत दर्ज करते हैं तो निश्चित तौर पर न केवल बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने बल्कि प्रदेश में भी उनका राजनीतिक कद ऊंचा होगा. इसके बाद अगर केंद्र में मोदी की सरकार बनती है तो गजेंद्र सिंह को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है. साथ ही उन्हें प्रदेश का भावी प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार भी माना जाएगा. वहीं अगर गजेंद्र सिंह यहां से पराजित होते हैं तो उनके राजनीतिक जीवन में ठहराव की स्थिति भी आ सकती है.

पिछले चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह विश्नोई का टिकट काटकर जब उन्हें उम्मीदवार बनाया गया था तो इसका कई जगह पर विरोध हुआ था. इस वजह से गजेंद्र के भविष्य के लिए उन्हें यहां से जीत दर्ज करना जरूरी होगा. यही वजह है कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों के स्थानीय कार्यकर्ता और सभी विधायकों ने चुनावी प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. खासतौर पर कांग्रेस विधायकों को इस बात का एहसास है कि यदि वैभव यहां से ​जीत दर्ज करते हैं तो इसका सीधा लाभ उन्हें मिलेगा. वहीं गजेंद्र को विजयश्री दिलाकर बीजेपी नेता केन्द्रीय नेतृत्व के सामने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक शक्ति का एहसास करा सकेंगे जो भविष्य में उनके लिए फायदे का सौदा साबित होगा.

‘हेमा मालिनी ने उज्जवला योजना की पोल खोल दी’

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लोकसभा चुनाव आने के बाद चुनावी प्रत्याशी जनता का अटेंशन पाने के लिए न जाने क्या-क्या कर जाते हैं. हाल में संबित पात्रा ने एक गरीब के घर खाया खाते हुए एक फोटो ट्वीट की थी. अब मथुरा से बीजेपी प्रत्याशी और बॉलीवुड ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया को अपना चुनावी प्रचार का अड्डा बनाया है. उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. एक बुजुर्ग महिला सिर पर लकड़ियां ले जा रही थीं और हेमा मालिनी ने उन्हें रोक साथ में फोटो क्लिक की. इस फोटो के लिए उनका सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बनाया जा रहा है. इस फोटो पर रिट्वीट करते हुए … Read more

विजय माल्या को बड़ा झटका, प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका खारिज

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भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन के हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने माल्या की ओर से प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद माल्या के भारत आने की उम्मीद बढ़ी है. आपको बता दें कि लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने 10 दिसंबर 2018 को माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. प्रत्यर्पण संधि की प्रक्रियाओं के तहत चीफ मजिस्ट्रेट का फैसला गृह मंत्री जावीद को भेजा गया था, क्योंकि सिर्फ गृह मंत्री ही माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश देने के लिए अधिकृत हैं. इसके बाद ब्रिटेन के गृह मंत्री ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावीद ने माल्या … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने EVM-VVPAT पर्ची मिलान का दायरा बढ़ाने को कहा

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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ईवीएम और वीवीपैट के मिलान का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को आदेश दिया है कि लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभाओं के पांच बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट का मिलान किया जाए। इससे पहले हर विधानसभा के एक पोलिंग बूथ पर ही पर्चियों का मिलान होता था। इस व्यवस्था के खिलाफ 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इससे पहले तक सभी विधानसभा क्षेत्रों के केवल एक पोलिंग बूथ पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता रहा है. इससे पहले चन्द्रबाबू नायडू के अलावा शरद पवार, केसी वेणुगोपाल, डेरेक ऑब्रान, अखिलेश … Read more

लोकसभा चुनाव: BJP का संकल्प पत्र जारी, राष्ट्रवाद और किसानों पर फोकस

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लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है. इस घोषणा पत्र का नाम ‘संकल्पित भारत सशक्त भारत’ दिया है. 48 पन्नों के संकल्प पत्र को 12 श्रेणियों में बांटा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी कार्यालय दिल्ली में इस संकल्प पत्र का उदघाटन किया. कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, अरूण जेटली और राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. राजनाथ सिंह की अगुवाई में संकल्प पत्र को तैयार किया गया है. मंच को सबसे पहले अमित शाह, राजनाथ सिंह, अरूण जेटली और सुषमा स्वराज ने संबोधित किया. राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए इसे प्रेक्टिकल दस्तावेज बताया. उन्होंने बताया … Read more

मायावती के ‘मुस्लिम बयान’ पर चुनाव आयोग सख्त, रिपोर्ट मांगी

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सहारनपुर के देवबंद में आयोजित महागठबंधन की चुनावी रैली में बसपा प्रमुख मायावती के ‘मुस्लिम बयान’ को लेकर चुनाव आयोग सख्त नजर आ रहा है. उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. चुनाव आयोग ने कहा है कि मायावती के इस बयान पर कई शिकायतें मिली थी, जिसके बाद आयोग ने यह कदम उठाया है. दरअसल देवबंद में सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन की पहली चुनावी रैली में रविवार को मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं का आह्वान करते हुए कहा था, ‘भाजपा को कांग्रेस नहीं हरा सकती. उसे सिर्फ महागठबंधन हरा सकता है. लिहाजा मुस्लिम मतदाता कांग्रेस को वोट देकर उसे ज़ाया करने के बजाय महागठबंधन प्रत्याशियों के पक्ष में एक तरफा मतदान करें.’ मायावती के इस बयान पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है.

राठौड़ का कहना है कि मायावती द्वारा मुसलमानों से एक राजनीतिक दल को वोट न देने की अपील करना धार्मिक उन्माद फैलाने वाला है. साथ ही यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन भी है, लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. वहीं दूसरी ओर मायावती का ऐसा बयान ध्रुवीकरण को भी बढ़ावा दे सकता है जिसका नुकसान महागठबंधन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उठाना पड़ सकता है क्योंकि मुस्लिमों से एकतरफा वोट की अपील पर हिंदू वोटरों पर इसका उल्टा असर हो सकता है.

इस चुनावी रैली में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं. हमारे जवान मर रहे हैं बीजेपी की ज़िम्मेदारी है. ये महापरिवर्तन का चुनाव है. ये दूरियों को मिटाने का चुनाव है. हमें नफ़रत की दीवार गिरानी है. उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस है वही बीजेपी है, जो बीजेपी है वही कांग्रेस है. कांग्रेस परिवर्तन नहीं चाहती वो अपनी पार्टी बनाना चाहती है. आपको देखना होगा कि कौन परिवर्तन लाएगा.’