



सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन लखनऊ की सोहावाल तहसील के धानीपुर गांव में चुनी गई है. उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह जमीन जिला मुख्यालय से सिर्फ 18 किलोमीटर दूर रौनाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत है. इसका सड़क संपर्क बहुत अच्छा है. केंद्र अब यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट को भेजेगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड भी अपने ट्रस्ट का गठन करेगा और इसका नाम ‘इंडो इस्लामिक कल्चर ट्रस्ट’ रखा गया है. गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा. इसमें राजनीति से जुड़ा कोई भी प्रतिनिधि नहीं होगा. उन्होंने इस ट्रस्ट की घोषणा करने के लिए पीएम मोदी को बधाई दी. गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट में चारों मठों के शंकराचार्यों समेत 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें एक दलित समाज का सदस्य होगा. हालांकि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने ट्रस्टी में दलित के साथ एक ओबीसी प्रतिनिधि को भी शामिल करने की अपील की. ताजा जानकारी के अनुसार, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया गया है.Government of India issues gazette notification over setting up of the Trust, ' Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra', for the construction of Ram Temple in Uttar Pradesh's Ayodhya. pic.twitter.com/k3ym9Z3kXC
— ANI (@ANI) February 5, 2020
श्री राम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार आज भारत सरकार ने अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण की दिशा में अपनी कटिबद्धता दिखाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से ट्रस्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। — Amit Shah (@AmitShah) February 5, 2020वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने ट्वीट में कहा, 'भव्य राम मंदिर को लेकर जिस तरह समाज के सभी वर्गों में सौहार्द्र और भाईचारे की मजबूत डोर दिखी, उससे पता चलता है कि भारतीय समाज का ताना-बाना कितना मजबूत है. मैं इसके लिए समस्त देशवासियों का अभिनंदन करता हूं'.
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद को तोड़ने की घटना को न हम भूले हैं और न ही हमारी पीढ़ियों को भूलने देंगे. उन्होंने कहा कि संसद का सत्र 11 फरवरी को समाप्त होगा. यह घोषणा दिल्ली चुनाव के बाद भी हो सकती थी. हम भाजपा की सोच से चिंतित हैं. यह भी पढ़ें: बुर्के में कैमरा छिपाकर शाहीन बाग पहुंची महिला को ट्वीटर पर फॉलो करते हैं पीएम मोदी! यूट्यूब चैनल चलाती है गुंजा बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 134 साल पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर 9 नवंबर को फैसला सुनाया था. इसके तहत अयोध्या की 2.77 एकड़ की पूरी विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी गई. सुप्रीम कोर्ट ने 1045 पेज के फैसले में कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बने और इसकी योजना तैयार की जाए. शीर्ष अदालत ने मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दिए जाने का फैसला सुनाया, जो कि विवादित जमीन की करीब दोगुना है.पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का अनुरोध यूपी सरकार से किया गया जिस पर सहमति प्रदान कर दी गई है। मै इसके लिए योगी @myogiadityanath जी उनकी सरकार को भी धन्यवाद देता हूँ और देश के यशस्वी प्रधानमत्री @narendramodi जी का अभिनंदन करता हूँ ।
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) February 5, 2020


