हनुमान बेनीवाल की हुंकार से झुका प्रशासन, रात 11 बजे खत्म हुआ 81 दिनों का धरना!

Rajasthan: जोधपुर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित किसानों की मांगों पर आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और देर रात करीब 11 बजे हुई वार्ता में सर्विस रोड निर्माण, अंडरपास, मुआवजे की विसंगतियां दूर करने सहित कई अहम मांगों पर सहमति बन गई. 81 दिनों से जारी इस आंदोलन को उस समय निर्णायक मोड़ मिला, जब नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जाजीवाल भाटियान पहुंचे और किसानों के समर्थन में जोधपुर कूच की चेतावनी दी, जिसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया, वहीं उन्होंने मंच से भाजपा और कांग्रेस पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जनता के हक के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेंगे.

वही धरने को संबोधित करते हुए सांसद बेनीवाल ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सत्ता में रहकर नेताओं ने केवल किसानों के नाम पर वोट लिए, लेकिन उनके हक की लड़ाई नहीं लड़ी। उन्होंने भोपालगढ़ क्षेत्र के लेवी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जाट और माली समाज ने संघर्ष किया, लेकिन राजनीतिक समझौतों के चलते कई बार आंदोलन कमजोर पड़ गए. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने की राजनीति में भी किसान हित पीछे छूट गए.

सांसद हनुमान बेनीवाल ने खुद को किसानों के संघर्ष से जुड़ा बताते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता सुख छोड़कर किसानों के साथ सड़क पर बैठना बेहतर समझा. उन्होंने जनता से अपील की कि वे यह पहचानें कि कौन नेता सिर्फ राजनीति कर रहा है और कौन वास्तव में जनता और किसानों के लिए संघर्ष कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी तीसरे मोर्चे के रूप में दोनों राष्ट्रीय दलों के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है और सड़क से लेकर सदन तक जनता के मुद्दे उठा रही है.

धरने के दौरान संघर्ष समिति ने परियोजना से जुड़ी गंभीर समस्याएं गिनाईं. किसानों ने बताया कि रिंग रोड निर्माण के कारण खेतों तक पहुंच बाधित हो गई है, मुआवजे में भारी विसंगतियां हैं, निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब है और जलभराव की समस्या बढ़ रही है. ग्रामीणों ने मांग की कि तुरंत सर्विस रोड बनाई जाए, मुआवजा दोबारा तय कर जल्द भुगतान किया जाए, परियोजना की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही पेड़ों की कटाई के बदले वृक्षारोपण, वैज्ञानिक जल निकासी, अंडरपास व पुलिया के डिजाइन में सुधार और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की भी मांग रखी गई.

हनुमान बेनीवाल द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर जोधपुर कूच की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया. देर रात करीब 11 बजे अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच लंबी वार्ता हुई, जिसमें एनएचएआई और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वार्ता के बाद कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें सर्विस रोड का प्रस्ताव तैयार करना, अंडरपास निर्माण, मुआवजे की विसंगतियां दूर करने के लिए सरपंचों के साथ बैठक, सीएसआर फंड से विकास कार्य, वर्षा से पहले वृक्षारोपण और सड़क निर्माण प्रस्ताव शामिल हैं.

रात 11 बजे तक चली लंबी वार्ता के बाद इन बिंदुओं पर सहमति बनी:

सर्विस रोड: सर्विस रोड का एस्टीमेट बनाकर तुरंत भेजा जाएगा

अंडरपास व लाइट: नए अंडरपास का निर्माण और हाई मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी

मुआवजा: विसंगतियां दूर करने के लिए बुधवार को सरपंचों के साथ विशेष बैठक होगी

विकास कार्य: निर्माण कंपनी सीएसआर (CSR) फंड से क्षेत्र में विकास कार्य करवाएगी

पर्यावरण: वर्षा ऋतु से पहले बड़ी संख्या में खेजड़ी के पौधे लगाए जाएंगे

नई सड़क: जाजीवाल कल्ला से रतकुड़िया तक 68 किमी सड़क का प्रस्ताव CRIF के तहत भेजा जाएगा