‘युद्ध नहीं बातचीत से खत्म होगा तनाव’- पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का संबोधन

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नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और भारत के सामने आई चुनौतियों पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी. पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिमी देशों में हालत चिंताजनक है. इससे पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर विपरीत असर हो रहा है. भारत के सामने इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी है. पीएम मोदी ने कहा कि 3 हफ्ते से ज्यादा समय से यह सकंट जारी है. पूरी दुनिया इसके जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है.

पीएम मोदी ने भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा कि हमने सभी से तनाव कम करने की अपील की है. कमर्शियल जहाजों पर हमला और रुकावट अस्वीकार्य है. भारत सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में काम करते हैं. जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से प्रभावित देशों में हर भारतीय को जरूरी मदद दी जा रही है. सभी देशों ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है.

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पीएम मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोगों की मौत हुई और कुछ घायल हुए हैं. प्रभावित परिवारों से बातचीत कर मदद पहुंचाई जा रही है. वहां रहने वाले भारतीयों को हमारे मिशन जरूरी मदद पहुंचा रहे हैं. भारत में और बाकी देशों में 24X7 हेल्पलाइन शुरू की गई है. पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है. पीएम ने कहा कि अभी 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं. ईरान से ही 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजें होर्मुज से आती हैं. युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन बाधित है. सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस का संकट ना हो. भारत में LPG का बड़ा हिस्सा आयात होता है. हमने एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्जन किया है. पहले 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था अब 41 देश हो गए हैं और देश में भी LPG का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है.

पीएम ने कहा कि बीते दशक में भारत ने संकट के इसी समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है. आज हमारे पास 65 लाख मीट्रिक टन रिजर्व की व्यवस्था है. सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स से संपर्क में है. तेल, गैस, फर्टिलाइजर से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे, इसके लिए सहयोगियों से सरकार लगातार संवाद कर रही है.

पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है. आपात स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं. पीएम ने कहा कि एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है. ग्लोबल नीड को पूरा करने वाला सोर्स वेस्ट एशिया है. भारत पर इस युद्ध के दुष्प्रभाव का असर कम हो इसके लिए एक रणनीति से काम कर रहे हैं.