राज्यसभा में NDA को बढ़त मिलने से बदले सियासी गणित, विपक्ष बैकफुट पर

राज्यसभा में एनडीए को 10 सीटों का फायदा, 37 में से 22 सीटों पर जीत, उच्च सदन में बीजेपी 100 के पार, बिहार में सभी पांचों सीटें विपक्ष ने गंवाई

10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके हैं. एनडीए ने 22 और विपक्ष ने 15 सीटें जीतीं हैं. एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ है. वहीं, विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान हुआ. पहले एनडीए के पास 12 और विपक्ष के पास 25 सीटें थीं. इन 37 सीटों में से 26 पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. तीन राज्य हरियाणा, बिहार और ओडिशा में 11 सीटों पर चुनाव हुए. इनमें से 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं. विपक्ष को 2 सीटें मिलीं. बिहार में विपक्ष के 4 विधायक वोट डालने ही नहीं पहुंचे. इससे बीजेपी को फायदा मिला. इन सभी 37 राज्यसभा सांसदों का कार्यक्राल अप्रैल में खत्म हो रहा है. राज्यसभा में NDA को बढ़त मिलने से सियासी गणित में बड़ा बदलाव देखने को मिला है.

बिहार में विपक्ष ने पांचों सीटें गंवाई

बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव में हार्स ट्रेडिंग में एनडीए ने महागठबंधन को मात दे दी. RJD के एडी सिंह चुनाव हार गए. एनडीए के सभी 5 उम्मीदवार चुनाव जीत गए. इनमें JUD के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीएम नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा, केन्द्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश राम शामिल हैं.

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दरअसल RJD दोपहर तक अपने उम्मीदवार के जीतने की दावेदारी कर रही थी. पर शाम 4 बजे मतदान खत्म होने के समय तक कांग्रेस के 3 और RJD के 1 विधायक महागठबंधन उम्मीदवार को वोट देने नहीं पहुंचे. मतदान में इन 4 विधायकों के शामिल नहीं होने से एडी सिंह को 41 वोट की जगह 37 वोट ही पड़े.

हरियाणा में बीजेपी-कांग्रेस को एक-एक सीट

हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए नतीजा वोटिंग के करीब 9 घंटे बाद आधी रात को 1 बजे जारी हुआ. बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने जीत हासिल की है. भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा. चुनाव में 90 विधायकों के वोट थे, जिनमें से इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के 2 विधायकों ने वोट नहीं डाला. कांग्रेस के 4 और भाजपा का 1 वोट रद्द हो गया, जिसके चलते 83 वोट वैध माने गए. बीजेपी के 48 वोट थे. एक वोट रद्द हो गया. पहली प्राथमिकता में वाले वोट भाटिया को 39 और नांदल को 8 मिले. कांग्रेस के 37 विधायक थे. 4 वोट रद्द हो गए. 5 ने क्रॉस वोटिंग की. ऐसे में 28 वोट बचे.

संजय भाटिया को पहली प्राथमिकता के 27.66 वोट मिले. निर्दलीय नांदल को 27.34 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 28 वोट मिले. इस प्रकार, नांदल, बौद्ध से केवल 0.66 वोट, यानी एक वोट से भी कम अंतर से हार गए.

ओडिशा: निर्दलीय की जीत ने चौंकाया

ओडिशा में भाजपा के मनमोहन सामल, सुजीत कुमार और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे ने जीत हासिल की. चौथी सीट पर बीजू जनता दल (BJD) के संत्रुप्ता मिश्रा विजयी हुए. BJD के दत्तेश्वर होता को हार का सामना करना पड़ा. भुवनेश्वर में राज्यसभा की वोटिंग के दौरान BJD और भाजपा के विधायकों के बीच हाथापाई हुई.

7 राज्यों में 26 उम्मीदवार निर्विरोध जीते

अन्य राज्यों में हुए राज्यसभा चुनावों में 26 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल की. महाराष्ट्र की 7 में से एक सीट पर विपक्ष के शरद पवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे. तीन सीटें बीजेपी और एक-एक सीट एनसीपी, शिवसेना और आरएलपी के खाते में आयी. एनसीपी की ओर से पार्थ पवार राज्यसभा पहुंचे.

तमिलनाडू की 6 सीटों में से एनडीए के दो और विपक्ष की ओर से 6 सदस्य राज्यसभा पहुंचे. बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 4 और बीजेपी का एक उम्मीदवार राज्यसभा पहुंचा. असम में तीनों सीटों पर एनडीए को जीत मिली. तेलंगामा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल की 5 सीटों में सभी पर कांग्रेस के प्रत्याशी उच्च सदन पहुंचे.

सीटें बढ़ने के बाद सदन में सियासी समीकरण भी बदल गए हैं. अब राज्यसभा में एनडीए का संख्या बल 141 हो गया है. बीजेपी के पास 106 सीटें हैं, जबकि विपक्ष के पास 102 सीटें हैं. ऐसे में अब बीजेपी अकेले ही किसी भी बिल को पास कराने में सक्षम है, बशर्ते अन्य सहयोगी दल ​विपक्ष में न जाए.